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Kark Rashifal 2022
Cancer Horoscope 2022

ही पुनर्वसु-1

हू, हे, हो, डा पुष्य-4

डी, डू, डे, डो आश्लेषा-4


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में केतु तुला राशि का चतुर्थ भाव में, शनि+मंगल कुंभ राशि का अष्टम भाव में, शुक्र+बृहस्पति मीन राशि का नवम भाव में, राहु+चंद्रमा+सूर्य मेष राशि का दशम भाव में, बुध वृषभ राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।


1 मई से 7 मई तक

1 को दशम भावस्थ चंद्रमा सूर्य के साथ है। सूर्य उच्च का दशम में आपके रोजगार व करियर की सारी तकलीफें दूर करने में मददगार रहेगा। आपका पराक्रम व सम्मान में इजाफा होगा। 2, 3, 4 को आपके सारे यत्न सफल होंगे। घर-परिवार, समाज, मित्र सभी के द्वारा आप सराहे जाएंगे। आप अपने अंदर कुछ खास बदलाव महसूस करेंगे। आप अपना काफी समय परिवार, आपसी बैठक और मीटिंग्स के लिए देंगे। 5, 6 को कष्टकारी समय है। सफलता की दौड़ में आप अंधे हो जाएंगे और आगे बढ़ने के स्थान पर पिछड़ जाएंगे। आपका कोई काम अधूरा रह जाएगा। महंगी वस्तु चोरी हो सकती है। आपके साथ धोखा हो सकता है। या आपको चोट लग सकती है। 7 को सफलता की तरफ कदम बढ़ाएंगे। आप घर में छोटी-मोटी पार्टी का आयोजन कर सकते हैं।

कर्क राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी13, 14, 18, 19, 20, 22, 236, 7, 16, 17, 25, 26
फरवरी9, 10, 14, 15, 16, 19, 202, 3, 4, 12, 13, 21, 22, 23
मार्च8, 9, 10, 14, 15, 18, 191, 2, 3, 11, 12, 21 22, 29, 30
अप्रैल5, 6, 10, 11, 12, 14, 158, 9, 17, 18, 25, 26, 27
मई2, 3, 7, 8, 9, 12, 13, 29, 30, 315, 6, 14, 15, 22, 23, 24
जून4, 5, 8, 9, 25, 26, 271, 2, 11, 12, 18, 19, 20, 28, 29
जुलाई1, 2, 5, 6, 7, 23, 24, 28, 29, 308, 9, 16, 17, 26, 27
अगस्त2, 3, 19, 20, 24, 25, 26, 29, 304, 5, 6, 12, 13, 14, 22, 23
सितम्बर15, 16, 17, 21, 22, 25, 261, 2, 9, 10, 18, 19, 28, 29
अक्टूबर1, 2, 9, 10, 18, 19, 28, 296, 7, 8, 16, 17, 25, 26
नवम्बर9, 10, 14, 15, 16, 19, 202, 3, 4, 12, 13, 22, 23, 29, 30
दिसम्बर6, 7, 8, 12, 13, 16, 17, 181, 9, 10, 19, 20, 27, 28

कर्क राशि का वार्षिक भविष्यफल

Cancer horoscope
मेष राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह साल चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। अप्रैल से जुलाई के मध्य शनि महाराज आठवें स्थान में गतिशील रहेंगे, इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। अतः स्वास्थ्य में इस साल आपको सावधानी रखने की आवश्यकता है। पहले से कोई रोग की स्थिति है, तो यदा-कदा उस रोग के कारण आपको परेशानी रहेगी, इधर मौसमी बीमारियों से भी परेशानी संभव है। शनि अप्रैल से आठवें स्थान में गतिशील रहेगा। कमर के नीचे के रोग, पैर से सम्बंधित रोग की स्थिति रह सकती है। पांचवे भाव में चंद्रमा+मंगल की युति वर्षारंभ में धन आगम के योग को पुष्ट कर रही है। लेकिन पैसा जिस अनुपात में आएगा, उसी अनुपात में खर्च भी होगा। धन संचय में बाधा है। पैसा आने से पहले जाने का रास्ता तैयार रहेगा। चंद्रमा वर्षारंभ में अपनी नीच राशि में चलायमान है। अतः कई बार मन में निराशाजनक व नकारात्मक विचारों की स्थिति भी रहेगी। इस वर्ष मेहनत अधिक व प्रतिफल कमजोर वाली स्थिति वर्ष पर्यंत बनी रहेगी। हालांकि चंद्रमा का नीचत्व भंग होकर नीच भंग राजयोग की सृष्टि हो रही है, सरकारी क्षेत्र में प्रयासरत लोगों के लिए यह वर्ष अवसर साबित होगा। करियर में वांछित सफलता मिल जाएगी।
इस वर्ष अप्रैल तक राहु महाराज लाभ स्थान में गतिशील रहेंगे। राहु भ्रम के कारक हैं, कई विषयों को लेकर मन में अनिर्णय व असमंजस बना रहेगा। आर्थिक मामलों में आप जिस पर भी भरोसा करेंगे, वही आपके साथ विश्वासघात करेगा। सूर्य+शुक्र की युति छठे भाव में, शत्रु व षड्यंत्र के घर में बन रही है, अतः इस वर्ष षड्यंत्र व शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। काम-काज में वातावरण थोड़ा कमजोर ही रहेगा। सहकर्मी व बॉस से छोटी-छोटी बातों पर बोलचाल व कहासुनी हो सकती है। वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, करियर व नौकरी में बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। पारिवारिक जीवन में सामंजस्य का अभाव रहेगा। यदा-कदा पति-पत्नी में हल्के-फुल्के वैचारिक मतभेदों की स्थिति रह सकती है। गुप्त शत्रुओं व षड्यंत्रों से जरूर सावधान रहने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। इस वर्ष प्रेम निवेदन आपको काफी प्राप्त होंगे। परंतु प्रेम संबंधों के उजागर होने का खतरा भी बना हुआ है। प्रेम संबंधों में आपको समाज का, परिवार के विरोध का सामना करना पड़ेगा। वाहन की समय-समय पर मरम्मत व देखभाल करवाते रहें, अन्यथा आपको वाहन ऐन वक्त पर धोखा दे सकता है।
रोजी रोजगार व व्यापार की बेहतरी के लिए आप कुछ ठोस, महत्त्वपूर्ण कड़े निर्णय लेंगे, जिनका परिणाम दीर्घकालिक होगा। वाणी व क्रोध पर काफी संयम व आत्मनियंत्रण की आवश्यकता है, जो कार्य आप करने की सोच रहे हैं, उसे करने के लिए आपको थोड़ा जोर और लगाना पड़ेगा। आपके दिमाग में रचनात्मक विचार आयेंगे। कई कार्यों को लेकर दिमाग में सटीक प्लानिंग बनेगी। रिश्तेदारों से सहयोग की आशा व उम्मीद कम ही है, तमाम परेशानियों व मुश्किलों का सामना बड़ी ही निडरता और दबंगई से करेंगे। कुछ सरकारी परेशानियां आएंगी, लेकिन किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व की मदद से सुलझ जाएंगी।

कैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

वर्षारंभ में लग्नेश चंद्रमा नीच का है, अतः वर्ष पर्यन्त स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे। संक्रामक रोगों से खतरा है। इस वर्ष गम्भीर व घातक बीमारी की आशंका व संभावना नहीं है। छोटी-छोटी बीमारियां लगी रहेंगी। जुलाई से नवम्बर के मध्य देवगुरु बृहस्पति वक्र स्थिति में रहेंगे। अतः इस दौरान किसी दुर्घटना आदि होने की संभावना, आशंका है, शत्रु भी आपको परेशान कर सकते हैं। पुरानी बीमारी जैसे हृदय रोग, डायबिटीज आदि में लापरवाही बिलकुल नहीं रखें। दवाइयां समय से लें। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहेगी। अतः बड़ी से बड़ी बीमारी भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी।

व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

कर्क राशि वाले जातकों पर इस वर्ष आंशिक रूप से ढैय्या का प्रभाव है, अतः व्यापार व कारोबार में आपको पहले से ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। कदम-कदम पर चुनौतियां आपकी प्रतीक्षा कर रही हैं। आप व्यापार में विस्तार करने के लिए खूब प्रयास करेंगे। परंतु किसी न किसी कारण से काम होने में संशय रहेगा। जहां तक आर्थिक पक्ष का प्रश्न है, रुपया रुक-रुक कर आएगा। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व प्रतिस्पर्धी आपकी हर एक गतिविधि पर पैनी नजर रख कर बैठे हैं। पैसा जितनी तेजी से आएगा, उतनी ही तेजी से खर्च भी हो जायेगा। इस वर्ष जुलाई से नवम्बर के मध्य गुरु के वक्र काल में बड़ी राशि कहीं अटक सकती है। भाइयों से सम्पत्ति संबंधी विवाद व बटवारे के झंझट का हल आपसी सहमति से होगा। इस कालखण्ड में आपके सम्पर्क बड़े-बड़े लोगों से बनेंगे। व्यापार में भी बड़ा निवेश आप कर सकते हैं। जहां तक करियर व नौकरी का प्रश्न है, बॉस व वरिष्ठ
अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे। जिससे आगे बढ़ने के अवसर सुलभ होंगे। आयकर, सेलटैक्स, जी.एस.टी., नगर निगम व अन्य राजकीय विभाग से संबंधित अड़चने व व्यवधान उपस्थित होंगे। लेकिन आप चतुराई व बुद्धिबल से हर समस्या का समाधान निकाल लेंगे। एकाग्रचित होकर अपने काम पर ध्यान दें। काम में की गई लापरवाही का परिणाम आर्थिक नुकसान के रूप में भरना पड़ सकता है।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष कुटुम्ब व परिवार के सभी लोगों को साथ में लेकर समन्वय से चलेंगे। आप कर्क राशि के जातक हैं तथा कर्क राशि व्यक्ति भावना प्रधान व रचनात्मकता से ओत-प्रोत होते हैं, आपकी भावनाओं का लोग गलत फायदा उठा सकते हैं, कभी-कभार हल्का-फुल्का विवाद दाम्पत्य संबंधों में देखने को मिल सकता है। संतान का बेहतर प्लेसमेंट, शिक्षा, विषय का चयन, कॉलेज में दाखिला जैसे विषय चिंतित व परेशान कर सकते हैं। आप यह महसूस करेंगे कि हर परिस्थिति में परिवार के लोग आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। काम-काज व व्यापार में बेहतर संतुलन व तालमेल बिठा पायेंगे। इस वर्ष अविवाहितों हेतु विवाह के प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। बच्चों पर अध्ययन व करियर का दबाव नहीं डालें, अन्यथा वे डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। घर के बड़े बुजुर्गों व वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

देवगुरु बृहस्पति वर्षारंभ में आठवें स्थान में स्थित हैं। अतः अध्ययन क्षमता में इस वर्ष कमी देखी जा सकती है। प्रतियोगिता विभागीय परीक्षा में और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। प्रोफेशनल कोर्सेज में प्रयासरत विद्यार्थियों को आंशिक सफलता मिल जाएगी। 13 अप्रैल से देवगुरु मीन राशि में आकर अध्ययन में और अच्छे योगायोग बनायेंगे। इंटरव्यू प्रतियोगी परीक्षा, विभागीय परीक्षा आदि में सफलता अप्रैल के बाद मिल ही जाएगी। उच्च शिक्षा व विदेशी शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को कागजात संबंधी परेशानी हो सकती है। नौकरी में काम-काज में लक्ष्यों को पूरा कर लेंगे। जिससे पदोन्नति या इन्क्रीमेंट के योग बनेंगे। ॐ विद्या निघये नमः मंत्र का नित्य जाप करें।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

चंद्रमा पंचम स्थान में नीच का है। प्रेम-संबंधों पर ज्यादा ध्यान नहीं दें, अन्यथा इसका सीधा प्रभाव आपके पारिवारिक जीवन, व्यावसायिक जीवन व पढ़ाई पर पड़ेगा। प्रेम पत्र, ई-मेल, फेसबुक द्वारा आपका प्रेम प्रसंग या चोरी पकड़ी जा सकती है। इस वर्ष आप किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ सहायता व मदद का हाथ बढ़ाएंगे। मित्र के साथ पुरानी बातों व यादों को तरोताजा कर आप काफी हल्कापन महसूस करेंगे। कोर्ट-केस व मुकद्दमों में मित्रों की गवाही काम आयेगी।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

व्यापार की गाड़ी को चलाने के लिए आप ऋण ले सकते हैं। जहां तक हानि की बात है,इस वर्ष अप्रैल के पश्चात् आपका कोई बड़ा ऑर्डर, डील अनुबंधन करार कैंसिल हो सकता है। अप्रैल के पश्चात् शनि की ढैय्या आपके लिए नुकसानकारी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर उतार-चढ़ाव की स्थिति रह सकती है। इस वर्ष घर के किसी वरिष्ठ व्यक्ति या बुजुर्ग का स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। किसी रिश्तेदार के साथ कोई अनहोनी घटना घटित हो सकती है।

कर्क राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

व्यापार की गाड़ी को चलाने के लिए आप ऋण ले सकते हैं। जहां तक हानि की बात है,इस वर्ष अप्रैल के पश्चात् आपका कोई बड़ा ऑर्डर, डील अनुबंधन करार कैंसिल हो सकता है। अप्रैल के पश्चात् शनि की ढैय्या आपके लिए नुकसानकारी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर उतार-चढ़ाव की स्थिति रह सकती है। इस वर्ष घर के किसी वरिष्ठ व्यक्ति या बुजुर्ग का स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। किसी रिश्तेदार के साथ कोई अनहोनी घटना घटित हो सकती है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष पांचवें स्थान में नीच के चंद्रमा के कारण यात्राओं से कष्ट की अनुभूति रह सकती है। हालांकि यात्राएं अधिक होंगी। यात्रा में खान-पान का ध्यान रखें।

कैसे बनाये मेष राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

चांदी में चंद्रकांतमणि धारण करें। सोमवार को कच्चा दूध मिश्रित जल से नहावें। “ॐ नमः शिवाय” के 108 बार जाप करें। सफेद रंग के पुष्प वाले पौधे को सींचें।

कर्क राशि की चारित्रिक विशेषताएं

कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है। कर्क लग्न के जातक चंद्रमा से प्रभावित होते हैं। चंद्रमा स्वयं चंचल है। अतः ऐसा व्यक्ति चंचल स्वभाव का होता है। सहनशीलता की कुछ कमी रहेगी। भीतर से कुछ और तथा बाहर से कुछ और होता है। ऐसा व्यक्ति पूर्ण स्थायी होता है। आत्मप्रशंसा अर्थात् खुद की प्रशंसा सुनना पसंद करता है।
चंद्रमा एक शीतल, सौम्य एवं शुभ ग्रह है। चंद्रमा का सबसे ज़्यादा असर मनःस्थिति पर देखा गया है। अतः इस राशि वाले स्त्री-पुरुष प्रायः अत्यधिक भावुक व भावनाप्रद विचारों से ओत-प्रोत पाए जाते हैं। लंबा कद, दूसरों के प्रति दया व प्रेम की विशेष भावना एवं जीवन में निरन्तर आगे बढ़ने की तीव्र लालसा इनकी निजी विशेषता है।
सामान्यतया कर्क राशि में उत्पन्न जातक शांत प्रवृत्ति के होते हैं तथा अपने कार्यकलापों को वे दृढ़तापूर्वक संपन्न करते हैं। इनमें भावुकता का भाव भी विद्यमान रहता है तथा प्रेम एवं स्नेह के क्षेत्र में ये निश्छलता का प्रदर्शन करते हैं। जीवन में भौतिक सुख-संसाधनों को ये स्वपरिश्रम तथा पराक्रम से अर्जित करने में समर्थ रहते हैं तथा सुखपूर्वक इनका उपभोग करते हैं। साथ ही इनमें समाज सेवा या देश सेवा की भी भावना रहती है। अन्य जनों की आंतरिक भावनाओं को समझने में ये दक्ष होते हैं तथा राजनीतिक या सरकारी क्षेत्र में किसी सम्मानित पद को प्राप्त करके मान-प्रतिष्ठा एवं प्रसिद्धि अर्जित करते हैं।
अतः इसके प्रभाव से आप एक बुद्धिमान पुरुष होंगे तथा अपने सांसारिक शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को बुद्धिमता एवं परिश्रम से संपन्न करेंगे तथा इनमें आपको प्रायः सफलता प्राप्त होगी, जिससे आपका उन्नति मार्ग प्रशस्त रहेगा। साथ ही समाज में यथोचित आदर एवं सम्मान प्राप्त करेंगे। आर्थिक रूप से आप सुदृढ़ रहेंगे तथा प्रचुर मात्रा में धनार्जन होता रहेगा।
जीवन में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा, परन्तु समस्त समस्याओं का सामना तथा समाधान आप दृढ़तापूर्वक करेंगे तथा विषम परिस्थितियों में भी साहस नहीं छोड़ेंगे। इसके अतिरिक्त समाज में आपका प्रभाव रहेगा तथा अनुकूल प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा, फलतः अन्य जन आपसे प्रभावित होंगे। श्रेष्ठ एवं उत्कृष्ट कार्यों को करने में आपकी रुचि रहेगी तथा प्रयत्नपूर्वक इनको करने के लिए तत्पर रहेंगे।
आप में कर्तव्यपरायणता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा समाज एवं देश के प्रति अपने कर्त्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे। सरकारी क्षेत्र या राजनीति में आपको सफलता मिलेगी तथा किसी उच्च पद को प्राप्त करने में समर्थ होंगे।
धर्म के प्रति आपकी श्रद्धा रहेगी, परन्तु धार्मिक कार्य-कलाप या अनुष्ठान अल्प मात्रा में ही संपन्न करेंगे। प्रकृति के प्रति आकर्षण रहेगा तथा समय-समय पर आप इन स्थानों पर भ्रमण करने जाते रहेंगे। संगीत एवं कला के प्रति भी आपका आकर्षण रहेगा तथा इस क्षेत्र में आपका योगदान भी रहेगा। मित्रों के मध्य आप सम्मानीय रहेंगे तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग की प्राप्ति होगी, साथ ही वे गुणवान तथा शिक्षित भी होंगे। इस प्रकार आप कर्त्तव्यपरायण, दृढ़प्रतिज्ञ, मित्र-प्रेमी तथा पराक्रमी पुरुष होंगे एवं जीवन में परिश्रमपूर्वक धनैश्वर्य एवं वैभव अर्जित करके प्रसन्नतापूर्वक अपना समय व्यतीत करेंगे।
कर्क राशि ‘जल तत्त्व’ प्रधान है। इसलिए ऐसा व्यक्ति घूमने व तैरने का शौकीन होता है। चंद्रमा की चांदनी इनको बहुत पसंद होती है और इनकी कल्पना शक्ति बहुत तीव्र होती है। ये अच्छे लेखक, सुन्दर कवि, दार्शनिक तथा उच्चकोटि के साहित्यकार व भविष्यवक्ता हो सकते हैं।
चंद्रमा की धवल कांतिमय किरणों का रंग ‘मोतियों’ सदृश आंका गया है। अतः उसका रत्न ‘मोती’ आपके लिए अत्यधिक अनुकूल माना गया है। ‘श्वेत रंग’ प्रिय होने से ऐसे व्यक्ति, सीमेंट कारखाने तथा भवन निर्माण इत्यादि कार्यों व कपड़ा संबंधी व्यापार में सफल होते देखे गए हैं।
यह एक जलीय राशि है, इसलिए इस राशि वाले व्यक्ति खेती के कार्य (।हतपबनसजनतम) व यांत्रिक मशीनरी वस्तुओं में रुचि लेते हुए पाए गए हैं। सरकारी अधिष्ठानों में ऐसे व्यक्ति जल-संबंधी कार्यों में दक्ष पाए गए हैं।
यह स्त्री संज्ञक राशि है, इसलिए इसकी प्रकृति और मानसिक अवस्था में इतनी चंचलता रहती है कि ये सबसे एक-सा व्यवहार नहीं कर पाते, इनमें धार्मिक प्रवृत्तियां भी पाई जाती हैं। अगर जरा-सा भी विपरीत कार्य हो जाए या कुछ संकट आ जाए, तो ये विचलित हो उठते हैं। स्त्रियों के समान बातचीत के शौकीन होते हुए आप शीघ्र आवेश में आ जाते हैं, परन्तु शांत भी शीघ्र हो जाते हैं। अपने मृदुल स्वभाव के कारण मित्रों से नुकसान में रहते हैं। अत्यधिक भावुकता आपके लिए घातक है।
कर्क राशि वाले प्रायः गोरे वर्ण व धवल कांति वाले होते हैं। यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत ‘पुनर्वसु नक्षत्र’ के चतुर्थ चरण (ही अक्षर) में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा के अन्तर्गत हुआ है। आपकी योनि-मार्जर, गण-देव, वर्ग-विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी, एवं वर्ग-मेढ़ा है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति क्रय-विक्रय से बहुत धन कमाता है तथा इनके दांत बहुत ही मज़बूत व सुन्दर होते हैं।
यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत ‘पुष्य नक्षत्र’ (हू, हे, हो, डा) में हुआ है, तो आपका जन्म 19 वर्ष की शनि की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मेढ़ा, गण-देव, वर्ण-विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-मध्य, पाया-चांदी है। इस नक्षत्र के प्रारम्भिक तीन चरण का वर्ग और अंतिम चरण का वर्ग-श्वान है। पुष्य नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति धर्म ध्वज, विविध कलाओं के ज्ञाता, दयालु, परोपकारी एवं समाज के अग्रणीय व्यक्ति होते हैं।
यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत ‘आश्लेषा नक्षत्र’ (डी, डू, डे, डो) में हुआ है, तो आपका जन्म 17 वर्ष की बुध की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मार्जर, गण-राक्षस, वर्ण-विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी एवं वर्ग-श्वान है। इस नक्षत्र का अधिदेवता सर्प है। ऐसे व्यक्ति शीघ्र क्रोधित व उत्तेजित हो जाते हैं।
आपका राशि चिह्न ‘केकड़ा’ स्वजाति का शत्रु होता है तथा इसकी पकड़ बहुत मज़बूत होती है, तो आपके कुटुम्ब वाले व्यक्तियों में आपकी इतनी प्रतिष्ठा नहीं रहेगी, जितनी अन्य जाति, सामाजिक संगठनों व मित्रों में होगी।

कर्क राशि वालों के लिए उपाय

आपका राशि स्वामी चंद्रमा है। अतः ‘चंद्र यंत्र’ में मोती या चंद्रकांत मणि जड़वा कर प्राण-प्रतिष्ठित व अभिमंत्रित कर गले में धारण करें। सोमवार का व्रत करें। शिव चालीसा का पाठ करें। रोज़ाना किसी शिवलिंग को जल चढ़ाकर उसका ‘निर्माल्य’ अपने शरीर पर छींटे। सोमवार के दिन चीनी या चावल 1 मुट्ठी भर 11 सोमवार तक नियमित रूप से दें। यदि बार-बार काम में रुकावट या बाधा आ रही है, लाख प्रयास करने पर भी परिणाम नकारात्मक हैं, तो 5 1/4 रत्ती का ‘मोती’ +5 1/4 रत्ती का ‘चंद्रकांत मणि’ ‘बीसा यंत्र’ में जड़वाकर अभिमंत्रित कर गले में धारण करें। सोमवार का व्रत करना भी लाभप्रद है।

कर्क राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ कर्क
    1. राशि चिह्न ‒ केकड़ा
    2. राशि स्वामी ‒ चंद्रमा
    3. राशि तत्त्व ‒ जल तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ चर
    5. राशि दिशा ‒ उत्तर
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री सतोगुणी
    7. राशि जाति ‒ ब्राह्मण
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, कफ प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ छाती, सीना
    10. राशि का रत्न ‒ मोती
    11. राशि का उपरत्न ‒ चंद्रकांत मणि
    12. अनुकूल रंग ‒ सफेद, क्रीम
    13. शुभ दिवस ‒ सोमवार
    14. अनुकूल देवता ‒ शिवजी
    15. व्रत, उपवास ‒ सोमवार
    16. अनुकूल अंक ‒ 2
    17. अनुकूल तारीख़ें ‒ 2/11/20/29
    18. मित्र राशियां ‒ वृश्चिक, मीन, तुला
    19. शत्रु राशियां ‒ मेष, सिंह, धनु, मिथुन, मकर, कुंभ
    20. व्यक्तित्व ‒ अध्ययनप्रिय, जलप्रिय, कुशल प्रबंधक, भावुक
    21. सकारात्मक तथ्य ‒ कल्पनाशील, योजनाएं बनाने वाला, वफ़ादार
    22. नकारात्मक तथ्य ‒ सदा बीमार, अक्षमाशील, द्वेषी

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