Expectation in Relationship : हर कोई चाहता है कि उसकी लाइफ परफेक्ट हो। उसे किसी बात की टेंशन न हो लेकिन कुछ बातें और आदतें ऐसी होती हैं जो आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकती हैं। इनमें से एक है दूसरों से उम्मीद लगाने की। जी हां, कई बार हम दूसरों से ऐसी उम्मीद लगाने लगते हैं तो कभी भी पूरी नहीं हो पाती, लेकिन आपकी टेंशन और तनाव का कारण जरूर बन सकती हैं। ये उम्मीदें पार्टनर, दोस्तों और फैमिली मेंबर किसी से भी हो सकती है। भगवत गीता में भी बताया गया है कि जो लोग अपनी जिंदगी की खुशियां दूसरों में ढूंढ़ते हैं उन्हें कभी खुशियां हासिल नहीं होती। हर इंसान अपने आप में सक्षम है इसलिए स्वयं का खुश होना दूसरों को खुश करने से बेहतर है। यदि आप दूसरों से ज्यादा उम्मीदें रखते हैं तो आप अपनी मानसिक शांति खो सकते हैं। यदि आप भी टेंशन फ्री जिंदगी जीना चाहते हैं तो अपनी इन आदतों को आज ही बदल डालें।
उम्मीद दुख का कारण

अधिकांश लोग अपनी पूरी जिंदगी दूसरों को खुश करने में बिता देते हैं और उम्मीद करते हैं कि उन्हें भी इसी तरह ट्रीट किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। गीता में कहा गया है कि आशा या उम्मीद ही दुखी होने का सबसे बड़ा कारण है। इसलिए हमें किसी से उम्मीद नहीं करनी चाहिए। दूसरों पर निर्भर होने की अपेक्षा आत्मनिर्भर बनें।
स्वयं को समझें
दूसरों से अपनी जिंदगी को महान बनाने की उम्मीद करना बंद करें। आप क्या हैं, कैसे हैं इस बात से सामने वाले व्यक्ति को कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए ये उम्मीद न लगाएं कि कोई आपकी जिंदगी में आएगा और आपकी लाइफ को परफेक्ट बना देगा। स्वयं की काबलियत को समझें और अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से टेंशन फ्री जिएं।
संभालें जिम्मेदारी
आपकी जिंदगी को खुशहाल और संतोषजनक बनाने के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं होता केवल आप ही इसे खूबसूरत बना सकते हैं। किसी और से ये उम्मीद करना कि वह आपकी इच्छाओं को पूरा करेगा पूरी तरह से अवास्तविक है। इसलिए आपको सभी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी वो भी टेंशन फ्री। सामने वाला व्यक्ति सपोर्ट कर सकता है लेकिन जिम्मेदारियों का बोझ आपको ही उठाना होगा।
कठपुतली न बनें

दूसरों से उम्मीद करना बंद करने का सबसे अहम कदम है कि आप दूसरों के हाथों की कठपुतली न बनें। अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से चलाएं। सामने वाला व्यक्ति क्या सोचेगा या आपके बारे में क्या कहेगा ये सोचना बंद करें। यदि आप टेंशन फ्री लाइफ जीना चाहते हैं तो अपने कार्यों को खुद ही दिशा दें दूसरों से कार्य और निर्णयों की उम्मीद न करें।
तुलना से बचें
हर किसी को ये समझना और स्वीकारना होगा कि हर किसी कि जिंदगी अलग और अनोखी होती है। हर व्यक्ति अपनी गति से काम करता है। इसलिए किसी के साथ अपनी तुलना करना बंद कर दें। यदि आपकी कोई तुलना करे तो उसे वहीं टोक दें। किसी को आपकी निजी जिंदगी के बारे में बोलने का मौका न दें। आप टेंशन फ्री होकर अपने काम करें फल की चिंता न करें।
