भारतीय भाषा महोत्सव-भाषा से यह स्पष्ट संदेश निकलकर आया। इस अनोखी पहल का आयोजन भारत में स्टार्ट अप्स के लिए सबसे बड़े मंच योर स्टोरी ने किया. इस आयोजन का समर्थन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने किया। 

 

इस सम्मेलन में जाने माने भाषा विशेषज्ञों, सांस्कृतिक कलाकारों और अन्य उद्योग विशेषज्ञों ने अपार संभावनों पर विचार विमर्श किया। इस सम्मलेन के जरिए भारतीय भाषाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि डिजिटल इको सिस्टम में भारतीय भाषाएं भी उन्नति करे। 

 

 

 

 

 

 

एक दिवसीय सम्मेलन का उद्धाटन केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन, नागरिक उड्यन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने किया। इस आयोजन में 50 से अधिक स्टार्ट अप्स ने हिस्सा लिया एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में काम कर रहे हैं। महेश शर्मा ने इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “विरासत में क्या मिला यह ज़रूरी नहीं, आप वसीयत में क्या छोड़कर जा रहे हैं यह महत्वपूर्ण है। इसलिए आई, मी,औ, माई से निकलकर एक नई लीक बनाए जिस पर लोगों को चलने के लिए मजबूर करें। तभी सही मायने में हम मानेंगे कि देश विकास के रास्ते पर है।आज का युवा हम की बात कर रहा है इसलिए इस देश का भविष्य उज्ज्वल है।”

 

 

 
 
 
 
 

योरस्टोरी की संस्थापिक और एडिटर इन चीफ श्रद्धा शर्मा ने कहा, “हमारी भाषाएं बहुमूल्य हैं, ज्ञान का संसाधन है और उसका एक विशाल सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व है जिसे मुरझाने नहीं दिया जा सकता. हम सब यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इनको बचाया जाए और नए डिजिटल इंडिया में भाषाओं का विकास हो। “

 

 

 

इस कार्यक्रम में शामिल बीजेपी की प्रवक्ता और नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा, “देश के विकास में महिलाओं की भूमिका अहम है। और महिलाएं इस बात को साबित भी कर रही हैं।यही वजह है कि महिलाओं में जागरुकता आ रही है।क्योंकि भाषा की पहली सीढ़ी मां है।” उन्होंने डिजिटल लोकतंत्रीकरण के मुद्दे के साथ इस बात पर जोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारतीय भाषाओं के जरिए सूचना और लोकतंत्र का लाभ आबादी के हर हिस्से तक पहुंचे। 

 

 

यही नहीं भोजपुरी के मशहूर गायक और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी क्षेत्रीय भाषाओं और बोली की अहमियत पर सबका ध्यान खींचा. साथ ही मशहूर शायर और गजलकार आलोक श्रीवास्तव ने भी भाषा को पकड़े रहने की वकालत की. सभाघर में मौजूद लोगों ने भी भाषा विशेषज्ञों से इसे और विकसित और मजबूत बनाने के लिए सवाल जवाब भी पूछे. सम्मेलन के दौरान माती बानी, कुशल इनामदार ने मनमोह लेने वाला रंगा कार्यक्रम पेश किया.