Summary: कौन है अर्शिया दास, जिसने सिर्फ 15 साल की उम्र में शतरंज की दुनिया में इतिहास रचा?
15 साल की अर्शिया दास ने शतरंज में इतिहास रच दिया। वह उत्तर पूर्वी भारत की पहली महिला इंटरनेशनल मास्टर (WIM) बन गई हैं। सर्बिया में हुए टूर्नामेंट में उन्होंने जीत हासिल की और साथ ही वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM) नॉर्म भी पूरा किया।
Arshiya Das: त्रिपुरा की 15 वर्षीय अर्शिया दास ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रचते हुए उत्तर पूर्वी भारत की पहली महिला इंटरनेशनल मास्टर (WIM) बनने का गौरव हासिल किया। सर्बिया में आयोजित 42वें रुदार IM नॉर्म राउंड रॉबिन टूर्नामेंट में उन्होंने 9 में से 6.5 अंक हासिल कर न केवल WIM नॉर्म पूरा किया, बल्कि टूर्नामेंट जीतकर अपना पहला वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM) नॉर्म भी हासिल किया। अब आपके मन में सवाल होगा कि अर्शिया दास कौन हैं और उन्होंने अब तक क्या-क्या हासिल किया है, तो आइए इसे समझते हैं।
अर्शिया दास कौन हैं?
नॉर्थ ईस्ट की अर्शिया दास 15 वर्ष की हैं और अगरतला के होली क्रॉस स्कूल में ICSE बोर्ड के तहत पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह शतरंज में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उनके स्कूल और सहपाठी उन्हें पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाने में मदद करते हैं, ताकि वह शतरंज की दुनिया में नाम बना सकें।
अर्शिया की शतरंज यात्रा की शुरुआत
अर्शिया के माता-पिता के अनुसार, जब वह बहुत छोटी थी, तो उन्हें एक बार मॉल ले जाया गया। वहां अर्शिया ने शतरंज का बोर्ड देखा और जिद कर दी कि यह वही खेल है जो उन्होंने लैपटॉप में देखा था, और उन्हें यह खेल चाहिए। इसके बाद अर्शिया धीरे-धीरे शतरंज में रुचि लेने लगीं, और माता-पिता ने उनका पूरा साथ दिया। अर्शिया को शुरुआत में लगातार दो सालों तक एस. कृष्णन छात्रवृत्ति मिली। इसके तहत हर साल उन्हें 50,000 रुपये दिए गए। इस मदद ने उन्हें शतरंज में बेहतर बनने में मदद की।
अंडर-7 राष्ट्रीय से वैश्विक मंच तक
फिर छह साल की उम्र में अर्शिया ने अंडर-7 राष्ट्रीय टूर्नामेंट में शीर्ष 10 में जगह बनाई। अगले साल, 2017 में, उन्होंने उसी टूर्नामेंट में भाग लिया और ब्रॉन्ज़ मेडल जीत लिया। यह सफलता उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी और उन्होंने अर्शिया की प्रतिभा को और गंभीरता से देखा। इसके बाद अर्शिया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने उज़्बेकिस्तान में गोल्ड और ब्रॉन्ज़ मेडल जीते और स्पेन में वर्ल्ड कॅडेट चैम्पियनशिप में भारत को रिप्रेजेंट किया।
शतरंज में अर्शिया की बड़ी कामयाबियां
- अर्शिया ने अपने WIM नॉर्म्स की यात्रा अप्रैल 2025 में यूएई से शुरू की। वहां आयोजित एशियाई व्यक्तिगत चैंपियनशिप में उन्होंने 9 में से 5 अंक हासिल किए और 2247 रेटिंग के साथ शानदार खेल दिखाया। इस टूर्नामेंट में उनकी खास जीत WGM मुंखजुल तुरमुंख और WIM करीमोवा गुलडोना के खिलाफ आई।
- फिर 2026 की शुरुआत में अर्शिया सर्बिया पहुंचीं और 12वें GM मिक्स टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। इस बार उन्होंने 4.5/9 अंक बनाए और 71 Elo पॉइंट्स जोड़े। टूर्नामेंट में उनकी जीत FM रूपेश रेड्डी के खिलाफ भी यादगार रही।
- अंत में उन्होंने अपना तीसरा और आख़िरी WIM नॉर्म 42वें रुदार IM नॉर्म राउंड रॉबिन टूर्नामेंट में पूरा किया। अर्शिया ने 6.5/9 अंक हासिल कर टूर्नामेंट जीत लिया और 100 Elo पॉइंट्स जोड़े। इस दौरान उन्होंने कई मजबूत खिलाड़ियों को हराया, जिनमें FM मिहाइलो जोकिक, WIM प्रिशिता गुप्ता, आंजनेया फाटक, GM ब्रांको डामलजानोविक और GM व्लादिमीर रायसेविच शामिल थे।

