अनाड़ी जी, नारी, किताब और छतरी में क्या समानता और क्या अंतर है?
भारती अमन पटोल,(गुजरात)
समानता ये है कि
अवसर आने पर तीनों खुलती हैं,
और अंतर ये कि खुलने पर
तीनों चिंतन के तराजू पर
अलग-अलग तुलती हैं।
नारी खुलने पर
भविष्य का नक्शा देती है,
किताब खुलने पर
शिक्षा देती है,
और छतरी खुलने पर
रक्षा देती है।
अनाड़ी जी, नारी की कौन सी बात आपको पसन्द नहीं है, नारी सशक्तीकरण के लिए आपके पास क्या सुझाव हैं और क्या कभी आपने इसके लिए प्रयास किया है?
अनीता ,जम्मू
आदरणीया अनीता!
एक सांस में
तीन सवाल पूछकर
आपने कर दिया फजीता!
पर आपके प्रश्न के
पहले भाग का
उत्तर दे सकते हैं तत्काल।
हमें नारी की यह बात
अच्छी नहीं लगती कि
पूछती है एक साथ कई सवाल।
अनाड़ी जी, तन की सुंदरता ज़रूरी है या मन की?
रागिनी देवी निगम,कानपुर (उ.प्र.)
आदरणीया रागिनी देवी निगम!
हमको है इस बात का गम,
कि आपकी चेतना
अभी सजग नहीं है,
अरे तन से मन
और मन से तन अलग नहीं है।
दोनों परस्पर एक-दूसरे को
सुन्दर या असुन्दर बनाते हैं,
अंदर का सौंदर्य बाहर लाते हैं।
इंसान है तो
असुन्दर हो नहीं सकता,
वह फिर से बंदर हो नहीं सकता।
बेटा प्यारा, बिटिया पराई। बेटे को प्यार, बेटी को दुत्कार। दुनिया की यह रीत कैसी, अनाड़ीजी सरकार?
कुनिका शर्मा, द्वबीकानेर (राजस्थान)
बेटा प्यारा, बिटिया पराई
बात हमारी भी समझ न आई
इसीलिए एक फिल्म बनाई
नाम है जिसका बिटिया
सुनिए कुनिका बिटिया!
उसका एक गाना,
नासमझों को फालतू है सुनाना।
अनाड़ी जी, परिस्थितियों से हारी एक अबला नारी को, सबला नारी बनाने का फार्मूला क्या है?
ज्ञानेश्वरी, लखनऊ
फॉर्मूला तो बता देंगे,
बताने में ज़्यादा
समय भी नहीं लेंगे।
पर कम से कम ये तो बताओ
और खुलकर बताओ कि
वह नारी परिस्थितियों से हारी क्यों?
और वह समझती है स्वयं को
अबला नारी क्यों?
किस आफत की मारी थी?
किसलिए समझती
स्वयं को बेचारी थी?
उत्तर नहीं देंगे लँगड़ा-लूला,
सारी बातें जानेंगे
तभी बताएंगे फॉर्मूला।
अनाड़ी जी, आज के समय में आपकी नजर में शादी करने वाला व्यक्ति ज़्यादा सुखी है अथवा न करने वाला, आप क्या कहेंगे?
वर्षा चन्द्रा , जिला- कानपुर
आजकल वही सुखी है
जो ज़माने से नहीं डरता है,
साथ तो रहता है
पर शादी नहीं करता है।
अनाड़ी जी, प्रकृति में पुरुष सुंदर होता है या फिर नारी? समस्या सुलझाइए हमारी।
दिव्या कौशिक
बीकानेर (राज)
आपकी समस्या अवश्य सुलझाएंगे,
आपको इसका तत्काल उत्तर बताएंगे।
आप चूंकि नारी हैं
इसलिए पुरुष सुंदर है
और जो पुरुष हैं,
उनके लिए नारी सुंदर है
जब वे अद्र्धनारीश्वर बन जाते हैं
तो दुनिया में
सर्वोत्तम कहलाते हैं।
