CBSE board exam 2026 class 10
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Vastu Tips for Students: आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में अच्छे नंबर पाना और शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल करना हर छात्र के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। मेहनत और समर्पण तो ज़रूरी है ही, लेकिन कुछ और पहलू भी हैं जो बच्चों की पढ़ाई और उनके परिणामों को प्रभावित करते हैं। इन पहलुओं में से एक है वास्तु शास्त्र, जो एक प्राचीन विज्ञान है और जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करता है, खासकर शिक्षा को। आइए जानते हैं कुछ वास्तु टिप्स जो बच्चों को अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद कर सकती हैं:

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पढ़ाई करते समय दिशा का बड़ा महत्व होता है। छात्रों को उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुंह करके पढ़ाई करनी चाहिए, क्योंकि ये दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और मनोबल को बढ़ाती हैं।

पढ़ाई के साथ-साथ किताबों का सही स्थान भी बहुत महत्वपूर्ण है। वास्तु के अनुसार, किताबों को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए। यह दिशा पढ़ाई में रुचि बढ़ाती है और विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति आकर्षित करती है।

समय प्रबंधन की महत्ता को देखते हुए वास्तु शास्त्र के अनुसार, घड़ी को उत्तर या पूर्व दीवार पर रखा जाना चाहिए। इन दिशाओं में घड़ी रखने से समय का सही उपयोग होता है और आलस्य को दूर किया जा सकता है।

दीवारों का रंग भी पढ़ाई के माहौल को प्रभावित करता है। हल्के और ताजगी देने वाले रंग जैसे हल्का नीला, हरा या क्रीम रंग, सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं और पढ़ाई के लिए एक शांति और उत्साही वातावरण तैयार करते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, अध्ययन कक्ष को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए। अव्यवस्था और गंदगी न केवल कमरे में नकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करती है, बल्कि यह छात्र की मानसिक स्थिति और एकाग्रता को भी प्रभावित करती है।

लकड़ी की टेबल और कुर्सी का इस्तेमाल करें, जो मानसिक शांति और फोकस को बढ़ाती हैं। चौकोर या आयताकार टेबल का उपयोग करना शुभ माना जाता है।

पढ़ाई के स्थान पर एक छोटा सा पौधा रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। स्वच्छ पानी भी कमरे में रखना शुभ माना जाता है।

मुख्य द्वार के सामने पढ़ाई का स्थान नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह ध्यान भंग कर सकता है। द्वार के पास पढ़ाई का स्थान रखकर छात्रों की ऊर्जा में दिक्कत आ सकती है। हमेशा सुनिश्चित करें कि पढ़ाई का क्षेत्र शांत और एकांत हो।

मंदिर में समय बिताने से भी मानसिक ऊर्जा बढ़ती है। इसे अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, इससे मानसिक शांति मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। ये पढ़ाई में फोकस बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है।

इन वास्तु शास्त्र के सरल और प्रभावी उपायों को अपनाकर छात्रों को अपने अध्ययन के माहौल में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिल सकती है। ये छोटे से बदलाव बड़े परिणाम ला सकते हैं, जो पढ़ाई में अधिक मनोबल, एकाग्रता और आत्मविश्वास का कारण बन सकते हैं।

राधिका शर्मा को प्रिंट मीडिया, प्रूफ रीडिंग और अनुवाद कार्यों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ रखती हैं। लेखन और पेंटिंग में गहरी रुचि है। लाइफस्टाइल, हेल्थ, कुकिंग, धर्म और महिला विषयों पर काम...