Summary: NATO Dating Trend: हल्के और अनुभव आधारित रिश्तों का नया चलन
NATO डेटिंग (Not Attached to an Outcome) में लोग बिना रिश्ते के भविष्य की चिंता किए सिर्फ अनुभव और आनंद के लिए डेटिंग करते हैं। इसमें भावनात्मक निवेश कम होता है और रिश्ते की स्पष्टता या भविष्य की योजना नहीं होती।
NATO Dating Trend: बदलते समय के साथ हर चीज बदल जाती है और इससे रिलेशनशिप और डेटिंग कल्चर भी अछूता नहीं है। आज के समय रिलेशनशिप और डेटिंग को लेकर कई अलग-अलग तरह का नया ट्रेंड आ गया है, जिसे डेटिंग शुरू करने से पहले जानना बेहद जरूरी है। आजकल लोगों को नाटो डेटिंग काफी ज्यादा पसंद आ रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये नाटो डेटिंग क्या है? ‘नाटो’ यानी Not Attached to an Outcome, इसका अर्थ है हल्के और अनुभव आधारित कनेक्शन बनाना। यह एक ऐसा डेटिंग कल्चर है जिसमें लोग रिश्ते अंजाम तक पहुँचाने की सोच रखे बिना ही डेटिंग की शुरूआत करते हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ कुछ समय के लिए आनंद लेना, व्यक्ति को जानना और ‘गो विद द फ्लो’ के साथ आगे बढ़ना होता है।
ऐसे पहचानें नाटो डेटिंग के संकेत
रिश्ते में स्पष्टता की कमी

नाटो डेटिंग में पार्टनर अपने उद्देश्यों के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं बताता है और ना ही रिश्ते के भविष्य को लेकर कोई बात करता है। वह बस इस रिश्ते को एक तात्कालिक अनुभव के रूप में देखता है और भविष्य की चिंता किए बिना बस उस पल में जीना चाहता है।
रिश्ते में भावनात्मक निवेश करने से बचता है

नाटो डेटिंग में पार्टनर रिश्ते में भावनात्मक रूप से पूरी तरह से नहीं जुड़ता है और ना ही रिश्ते को गंभीरता से आगे बढ़ाने के बारे में सोचता है। यह एक बस कुछ समय का बिना सीरियस वाला रिश्ता होता है।
केवल अपनी स्वतंत्रता को प्राथमिकता देता है

नाटो रिलेशनशिप में व्यक्ति केवल अपनी स्वतंत्रता को प्राथमिकता देता है। उसे अपनी पर्सनल बातें सामने वाले को बताना बिलकुल भी पसंद नहीं होता है। वह नहीं चाहता है कि वह किसी भी रिश्ते से बंधे या कोई व्यक्ति उसके ऊपर अपना हक़ दिखाए।
भविष्य को लेकर कोई योजना नहीं होती
नाटो डेटिंग में व्यक्ति का उद्देश्य केवल डेटिंग करते हुए आनंद लेना होता है। वह डेटिंग के आगे कभी भी इस रिश्ते के भविष्य के बारे कोई योजना नहीं बनाता है और ना ही सोचता है। उनका ध्यान केवल आज में ही होता है और अगर पार्टनर उससे बात करने की भी कोशिश करे तो वह बात करने से कतराता है।
रिश्ते को लेकर स्पष्टता नहीं दिखाता

नाटो डेटिंग की सोच रखने वाला पार्टनर कभी भी रिश्ते को लेकर स्पष्ट सोच नहीं दिखाता है और ना ही व्यक्त करता है। अगर कभी कोई उसे पार्टनर के साथ देख भी लेता है तो वह केवल दोस्त हैं या फिर डेटिंग शुरू किया है, यह कह कर रिश्ते का परिचय देता है। कभी-कभी तो सबके सामने मिलने से भी कतराता है।
नाटो डेटिंग के नुकसान

- नाटो डेटिंग कुछ लोगों के लिए तनाव और भावनात्मक दर्द भरा होता है, क्योंकि उनके पार्टनर रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं होते।
- नाटो डेटिंग में रिश्ता लम्बे समय तक नहीं चलता है, रिश्ता कभी भी टूट सकता है।
- पार्टनर रिश्ते को मजबूत बनाने पर जोर नहीं देता है।
- नाटो डेटिंग समय और इमोशंस की बर्बादी होती है।
