Summary: जब साथी करे भावनाओं की अनदेखी: कैसे पहचानें और क्या करें?
जब रिश्ता भावनात्मक जुड़ाव से खाली हो जाए और साथी आपकी भावनाओं को बार-बार नजरअंदाज करे, तो ये इमोशनल नेगलेक्ट की स्थिति होती है। ऐसे में संवाद, आत्ममूल्य और प्रोफेशनल मदद से आप अपने रिश्ते और आत्मसम्मान दोनों को संभाल सकते हैं।
Emotional Neglect in Relationship: कोई भी रिश्ता भावनात्मक जुड़ाव पर टिका होता है। जब आपका साथी बार-बार आपकी भावनाओं को नहीं समझता या इग्नोर करता है तो यह स्थिति तकलीफ दे होती है तथा आपका रिश्ता भी कमजोर होता है। क्या आपका साथी भी आपके साथ ऐसा कर रहा है, अगर हां तो क्या करें इस स्थिति में अगर आपका साथ ही भी आपके इमोशंस को नजरअंदाज कर रहा है, तो आप इस स्थिति से कैसे निपटा सकते हैं। आईए जानते हैं इस लेख में।
क्या है इमोशनल नेगलेक्ट
इमोशनल नेगलेक्ट का अर्थ होता है जब आपका साथी आपकी भावनाओं को आपके जरूरतों को, तकलीफ हो या संवेदनाओं को नहीं समझता है या समझने की कोशिश ही नहीं करता है। इस स्थिति को हम इमोशनल नेगलेक्ट कहते हैं।
अपने साथी द्वारा भावनात्मक रूप से नाकरना आप जब महसूस करते हैं। जब आप दुखी हों और आपका साथी बात बदल दें। आपकी बातों को ओवररिएक्टिंग कहकर टाल दे। आपकी जरूरत को बार-बार छोटा साबित किया जाए तथा इग्नोर किया जाए। यह कुछ स्थितियों से आप पता लगा सकते हैं कि आपका साथी आपके इमोशंस को नजरअंदाज कर रहा है।
इमोशनल नेगलेक्ट के क्या कारण है

बातचीत की कमी: जब रिलेशनशिप में बातचीत की कमी के कारण हम अपनी भावनाओं को अपने साथी से नहीं बता पाते या फिर हमारा साथी भी नहीं समझ पाता कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं।
भावनात्मक रूप से कम सतर्क: कुछ लोग भावनाओं को कम समझते हैं तथा उससे होने वाले दुख को वह महत्वपूर्ण नहीं मानते।
अपना खुद का व्यवहार: अगर कोई व्यक्ति अपने इमोशंस को दबा कर रखता है तो वह दूसरे के साथ भी यही करता है।
रिश्ते में प्रभुत्व स्थापित करना: कई बार रिलेशनशिप में एक साथी अपना दबदबा दूसरे साथी पर बना कर रखना चाहता है। जिस कारण से भी वह अपने साथी के भावनाओं को इग्नोर करता है।
इमोशंस के नजरअंदाज होने पर क्या करें
खुद से सवाल करें: खुद से कुछ साधारण से सवाल पूछे इसके लिए आप जर्नलिंग का उपयोग करें।
खुद से पूछे, क्या सच में मुझे इग्नोर किया जा रहा है।
क्या यह स्थिति बार-बार मेरे साथ हो रही है।
कहीं मैं ही तो सही तरीके से अपनी भावनाओं को बात नहीं पा रही।
इन सवालों को लिखे और उनके जवाब खुद से दे, आपके विचार स्पष्ट होंगे।
अपने साथी से बात करें: शांत मन से अपने साथी से बात करें, अपने बातचीत में उन शब्दों को दूर रखें जो एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के घोतक हैं।
बदलाव को देखें: क्या आपके बात करने से आपके साथी में कोई बदलाव आया है, जिसकी आप अपेक्षा कर रहे हैं। क्या वह आपके इमोशंस पर ध्यान दे रहा है। अगर नहीं तो यह एक समस्या है, इसके लिए आप एक प्रोफेशनल से काउंसलिंग या कपल थेरेपी लें।
खुद को महत्वपूर्ण समझें: जब आप भावनात्मक रूप से इग्नोर होते हैं तो आपके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचता है, ऐसे में खुद का ख्याल रखना जरूरी है। खुद को समय दें। अपने शौक की तरफ मुड़े। उन लोगों से बात करें जो आपकी भावनाओं को समझते हैं।
