आज जिस ढंग से अजय चन्दानी के बंगले में दाखिल हो रहा था, वह मौत के मुंह में दाखिल होने से कम नहीं था, लेकिन अजय तो जैसे इस सच को जानकर भी झुठला रहा था। चन्दानी के चीतों को कई दिनों से किसी इंसान का मांस नहीं मिला था। कौन बनने वाला था आज उनका निवाला?
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बोझिल पलकें, भाग-23
जिस अंशु को अजय अपनी जिंदगी में उम्मीद की किरण मान बैठा था, वही अंशु आज अजय के अपराधी होने की सारी सच्चाई जानकर उससे मुंह फेरे बैठी थी। तो क्या अजय औऱ अंशु का प्यार पैदा होने से पहले ही दम तोड़ने वाला था?
