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Delay Speech in Kids: कुछ बच्चों को बोलने में काफी तकलीफ होती है। क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं किन कारणों से कुछ बच्चों को बोलने में देरी होती है?
Speech Delay in Kids: क्या आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपका बच्चा देरी से बोल रहा है? क्या डेढ़ साल की उम्र में भी आपका बच्चा सही से कुछ भी बोलने की कोशिश नहीं कर रहा है? अगर हां, तो इसके पीछे की वजह जरूर जान लें। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर पांच में से एक बच्चा देरी से बोलता है। इनकी बोलने की क्षमता अन्य बच्चों की तुलना में देरी से विकसित होती है। इसके पीछे कई सामान्य और गंभीर कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं क्यों देरी से बोलते हैं कुछ बच्चे?
ओरल-मोटर डिसऑर्डर
अगर आपका बच्चा देरी से बोल रहा है, तो इसके पीछे की वजह मस्तिष्क क्षेत्रों में कोई परेशानी हो सकती है। मस्तिष्क का यह क्षेत्र बोलने के लिए जिम्मेदार मांसपेशियों को कंट्रोल करता है, जिसके परिणाम स्वरूप आपका बच्चा सही से बोल पाता है। ऐसे में अगर बच्चे का यह मस्तिष्क क्षेत्र किसी कारण से प्रभावित हो रहा है, तो उन्हें बोलने में परेशानी हो सकती है।
अगर आपका बच्चा बोल नहीं पा रहा है, तो यह एप्रेक्सिया नामक स्थिति हो सकती है। इसके अलावा डिसरथ्रिया भी ओरल-मोटर डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे को बोलने में परेशानी हो सकती है।
जेनेटिक परेशानी

बच्चे का देरी से बोलने का कारण जेनेटिक समस्या भी हो सकती है। आमतौर यह परेशानी उन बच्चों में होती है, जिनके माता-पिता को भी इस तरह की परेशानी हुई होती है। हालांकि, कई बार जेनेटिक हिस्ट्री न होने के कारण भी बच्चों को इस तरह की परेशानी होती है।
ऑटिज्म

ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को भी बोलने में और समझने में परेशानी होती है। इसलिए अगर आपका बच्चा 12 महीनों तक किसी भी तरह का संकेत समझ नहीं पा रहा है, तो इस स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। ताकि ऑटिज्म का इलाज शुरू किया जा सके।
सुनने की समस्या

कुछ बच्चों की सुनने की क्षमता काफी ज्यादा कमजोर होती है, जिसकी वजह से भी उन्हें बोलने में परेशानी हो सकती है। क्योंकि वे दूसरे की बातों को समझ नहीं पाते हैं, जिससे वे सही रिप्लाई दे सकें। अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपका बच्चा सही से सुन और समझ नहीं पा रहा है, तो इस स्थिति में तुरंत बाल चिकित्सक की मदद लें।
बौद्धिक अक्षमता

बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों में अक्सर विकास काफी देरी से होता है। इस तरह के बच्चे न सिर्फ बोलने में देरी करते हैं, बल्कि उन्हें चीजों को समझने, सुनने, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और शारीरिक एक्टिविटी को करने में भी देरी करते हैं। इन बच्चों को ऐसे शब्द बनाने या उच्चारण करने में परेशानी हो सकती है, जिन्हें दूसरे लोग समझ सकें। उन्हें वाक्यों को एक साथ रखने या भाषा को समझने में भी कठिनाई हो सकती है। इसलिए अगर आपको लग रहा है कि आपका बच्चा देरी से बोल रहा है तो इस स्थिति में एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
कान में संक्रमण

कुछ बच्चों के कान में संक्रमण की परेशानी होने लगती है। इसका कारण गंदे हाथों से कान छूना, मिट्टी के साथ खेलना इत्यादि हो सकते हैं। इस स्थिति में कभी-कभी बच्चों को सुनने में दिक्कत आ जाती है, जिसके कारण उन्हें बोलने में तकलीफ हो सकती है। इसलिए बोलने में देरी करने वाले बच्चों का ईयर इन्फेक्शन जरूर चेक कराएं।
कुछ बच्चों को बोलने में काफी देरी हो सकती है। अगर आपका बच्चा देरी से बोल रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि गंभीर स्थिति से समय से बचाव किया जा सके।
