सही समय है चाँदी में निवेश का, रिटर्न में गोल्ड को भी छोड़ा पीछे: Right Time to Invest in Silver
Right Time to Invest in Silver

सही समय है चाँदी में निवेश का, रिटर्न में गोल्ड को भी छोड़ा पीछे

इस समय निवेश और रिटर्न के मामले चांदी सबकी चहेती बन गई है क्योंकि इस साल चांदी ने सोने को निवेश और रिटर्न दोनों ही मामलों में पीछे छोड़ दिया है।

Right Time to Invest in Silver: सोने या गोल्ड से हर महिला को प्यार होता है। एक तो इसके आभूषण आपकी ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं और दूसरा निवेश पर बेहतर रिटर्न देने के हिसाब से भी ये ऑप्शन बहुत अच्छा है। इसलिए वो चाहती हैं कि जब भी थोड़ी बचत के पैसे जमा हों और सोने का कुछ ना कुछ ख़रीद लें। महिलाओं के अलावा पुरुष निवेशकों का भरोसा भी सोना पर ज्यादा रहा है। लेकिन, आज इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपकी यह ग़लतफ़हमी दूर हो जाएगी क्योंकि इस समय निवेश और रिटर्न के मामले चांदी सबकी चहेती बन गई है क्योंकि इस साल चांदी ने सोने को निवेश और रिटर्न दोनों ही मामलों में पीछे छोड़ दिया है।

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सिल्वर ईटीएफ में हुई तीन गुनी बढ़ोत्तरी

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इस साल सिल्वर एक्सचेंज ट्रेड फंड यानी सिल्वर ईटीएफ की प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति में पूरे 131 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है जबकि इस दौरान गोल्ड ईटीएफ के एयूएम में महज़ 16 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। साल 2024 की शुरुआत से ही सिल्वर ईटीएफ में निवेश उच्च स्तर पर रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि जनवरी-मई 2024 की अवधि में सिल्वर ईटीएफ में 2653 करोड़ रुपये का निवेश आया। निवेशकों के रुझान और चांदी की बढ़ती कीमतों और निवेशकों के की वजह से मई 2024 तक सिल्वर ईटीएफ का कुल एयूएम बढ़कर 7018 करोड़ पहुंच गया। जोकि मई 2023 में 1852 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर सिल्वर ईटीएफ की संपत्ति (एयूएम) में 279 फीसदी की वृद्धि हुई है।

बेहतर रिटर्न

Silver bar
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चांदी ने इस साल निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिए हैं। इस साल  जनवरी से 15 मई 2024 तक चांदी में निवेश करने वालों को करीब 20 फीसदी का फायदा हुआ जबकि इस बीच सोने में निवेश करने वालों को मात्रा 14 फीसदी का ही मुनाफा हुआ है। पिछले एक साल में सालाना आधार पर भी चांदी सोने पर भारी पड़ी है। एक साल में चांदी के निवेशकों को 22 फीसदी जबकि सोने के निवेशकों को 21 फीसदी का मुनाफा हुआ है। 14 मई को सोना की कीमत 71,578 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की 87,833 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

इंडस्ट्रियल डिमांड

दुनियाभर में ईवी और हाइब्रिड कारों की बढ़ती डिमांड और सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की वजह से भी चांदी को अच्छा सपोर्ट मिला है। सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल के निर्माण में चांदी का उपयोग किया जाता है. यहां से चांदी की अच्छी डिमांड देखने को मिल रही है। इस कारण चाँदी की क़ीमतें ऊपर जा रही हैं। टेलीकॉम कंपनियां धीरे धीरे 5जी टेक्नोलॉजी ला रही हैं। इसमें चांदी का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इससे भी चांदी की माँग बढ़ी है। अनुमान है कि चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड इस साल 10 फीसदी और बढ़ सकती है।

तो, अगर आप भी निवेश का मन बना रहे हैं तो चाँदी की तरफ़ रुख़ करिए, यह आपको भविष्य में बेहतर रिटर्न दिलवायेगा।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...