जानें, 20 सेकंड का पॉवर हग क्यों है बच्चों के लिए जादू की झप्पी
बच्चों के सही शारीरिक और मानसिक विकास में एक जिस चीज़ का बड़ा महत्व है वह है पॉवर हग। यक़ीन मानिए यह पॉवर हग बच्चों के लिए जादू की झप्पी से कम नहीं क्योंकि इससे बच्चे को बहुत से फ़ायदे होते हैं।
Power Hug for Kid: बच्चों के सही तरह से विकास के लिए पैरेंट्स हर तरह का प्रयास करते हैं, ख़ासतौर पर माँ बच्चे के पेट में आने के साथ ही बच्चे के लिए तरह-तरह के सपने देखने लगती है। उनके लिए सब कुछ करती है। लेकिन, बच्चों के सही शारीरिक और मानसिक विकास में एक जिस चीज़ का बड़ा महत्व है वह है पॉवर हग। यक़ीन मानिए यह पॉवर हग बच्चों के लिए जादू की झप्पी से कम नहीं क्योंकि इससे बच्चे को बहुत से फ़ायदे होते हैं। जानते हैं पॉवर हग के फ़ायदों के बारे में-
पॉवर हग क्या है?
पॉवर हग में बच्चों को तेज़ी से हग किया जाता है। 20 सेकंड का यह हग बच्चों के लिए बेहद ज़रूरी है। दरअसल, दो लोगों की हार्टबीट एक होने में 20 सेकंड का समय लगता है इसलिए पॉवर हग कम से कम 20 सेकंड का होता है।

बॉन्डिंग के लिए
बच्चे हमेशा पैरेंट्स से प्यार की उम्मीद करते हैं। जब आप बच्चों को पॉवर हग करते हैं तो इससे आपकी बच्चों के साथ बॉन्डिंग बढ़ती है, वो आपके साथ हर बात शेयर करने का साहस पैदा कर पाते हैं। इससे बच्चे के विकास पर सकारात्मक प्रभाव होता है।

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हैप्पी हार्मोन्स रिलीज़ होते हैं
बच्चों को हग करने से उनके शरीर में ऑक्सीटॉसिन यानी हैप्पी हॉर्मोन का सीक्रीशन होता है। इन हैप्पी हार्मोन्स से मूड अच्छा होता है और बच्चा रिलैक्स महसूस करते हैं। इसमें एंटी-इंफ़लामेटरी गुण होते हैं जिससे बच्चे की इम्युनिटी बढ़ती है और वो संक्रामक बीमारियों की आसानी से चपेट में आने से बचता है।

आत्मविश्वास होता है बूस्ट
जब आप बच्चे को पॉवर हग करते हैं तो उससे उसका आत्मविश्वास बूस्ट होता है। बच्चे पहले से बेहतर महसूस करते हैं और उनके अंदर ना सिर्फ़ आपके बल्कि दूसरों के प्रति भी सम्मान और आदर की भावना पैदा होती है।

मेंटली स्ट्रांग बनते हैं
बच्चे को पॉवर हग करना सिर्फ़ उसको शारीरिक रूप से ही मज़बूत नहीं बनाता बल्कि उसकी मेंटल हेल्थ को भी मज़बूत बनाता है। हग करने से स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल का स्तर गिरता है। इसलिए जब भी आपको लगे कि बच्चा किसी वजह से स्ट्रेस महसूस कर रहा है, तो उसको हग करें। इससे बच्चों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, हाइपर एक्टिविटी, गुस्सा और चिड़चिड़ाहट जैसी समस्याएँ नहीं होती हैं।

स्मार्ट और हंसमुख रहते हैं
कई बच्चे इंट्रोवर्ट और शर्मीले होते हैं। दूसरों के सामने ज्यादा नहीं बोलते। इसका कारण कई बार उनके मन में डर और शंका हो सकता है। लेकिन, जब हम बच्चों को पॉवर हग करते हैं तो बच्चे ख़ुद को सेफ और सिक्योर्ड महसूस करते हैं। वो खुलते हैं और दूसरों के साथ अच्छे से मिलते-जुलते हैं।

तो, आप भी बच्चों को हर दिन बीस सेकंड का पॉवर हग ज़रूर करें। यह हग आप उसको कभी भी कर सकते हैं। चाहें, सुबह उठने पर, स्कूल जाते समय या स्कूल से घर आने के बाद। इसके बाद आप अपने बच्चे में बहुत ही सकारात्मक परिवर्तन नोटिस करेंगे।
