When grandparents overpamper and spoil too much—what to do
When grandparents overpamper and spoil too much—what to do

Overview: दादा-दादी का जरूरत से ज्यादा लाड़ बच्चे को बिगाड़ने लगे तो जानें क्या करें

अक्सर दादा-दादी का जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार बच्चे को बिगाड़ने लगता है। ऐसे में आप स्थिति को बैलेंस करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाएं।

Over Pampering Kids: दादी-दादा या नाना-नानी का प्यार कुछ अनोखा ही होता है। कोई भी दादा-दादी या नाना-नानी अपने पोते-पोतियों को बहुत अधिक लाड़ करते हैं और शायद इसलिए बड़े होकर हम सभी को उनके गले लगाने वाले हग्स, बिना शर्त प्यार, और छोटी-छोटी खुशियां बेहद याद आती हैं। हम सभी ने बचपन अपने ग्रैंड पैरेंट्स से उस प्यार को महसूस किया है। लेकिन समस्या तब होती है, जब उनका लाड़-प्यार कुछ जरूरत से ज्यादा ही हो जाता है। बच्चों को बार-बार चॉकलेट्स या मिठाई से लेकर खिलौने, लेट नाइट मूवीज की परमिशन देना या फिर उनकी हर बात मान लेना कहीं ना कहीं बच्चों के लिए ठीक नहीं होता है। इससे बच्चों को हमेशा अपनी मनमानी करने की आदत पड़ जाती है या फिर हो सकता है कि वे घर के रूल्स को फॉलो करना जरूरी ही ना समझें।   ऐसे में घर में एक तनाव का माहौल पैदा हो सकता है।

हालांकि, इस स्थिति में आपको परेशान या फ्रस्टेट होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। अगर आप थोड़ी समझदारी के साथ-साथ धैर्य और थोड़ी प्लानिंग का सहारा लें, तो इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है। यहां बात दादी-दादा के प्यार को रोकने की बात नहीं हो रही है, बस उस प्यार को ऐसी दिशा में लगाना है जिससे बच्चे को फायदा हो और घर की रूटीन और हेल्दी आदतें भी बनी रहें। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

अक्सर ऐसा होता है कि पैरेंट्स बच्चों को बिगड़ता देखकर दादा-दादी के लाड़-प्यार को ही दोषी मानने लग जाते हैं। जिससे घर में कहीं ना कहीं तनाव की स्थिति पैदा होती है। इसलिए सबसे पहले तो आप ग्रैंड-पैरेंट्स को गलत ठहराना छोड़ दें, बल्कि इसकी जगह ये समझो कि दादा-दादी बच्चे को इतना लाड़ क्यों करते हैं। हो सकता है कि वे बच्चे के साथ अपने उन बचपन के पलों को जीना चाहते हों या फिर बच्चों के साथ मस्ती या ट्रीट्स के जरिए उनसे जुड़ना चाहते हो। अक्सर दादा-दादी बच्चों को अपना प्यार अलग तरह से दिखाते हैं। जब आप ये समझ पाते हैं तो आप गुस्से की बजाय सहानुभूति के साथ स्थिति को संभाल पाएंगे।

Calm and Respectful Conversation with grandparents
Conversation with grandparents

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि दादा-दादी के लाड़-प्यार की वजह से बच्चा जिद्दी हो गया है या फिर मनमानी करने लगा है तो ऐसे में बातचीत के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश करें। इस दौरान ध्यान रखें कि आप “हम” वाली भाषा इस्तेमाल करेंरू जैसे “आप बच्चों को ज्यादा लाड़ देते हैं” कहने के बजाय “हम घर में कुछ हेल्दी आदतें सिखाने की कोशिश करते हैं।”  कहें। आप उन्हें भरोसा दिलाएं कि आप उनका प्यार समझते हैं और यह उन्हें रोकने के बारे में नहीं है। बस आप बच्चे को सही तरह से प्यार देना चाहते हैं, जिससे वह अनुशासित भी रहें।

प्यार के साथ-साथ बच्चों के लिए नियम बनाना भी बेहद जरूरी है। बच्चे नियमों के साथ बेहतर सीखते हैं और फिर इसमें दादा-दादी का साथ भी मिलता है। जैसे आप घर में मिठाई की लिमिट तय करें कि दिन में एक ही ट्रीट मिलेगी, जिसे ग्रैंडपापा चुन सकते हैं। इसी तरह स्क्रीन टाइम भी कंट्रोल करें। ध्यान रखें कि बच्चे रूटीन का पालन करें और अपने खाने, नींद और होमवर्क के समय के साथ वे किसी तरह का समझौता ना करें।

Constructive Activities

दादा-दादी अपने पोते-पोतियों से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन अक्सर उनके प्यार जताने का तरीका बच्चे को बिगाड़ देता है। ऐसा ना हो, इसके लिए आप एक सही दिशा दें, जिसमें दादा-दादी को मजा भी आए और वे बच्चों को भरपूर प्यार दे पाएं। वहीं, दूसरी ओर बच्चा उनसे कुछ अच्छा सीखे। जैसे वे मिलकर साथ में कहानी पढ़ सकते हैं, छोटे क्राफ्ट या खाना बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, बाहर खेलना, साइकिल चलाना या गार्डन गेम्स खेलना भी अच्छा विचार हो सकता है। इससे आपको दोहरा फायदा होगा। सबसे पहले तो घर के नियम नहीं टूटेंगे और साथ ही साथ, उनके आपसी संबंध भी मजबूत होंगे।

अक्सर ऐसा होता है कि लाड़-प्यार में घर के नियम टूट जाते हैं और फिर बच्चे अपनी मनमानी करनी शुरू कर देते हैं। ऐसे में ग्रैंड पैरेंट्स का साथ मिलने से चीजें काफी आसान हो जाती हैं। इसके लिए दादा-दादी के साथ नियम डिस्कस करें और सुनिश्चित करें कि सब वही फॉलो करें। अगर कभी बच्चे को प्यार में एक्स्ट्रा स्क्रीन टाइम के लिए हां कह दिया जाए तो यह सुनिश्चित करें कि अगले दिन घर के वही रूल फॉलो हों। बच्चा अगले दिन भी पूरा टाइम स्क्रीन के सामने ना बैठा रहे।

अक्सर हम बच्चों के प्रयासों की तो भरपूर सराहना करते हैं, लेकिन ग्रैंड पैरेंट्स के सहयोग को भूल जाते हैं। आप यह गलती ना करें। दरअसल, जब दादा-दादी को लगता है कि उनकी मदद की कद्र हो रही है, तो वे ज्यादा सहयोग करेंगे। आप बच्चे को इतना प्यार और मदद देने के लिए धन्यवाद कहें। साथ ही, इस बात की भी सराहना करें कि लाड़-प्यार के साथ-साथ वे बच्चे के व्यक्तित्व के विकास में अहम् भूमिका निभा रहे हैं। आप उनके अच्छे कामों को हाइलाइट करें जैसे पढ़ाई में मदद करना या फिर अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करना। इससे ग्रैंड पैरेंट्स बच्चे को प्यार करना कम नहीं करते, लेकिन वे प्यार व नियमों के बीच बैलेंस जरूर बनाए रखते हैं।

Focus on long-term habits that really matter
Focus on long-term habits that really matter

एक पैरेंट के रूप में आप यकीनन अपने बच्चों को लेकर थोड़ा ज्यादा कॉन्शियस हैं, लेकिन फिर भी आपको हर चीज़ में दखल देने की जरूरत नहीं है। कभी-कभी छोटी चीज़ों को छोड़ दें, जैसे जन्मदिन का केक का टुकड़ा या छोटा ट्रीट। अगर आप बार-बार दखल देते हैं तो यह ग्रैंड पैरेंट्स को भी पसंद नहीं आता। आप इस बात पर फोकस करें कि बहुत ज्यादा प्यार की वजह से बच्चे में गलत आदतें ना आने लगें।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...