गृहलक्ष्मी की कहानियां – उस दिन मन नहीं लग रहा था। बहुत बोरियत महसूस हो रही थी। कालेज की छुट्टियां जो चल रही थीं। लग रहा था मानो जिंदगी पर ही ब्रेक लग गया हो। कुछ करने के लिए हो ही न… और जब काम हो तो काम की थकान, रोज यही इच्छा होती है कि […]
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मिलन यामिनी
यामिनी एकाएक असहज हो उठी। वजह भी वाजिब थी- अभी मिले पत्र का अटपटा शुरूआती मजमून और बेतरतीब भाषा। हालांकि पत्र के अंत तक पहुंचते वह नाॅर्मल हो गई थी और चेहरे पर मुस्कान थिरकने लगी थी। ‘‘पतंग-डोर की भांति हम परस्पर जुड़े थे, असंगत हालात ने हमारे बीच दूरियां बढ़ा दीं। तेज हवा के […]
बहके कदम
स्कूल की आधी छुट्टी की घंटी बजते ही बच्चों का एक विशाल समूह ऐसे बाहर लपका, मानो अचानक किसी बाड़े का गेट खुला हो। पता नहीं यह बच्चे ऐसे क्यूं भागते हैं, मानो किसी जेल से छूटे हों। शायद बच्चों के स्वभाव में ही गति होती है। इसी भीड़ में मीनू और गीता बड़े हौले […]
गृहलक्ष्मी की कहानियां : सन्धि वार्ता
गृहलक्ष्मी की कहानियां : टिफिन बन गया कि नहीं ? मुझे देर हो रही है।” राजाराम ने चिल्लाकर राजरानी से कहा। उधर से कोई जवाब नहीं आया। राजाराम अंदर देखने गया राजरानी बिस्तर पर लेटी थी। इसका मतलब था, आज भी खाना नहीं बनेगा। महाभारत की रचना शुरू हो चुकी थी। महारानी लेटी पड़ी है […]
कपूत – गृहलक्ष्मी कहानियां
‘‘सर यहां पर झांसी से कोई वर्मा सर हैं क्या? उनके घर से अर्जेंन्ट फोन आया है कोई सीरियस है, कह दें अविलम्ब घर से सम्पर्क करें। एक व्यक्ति मैसेज देकर चला गया। फाइवर ग्लास वर्किंग पर एक वर्कशाप का आयोजन केन्द्रीय विद्यालय नं. 1 कैन्ट नई दिल्ली में किया गया था।
गृहलक्ष्मी की कहानियां : ‘देवदूत’
गृहलक्ष्मी की कहानियां : पल्लव आज की डाक में एक खूबसूरत से शादी के कार्ड काे खाेल ही रहा था, उसकी आईएएस बैचमेंट रिया का फोन आ गया। पल्लव, साॅरी मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती। मैंने शिवम् से शादी करने का फैसला लिया है। महत्वाकांक्षी रिया ने पल्लव काे पसन्द किया था, क्याेंकि वह आईएएस परिवार से […]
गृहलक्ष्मी की कहानियां – दिल की जीत
श्रेया का बार-बार शादी करने को लेकर इंकार करना, उसके मम्मी-पापा को परेशान कर रहा था, वो श्रेया की नहीं का कारण जानना चाहते थे लेकिन जान नहीं पा रहे थे।
आकांक्षाएं और अनुभूति
राधिका भीगी आवाज में कहती है- लो मां, फीता खोलो………. उद्घाटन करो। आज आपका व अंकल का स्वप्न पूरा होने जा रहा है। मां नम आखों से फीता खोलकर अनुभूति अस्पताल का उद्घाटन करती है। पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज जाता है। पूरे गांव में अपार हर्ष है। अब अपने गांव में कोई गरीब बिना दवा […]
मानवता
वह बस में बैठी हुई उसके चलने का इंतजार कर रही थी। तभी किसी वाहन की टक्कर लगने से बाइक पर सवार दंपती सड़क पर धड़ाम से जा गिरे। चोट गहरी थी लिहाजा दोनों खून से लथपथ तड़पने लगे। यह दृश्य देख उसकी चीख निकल गई। तभी उसने देखा कि तमाशबीनों की भीड़ के बीच […]
पवित्र रिश्ता
अमरीन को बहन मानने वाला कृष्णमोहन रक्षाबंधन के दिन राखी बंधवाने अमरीन के पास पहुंचा, लेकिन धर्म के लिए अंधे लोगों ने उसके साथ क्या किया, धर्म की आंधी में भावनाओं को दबा देने वाली कहानी…
