Posted inलाइफस्टाइल

कुछ शुरू करने की कोई उम्र नहीं होती! उर्मिला आशेर ने 77 साल की उम्र में अपना फूड बिजनेस किया शुरू 

दुर्भाग्य, दर्द और संघर्ष से भरे जीवन को खत्म करने के लिए उर्मिला आशेर ने 77 साल की उम्र में अपना प्रयास शुरू किया। ढाई साल की उम्र में एक इमारत से गिरकर उनकी बेटी की मौत हो गई थी।

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घर बैठे महिलाएं इन कोर्स में कर सकती है एनरोल, मिलेगा बहुत फायदा

जब से डिजिटलाइजेशन आया है तब से लोग घर बैठे काम और पढ़ाई दोनों कर रहे हैं। ऑनलाइन वेबसाइट पर महिलाओं के लिए कई कोर्स उपलब्ध हैं।

Posted inहिंदी कहानियाँ

कोख से कब्र तक…

महिलाएं वह धुरी हैं जिसके इर्द-गिर्द हमारी पूरी दुनिया चलती है लेकिन सबसे दुखद यह है कि उन्हें खुद को अपनों से लड़कर ही अपनी पहचान बनानी पड़ती है।

Posted inहेल्थ

कैंसर दिवस आई एम एंड आई विल

कैंसर एक जानलेवा बीमारी मानी जाती है, जिसका खतरा महिलाओं और पुरूषों दोनों को ही होता है, लेकिन एक स्टडी के मुताबिक 75 की उम्र से पहले पुरषों में कैंसर का जोखिम 9.8 फीसदी बढ़ जाता है।

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घरेलू हिंसा से प्रताड़ित स्त्रियां स्वस्थ शिशु को जन्म नहीं देतीं

गर्भावस्था की जटिलताओं व कार दुर्घटनाओं के मुकाबले गर्भवती स्त्रियां घरेलू हिंसा से अधिक मरती हैं। करीब 20 प्रतिशत महिलाओं को अपने साथी के हाथों हिंसा का शिकार होना पड़ता है।

Posted inस्किन

चेहरे पर ग्लो के लिए कराएं ये इफेक्टिव फेशियल

त्वचा की रौनक और उम्र को कम दिखाने के लिए आज ब्यूटी सैलून में
कई ऐसे एंटी एजिंग फेशियल मौजूद
हैं, जिन्हें करवाकर आप बढ़ती उम्र में भी अपनी खूबसूरती को पहले की
तरह कायम रख सकती हैं।

Posted inकविता-शायरी

औरत सब संभाल लेती है…

● वो “औरत” दौड़ कर रसोई तक ,दूध बिखरने से पहले बचा लेती है । ● समेटने के कामयाब मामूली लम्हों में,बिखरे “ख्वाबों” का गम भुला देती है । ● वक्त रहते रोटी जलने से बचा लेती है,कितनी “हसरतों” की राख उडा देती है । ● एक कप टूटने से पहले सम्हालती है ,टूटे “हौसलों” […]

Posted inस्टाइल एंड टिप्स

कंडोम न पहनने के पीछे मर्दों के बहाने, देखें वीडियो

    सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करना है कि नही ? इसका निर्णय कौन लेगा ? क्या महिलाओं की पसंद और नपसंद माएने नहीं रखती ? अक्सर यही सब सवाल महिलाओं को अनचाहे गर्भ से रोकने के लिए परेशान करते हैं। एक तरफ उनको पार्टनर को भी खुश रखना पड़ता है तो दूसरी […]

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सेहत से समझौता क्यों?

कुछ महिलाएं खुद को इंसान समझकर व्यवहार नहीं करती क्योंकि शायद इसके पीछे सामाजिक मानसिकता भी है कि महिलाएं जितना काम करेगीं उतनी ही तारीफ पाएंगी और इस प्रकार वह अपनी समस्याओं को बढ़ाती चली जातीहैं। वह परिवार की सेहत, पसंद और आराम का ध्यान रखेंगी, लेकिन खुद को भूल जाएंगी या फिर खुद को सबसे आखिर में गिनेंगी। यदि वह अपने आप का ख्याल रखेंगी तो वह अपराधबोध रहेगी कि वह खुद का ख्याल कैसे रख रही हैं।

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