बच्चे में ऐसे खत्म करें जलन और दूरी की भावना
दरअसल पेरेंट्स जब बच्चों की तुलना हमेशा दूसरे बच्चों के साथ करते हैं और उन्हें हर चीज़ में बेहतर करने के लिए प्रेशर बनाते हैं, तब बच्चों में दूरी और जलन की भावना बढ़ती हैI
Parenting Advice: आजकल के बच्चों को समझाना और उन्हें अच्छी बातें सिखाना सबसे मुश्किल काम हैI अगर उन्हें समझदारी से अच्छी बातों को न सिखाया जाए, तो उनके अन्दर दूसरे बच्चों को लेकर जलन व दूरी की भावना तो आती ही है, साथ ही वे दूसरों से ईष्या भी करने लगते हैंI दरअसल बच्चों में ऐसा तब होता है जब पेरेंट्स हमेशा उनकी तुलना दूसरे बच्चों के साथ करते हैं और उन्हें हर चीज़ में बेहतर करने के लिए प्रेशर बनाते है, जिसकी वजह से बच्चा स्ट्रेस के कारण इस तरह से बर्ताव करता हैI
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बच्चों में जलन और दूरी पैदा होने के कारण
बच्चों में एंग्जाइटी की समस्या

जब कोई बच्चा एंग्जाइटी की समस्या से परेशान होता है तो उसके अन्दर जलन और ईर्ष्या जैसे लक्षण नजर आते हैंI एंग्जाइटी, तनाव, चिंता आदि सभी लक्षण मानसिक स्थिति के ही हिस्से हैं जो बच्चों के मन में जलन या ईष्या को पैदा करती हैंI
बच्चों के साथ सख्ती से पेश आना

कई बार पेरेंट्स बच्चों पर इतनी ज्यादा रोक लगा देते हैं कि बच्चे खुद को दूसरे बच्चों की तुलना में कमजोर समझने लगते हैंI ऐसे में पेरेंट्स को समझना चाहिए कि बच्चे पर ज्यादा सख्ती करने से उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है और ज्यादा सख्ती के कारण भी बच्चों के अंदर जलन व दूरी की भावना पैदा होती हैI
बच्चों में जलन और दूरी की भावना पैदा होने पर दिखाई देने वाले लक्षण

- किसी के साथ ज्यादा घूल-मिल ना पानाI
- दूसरे बच्चों को बात-बात पर धमकानाI
- सबके साथ गलत व्यवहार करनाI
- बच्चों में घबराहट की समस्या पैदा होना
- दूसरे बच्चों के खिलाफ झूठी शिकायतें करनाI
- हर समय उदास रहनाI
- दूसरे बच्चों के लिए अच्छी सोच ना रखनाI
- सभी के साथ गुस्से में बात करनाI
पेरेंट्स बच्चों में जलन और दूरी की समस्या को दूर करने के लिए अपनाएं ये उपाय

- अधिकांश घरों में ऐसा देखा जाता है कि पेरेंट्स छोटे बच्चे पर ज्यादा ध्यान देते हैं और बड़े बच्चे को हर काम खुद से करने के लिए कहते हैंI यहाँ तक कि अपना सारा समय छोटे बच्चे को ही देते हैंI लेकिन अगर आपके घर में एक से ज्यादा बच्चे हैं तो आप केवल एक ही बच्चे पर ज्यादा ध्यान ना दें, बल्कि दोनों बच्चों को सामान समय दें, ताकि उनके बीच की दूरी को कम किया जा सकेI
- बच्चों के लिए कभी भी अलग-अलग चीजें लेकर ना आएंI ऐसा करने से दोनों बच्चे एक ही चीज़ के लिए रोते हैं और अगर उन्हें वह चीज़ नहीं मिलती है तो रोना शुरू कर देते हैंI इसलिए जब भी अपने बच्चों के लिए कुछ खरीदें तो दोनों बच्चों के लिए एक जैसी ही चीजें खरीदें, ऐसा करने से बच्चों के मन में ईर्ष्या की भावना नहीं आती हैI
- जब आप बच्चे के साथ समय बिता रही हैं तो उसे यह एहसास कराएँ कि वह सबसे खास है और आप उससे बहुत प्यार करती हैं, जीवन में उसकी जगह कोई भी नहीं ले सकता हैI ऐसा करने से बच्चा संतुष्ट महसूस करता है और उसके अन्दर जलन की भावना पैदा नहीं होती हैI
