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भारत ही नहीं पूरे विश्व में 'किडल्टिंग' ट्रेंड चल पड़ा है। इसे आप बड़ों के अंदर बच्चे का फिर से जागना बोले या अपने बचपन को फिर से जीने की चाह। लेकिन सच्चाई ये है कि लोग अब बड़े होने पर अपने बचपन को फिर से अपने तरीके से जीना चाहते हैं।
Kidulting Trend: पिछले दिनों दुनियाभर में लैबुबु डॉल छा गई। खास बात ये थी कि इस डॉल को हिट करवाने वाले बच्चे नहीं, बड़े थे। ये एक शानदार उदाहरण है ‘किडल्टिंग’ का। भारत ही नहीं पूरे विश्व में ‘किडल्टिंग’ ट्रेंड चल पड़ा है। इसे आप बड़ों के अंदर बच्चे का फिर से जागना बोले या अपने बचपन को फिर से जीने की चाह। लेकिन सच्चाई ये है कि लोग अब बड़े होने पर अपने बचपन को फिर से अपने तरीके से जीना चाहते हैं। आइए आज जानते हैं, क्या है किडल्टिंग।
गेम जोन्स, थीम पार्क का चलन

एक समय था जब जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती थी, वो खेलों से दूर होने लगते थे। लेकिन आज ऐसा नहीं है। मेट्रो सिटीज हों या टू और थ्री टियर सिटीज सभी में ऐसे गेम जोन, एडवेंचर पार्क, थीम पार्क हैं, जहां बच्चों के साथ बड़े भी गेम्स खेलते हैं। लेजर टैग, पेंटबॉल, बॉलिंग, वीआर गेम्स, ट्रेम्पुलिंग, गो कार्टिंग जैसे गेम्स में बड़ों की भी बराबर भी भागीदारी है। वहीं ऑनलाइन माइनक्राफ्ट, पब्जी, प्ले स्टेशन पर गेम्स खेलना हो या उनो-स्केटिंग-साइकिलिंग सभी इस लिस्ट में शामिल हैं। बड़े अब अपना बचपन अपनी तरह से जीना चाहते हैं। यह उनके लिए खुश रहने का तरीका है।
28% वयस्क खिलौना खरीदार
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह बात सच है कि दुनियाभर में खिलौने खरीदने वालों में से एक चौथाई से ज्यादा हिस्सा वयस्कों का है। वयस्क इसे तनाव दूर भगाने और यादें ताजा करने का जरिया मान रहे हैं। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर अब ‘किडल्स’ कैटेगरी के खिलौनों का मार्केट लगभग 28% बन चुका है। अनुमान है कि कुछ सालों में यह हिस्सेदारी 30 से 40% तक पहुंच सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही अब ऐसे टॉय स्टोर खोले जा रहे हैं, जहां बड़े भी खुलकर एंजॉय कर सकते हैं। ऐसे स्टोर्स खासतौर पर वयस्कों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं। यहां अलग से 18 प्लस सेक्शन भी होते हैं।
फिर से बचपन जीना है किडल्टिंग
दुनियाभर में किडल्टिंग ट्रेंड पॉपुलर हो रहा है। इसमें वयस्क बच्चों जैसी चीजें करते हैं। जिनमें खिलौने खरीदने से लेकर कार्टून देखना, थीम पार्क जाना, टॉय कलेक्शन करना आदि शामिल है। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में अकेले अमेरिका में वयस्कों ने खिलौने खरीदने पर करीब 7 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च किए। यह अमेरिका में एक्शन फिगर्स मार्केट की कुल बिक्री का लगभग आधा है।
पुराना ट्रेंड, अब ज्यादा बढ़ा
मनोचिकित्सक डॉ.मनीषा गौड़ कहती हैं किडल्टिंग में कोई बुराई नहीं है और न ही ये आज का ट्रेंड है। हर दौर में इसे देखा जाता है। हालांकि पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया ने इसे और बढ़ावा दिया है। वहीं कोविड के बाद से लोगों का जिंदगी देखने का नजरिया काफी बदल गया है। वे अपने आज को खुलकर जीना चाहते हैं। ऐसे में किडल्टिंग ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
दिमाग को रिलैक्स करने का तरीका
किडल्टिंग दिमाग को रिलैक्स करने का एक बेहतरीन तरीका है। ऐसा करके आप न सिर्फ अपने बचपन को फिर से जी सकते हैं। बल्कि बचपन की अधूरी या बुरी यादों को फिर से संवार भी सकते हैं। ऐसा करके आप मानसिक सेहत में सुधार कर सकते हैं।
