लोगों को अब पसंद आ रही है 'मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल', जानिए क्या है इसमें खास: Minimalist Lifestyle
Minimalist Lifestyle

Overview:

दुनियाभर में अब एक बार फिर से सादगी को अपनाया जा रहा है। सादगी से भरे इस चलन को नाम दिया गया है 'मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल'। पद्मश्री सुधा मूर्ति, मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और एपल के संस्थापक स्टीव जॉब्स सहित दुनियाभर के कई लोगों ने उसे अपनाया।

Minimalist Lifestyle: कुछ लोगों को शॉपिंग का जुनून होता है। शॉपिंग करने से उन्हें अच्छा लगता है। चाहे फिर वो अपने लिए हो, दूसरों के लिए हो या फिर घर के लिए हो। अगर वे कुछ दिन शॉपिंग नहीं करते तो वे उदास रहने लगते हैं, उन्हें कुछ अच्छा नहीं लगता। ऐसे लोग शॉपिंग फोबिया के शिकार हो जाते हैं। लेकिन इस फोबिया और भौतिकवाद से इतर दुनियाभर में अब एक बार फिर से सादगी को अपनाया जा रहा है। सादगी से भरे इस चलन को नाम दिया गया है ‘मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल‘। पद्मश्री सुधा मूर्ति, मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और एपल के संस्थापक स्टीव जॉब्स सहित दुनियाभर के कई लोगों ने उसे अपनाया। क्या है मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल और क्या हैं इसके फायदे, ये हर उस शख्स को जानना चाहिए जो सुकून की तलाश में है। 

Minimalist Lifestyle-मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल भले ही इन दिनों ट्रेंड में है और दुनियाभर के कई देशों में इसे फॉलो किया जा रहा है।
Minimalist lifestyle is in trend these days and is being followed in many countries around the world.

मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल भले ही इन दिनों ट्रेंड में है और दुनियाभर के कई देशों में इसे फॉलो किया जा रहा है। लेकिन असल में हमारे पूर्वज सालों से इसी जीवनशैली के आदी हैं और इसे फॉलो भी करते हैं। यह जिंदगी को सरल और सादगी से जीने का एक तरीका है। इस लाइफस्टाइल में लोग कम चीजों में खुश रहने की कोशिश करते हैं। वे सिर्फ वहीं चीजें खरीदते हैं, जिनकी उनको सच में जरूरत है। वह सिर्फ खुश होने के लिए बिना जरूरत के सामान खरीदने से बचते हैं। इससे न सिर्फ लोगों का अनावश्यक खर्च बचता है, बल्कि वे कई प्रकार के दबाव से भी बच जाते हैं। 

जापान के लोग आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हैं। वे सरल और व्यवस्थित जीवन जीने में विश्वास रखते हैं। ऐसे में यहां के अधिकांश बुजुर्गों के साथ ही युवा पीढ़ी भी मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल को अपना रही है। जापानी युवा अंधाधुंध कपड़े और एक्सेसरीज खरीदने की जगह बहुत ही संभल कर शॉपिंग करने में विश्वास करते हैं। वे जरूरत पड़ने पर ही कपड़े खरीदते हैं। इतना ही नहीं वे होम डेकोर में भी मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल अपनाते हैं। वे घर को बहुत सारे शॉपीस, फर्नीचर या आर्ट वर्क से सजाने की जगह उसे परिवार की कुछ फोटोज और सिंपल फर्नीचर के साथ सजाना पसंद करते हैं। लोगों का मानना है कि मिनिमलिस्ट तरीके से घर को सजाने से उनका क्लीनिंग में लगने वाला काफी समय बच गया है। घर में ज्यादा सामान नहीं होने के कारण उन्हें संभालने की झंझट भी नहीं होती। ऐसे में समय और रुपए दोनों बचते हैं।  

मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल के एक नहीं कई फायदे हैं, हालांकि यह हर किसी के लिए अलग हो सकती है। यह लाइफस्टाइल आपके जीवन में सुकून लाती है। दरअसल, इससे आपको समझ आता है कि जिंदगी में ज्यादा की चाहत कभी पूरी नहीं होती। आज जो आपके पास है, कल आपको उससे ज्यादा चाहिए होगा। और जब आप उस टारगेट को पा लेंगे तो आपका अगला टारगेट बन जाएगा। ऐसे में कम में खुश रहने की कला मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल आपको सिखाती है। साथ ही यह बचत का एक अच्छा तरीका भी है। इसके कारण आपको परिवार और खुद के लिए ज्यादा समय मिल पाता है। आप घर के अनावश्यक कामों से बच जाते हैं। रिसर्च गेट के एक अध्ययन के अनुसार मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग मानसिक रूप से ज्यादा शांति और सुकून महसूस करते हैं। वे जिंदगी को लेकर ज्यादा पॉजिटिव होते हैं।  

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...