बच्चे में क्यों बढ़ रही है जलन और दूरी की भावना? जानें कारण व उपाय: Parenting Advice
Remove jealousy and distance in children

बच्चे में ऐसे खत्म करें जलन और दूरी की भावना

दरअसल पेरेंट्स जब बच्चों की तुलना हमेशा दूसरे बच्चों के साथ करते हैं और उन्हें हर चीज़ में बेहतर करने के लिए प्रेशर बनाते हैं, तब बच्चों में दूरी और जलन की भावना बढ़ती हैI

Parenting Advice: आजकल के बच्चों को समझाना और उन्हें अच्छी बातें सिखाना सबसे मुश्किल काम हैI अगर उन्हें समझदारी से अच्छी बातों को न सिखाया जाए, तो उनके अन्दर दूसरे बच्चों को लेकर जलन व दूरी की भावना तो आती ही है, साथ ही वे दूसरों से ईष्या भी करने लगते हैंI दरअसल बच्चों में ऐसा तब होता है जब पेरेंट्स हमेशा उनकी तुलना दूसरे बच्चों के साथ करते हैं और उन्हें हर चीज़ में बेहतर करने के लिए प्रेशर बनाते है, जिसकी वजह से बच्चा स्ट्रेस के कारण इस तरह से बर्ताव करता हैI

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Parenting Advice
Anxiety problem in children

जब कोई बच्चा एंग्जाइटी की समस्या से परेशान होता है तो उसके अन्दर जलन और ईर्ष्या जैसे लक्षण नजर आते हैंI एंग्जाइटी, तनाव, चिंता आदि सभी लक्षण मानसिक स्थिति के ही हिस्से हैं जो बच्चों के मन में जलन या ईष्या को पैदा करती हैंI

Behaving strictly
Behaving strictly with children

कई बार पेरेंट्स बच्चों पर इतनी ज्यादा रोक लगा देते हैं कि बच्चे खुद को दूसरे बच्चों की तुलना में कमजोर समझने लगते हैंI ऐसे में पेरेंट्स को समझना चाहिए कि बच्चे पर ज्यादा सख्ती करने से उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है और ज्यादा सख्ती के कारण भी बच्चों के अंदर जलन व दूरी की भावना पैदा होती हैI

 jealousy and distance
Symptoms seen when jealousy and distance develop in children
  • किसी के साथ ज्यादा घूल-मिल ना पानाI
  • दूसरे बच्चों को बात-बात पर धमकानाI
  • सबके साथ गलत व्यवहार करनाI
  • बच्चों में घबराहट की समस्या पैदा होना
  • दूसरे बच्चों के खिलाफ झूठी शिकायतें करनाI
  • हर समय उदास रहनाI
  • दूसरे बच्चों के लिए अच्छी सोच ना रखनाI
  • सभी के साथ गुस्से में बात करनाI 
Parenting Tips
Parents should adopt these Tips
  • अधिकांश घरों में ऐसा देखा जाता है कि पेरेंट्स छोटे बच्चे पर ज्यादा ध्यान देते हैं और बड़े बच्चे को हर काम खुद से करने के लिए कहते हैंI यहाँ तक कि अपना सारा समय छोटे बच्चे को ही देते हैंI लेकिन अगर आपके घर में एक से ज्यादा बच्चे हैं तो आप केवल एक ही बच्चे पर ज्यादा ध्यान ना दें, बल्कि दोनों बच्चों को सामान समय दें, ताकि उनके बीच की दूरी को कम किया जा सकेI
  • बच्चों के लिए कभी भी अलग-अलग चीजें लेकर ना आएंI ऐसा करने से दोनों बच्चे एक ही चीज़ के लिए रोते हैं और अगर उन्हें वह चीज़ नहीं मिलती है तो रोना शुरू कर देते हैंI इसलिए जब भी अपने बच्चों के लिए कुछ खरीदें तो दोनों बच्चों के लिए एक जैसी ही चीजें खरीदें, ऐसा करने से बच्चों के मन में ईर्ष्या की भावना नहीं आती हैI
  • जब आप बच्चे के साथ समय बिता रही हैं तो उसे यह एहसास कराएँ कि वह सबसे खास है और आप उससे बहुत प्यार करती हैं, जीवन में उसकी जगह कोई भी नहीं ले सकता हैI ऐसा करने से बच्चा संतुष्ट महसूस करता है और उसके अन्दर जलन की भावना पैदा नहीं होती हैI

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...