फोन पर रो रहे दोस्त व करीबी को चुप कराने में काम आएंगे ये टिप्स
हम आपको फोन पर रो रहे दोस्त या करीबी को मिनटों में चुप कराने के लिए कुछ खास टिप्स बता रहे हैं, जिनसे आप उन्हें तुरंत चुप करा सकते हैं।
Relationship Advice: अक्सर आपके साथ भी ऐसा होता होगा कि आपका कोई दोस्त या करीबी फोन करके आपके सामने रोता होगा या अपना गम जाहिर करता होगा। फोन पर उसकी बातें सुनकर आपको समझ नहीं आता होगा कि आप उन्हें कैसे संभालें और कैसे उनका हौसला बढ़ाएं कि वे रोना बंद कर दें। दरअसल आमने-सामने होने पर कंधे पर हाथ रखकर व हाथ पकड़ कर मनोबल बढ़ाने में व संभालने में आसानी होती है, लेकिन फोन पर नहीं समझ आता है कि कैसे अपने करीबी को संभाला जाए। इसलिए हम आपको फोन पर रो रहे दोस्त या करीबी को मिनटों में चुप कराने के लिए कुछ खास टिप्स बता रहे हैं, जिनसे आप उन्हें तुरंत चुप करा सकते हैं।
उनकी बातें ध्यान से सुनें

अगर आपका कोई दोस्त या करीबी आपको फोन करके आपके सामने रोता है, तो आप उनकी बातें बिना सुनें ही सुझाव देना ना शुरू कर दें। आप पहले उनकी बातों को ध्यान से सुनें और उन्हें यकीन दिलाएं कि आप उनके साथ हैं और उनकी बातों को अच्छी तरह से समझ रही हैं। आप बीच-बीच में उन्हें महसूस कराएं कि वह आपके लिए कितने खास हैं, उन्हें कुछ ऐसी बात कहें जो उनके दिल को छू जाए। ऐसे करने से उन्हें एहसास होता है कि कोई तो है जो उनकी बातों को समझ रहा है और इससे उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होता है।
उन्हें मन हल्का करने दें

आपको यह बात समझनी होगी कि जब कोई आपके सामने रोता है तो वह कमजोर नहीं होता है, बल्कि वह आपको अपना बहुत खास या भरोसेमंद मानता है, इसलिए आपके सामने अपना मन हल्का करने की कोशिश कर रहा है। आप भी उन्हें कमजोर समझने के बजाए, उनके इस भरोसे को बनाएं रखें और उन्हें अपने दिल की बात आपसे कहने दें। आप बस उन्हें जज किए बिना उनकी बातों को धैर्य से सुनें। आप उन्हें कभी भी यह महसूस ना कराएँ कि आपको उनकी बातें सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है और आप उनकी बातों से बोर हो जाती हैं। बल्कि समय देकर उनकी बातें सुनें, जब उनका मन हल्का हो जाएगा तब वे खुद से ही बातें शेयर करना बंद कर देंगे।
उन्हें प्रोत्साहित करें और उनका मनोबल बढ़ाएं

जब फोन पर आपका कोई दोस्त या करीबी रोए तो आप एकदम से उन्हें बस चुप होने के लिए दबाव ना बनाएं, बल्कि उनकी बातें सुनकर उन्हें एहसास कराएँ कि वे कमजोर नहीं है, उनके अन्दर इतनी शक्ति है कि वे अकेले ही चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
साथ होने का एहसास कराएँ

जब कोई व्यक्ति परेशान होकर रोता है तो उसे ऐसा लगता है कि वह अकेला है और उसके साथ कोई भी नहीं खड़ा है। ऐसे में आप अपनी बातों से यह एहसास कराएँ कि आप उनके साथ हैं और वे बिना सोचें आपको कभी भी कॉल व मैसेज कर सकते हैं। आप भी खुद से पहल करके समय-समय उनसे बात करते रहें। आपके ऐसा करने से उन्हें यह एहसास होगा कि आपको उनकी फ्रिक है और उन्हें कठिन परिस्थिति का सामना करने में आसानी होगी।
