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अब एक क्लिक पर डेटिंग शुरू हो सकती है, तो दूसरे पर वादे और तीसरे पर रिश्ता खत्म भी हो सकता है। ऐसे में साफ है कि डेटिंग की 'वो खास' फीलिंग कहीं खो गई है।
Childhood Love: प्यार और डेटिंग का क्रेज युवाओं में हमेशा से रहा है। हालांकि डेटिंग ऐप्स ने इस क्रेज को काफी हद तक डिजिटल कर दिया है। अब एक क्लिक पर डेटिंग शुरू हो सकती है, तो दूसरे पर वादे और तीसरे पर रिश्ता खत्म भी हो सकता है। ऐसे में साफ है कि डेटिंग की ‘वो खास’ फीलिंग कहीं खो गई है। इस बीच साइंटिस्ट ने बताया है कि आखिर युवाओं के लिए कौनसा प्यार सबसे खास और दिल के करीब होता है।
प्यार में विश्वास आज भी

जर्नल ऑफ पर्सनल रिलेशनशिप में प्रकाशित एक स्टडी में प्यार, डेटिंग और फीलिंग की इस गणित को सुलझाया गया है। स्टडी का दावा है कि भले ही कितनी भी डेटिंग ऐप्स आ गई हैं, लेकिन आज भी युवा पीढ़ी बचपन के प्यार पर ही सबसे ज्यादा विश्वास करती है। इलिनोइस यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि युवा आज भी पुराने तरीकों पर ही ज्यादा विश्वास करते हैं।
एक दशक में आया ये बदलाव
इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने साल 2012 से साल 2022 के बीच आए डेटिंग ट्रेंड के बदलावों का बारीकी से अध्ययन किया। स्टडी में कॉलेज स्टूडेंट्स को शामिल किया गया और उनके रोमांटिक रिलेशनशिप के बारे में बात की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस एक दशक में भले ही कई चीजों का डिजिटलीकरण हो गया है। लेकिन प्यार आज भी पुरानी जगह कायम है। डिजिटल गैजेट्स ने प्यार के नजरिए को जरूर बदला है। लेकिन जब रोमांस की बात आती है तो लोग कंप्यूटर की नहीं, दिल की ही आवाज सुनते हैं।
प्यार को किया आसान
स्टूडेंट्स ने माना कि डिजिटल युग में वो अपने प्यार से आसानी से संपर्क में रह पाते हैं। कॉलिंग, मैसेज करना अब बहुत आसान हो गया है। जब स्टूडेंट्स से पूछा गया कि वो किसके साथ रिलेशनशिप में हैं। तो अधिकांश का जवाब था अपने कॉलेज के साथी के साथ। पहले उनकी दोस्ती गहरी हुई और फिर ये प्यार में बदली। शोधकर्ताओं को ऐसे लोग बहुत कम मिले, जिन्होंने डेटिंग ऐप के साथी से सच्चा प्यार किया।
प्यार और रोमांस के चार पड़ाव

प्यार और रोमांस के इस दौर को शोधकर्ताओं ने चार चरणों में बांटा है।
फ्लर्ट है शुरुआती चरण
यह किसी भी रिश्ते का शुरुआती चरण है। इसमें दो लोग आपस में एक दूसरे को जानते पहचानते हैं। लेकिन डेटिंग नहीं करते। इस दौरान वे आपसी केमिस्ट्री जांचते हैं। ढेर सारी बातें करते हैं, फ्लर्ट करते हैं और एक दूसरे से पहचान बढ़ाते हैं।
देखते हैं संभावना
जब दो लोगों की केमिस्ट्री एक दूसरे के साथ मैच हो जाती है, उसके बाद वे एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगते हैं। हालांकि वे आधिकारिक तौर पर कभी भी खुद को कपल नहीं मानते। इस दौरान वे अपने रिश्ते की संभावना को चेक करते हैं। कभी-कभी मिलना शुरू करते हैं।
फिर शुरू होता है रिश्ता
प्यार के रिश्ते की तीसरी सीढ़ी है रिलेशनशिप की ओर बढ़ना। अब वे ऑफिशियल रूप से कपल कहलाना पसंद करते हैं। एक दूसरे के परिवार और दोस्तों से मेलजोल बढ़ाते हैं। इस दौरान वे भावनात्मक और शारीरिक रूप से करीब आते हैं।
करते हैं भविष्य की प्लानिंग
रिश्ते के चौथे पड़ाव में हर कपल अपने भविष्य को लेकर प्लानिंग करता है। यह देखता है कि वो इस रिश्ते को आगे तक चला पाएंगे या नहीं। उनका भविष्य साथ में संभव है या नहीं। ऐसे में या तो वो साथ चलने का फैसला करते हैं या फिर अलग होने का।
ये निकला नतीजा
शोधकर्ताओं का कहना है कि पिछले दस सालों में प्यार इन चार चरणों पर ही कायम है। यानी डिजिटल माध्यम से प्यार की फ्रीक्वेंसी बढ़ी है। लेकिन युवा पीढ़ी आज भी अपने कॉलेज टाइम के साथी से डेट करना ज्यादा पसंद करती है।
