बेटियों की परवरिश करते समय इन बातों का रखें ध्यान, हमेशा नाम रोशन करेगी आपकी बिटिया
Parenting Tips : बेटी की परवरिश करते समय उनकी कुछ बातों पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी होता है। आइए जानते हैं इस बारे में-
Daughter Parenting Tips: बच्चों की परवरिश बेहतर ढंग से हो, इसके लिए माता-पिता हर संभव प्रयास करते हैं। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे हमेशा दूसरों से आगे रहे, इसके लिए वे हर संभव प्रयास भी करते हैं। पेरेंटिंग में जब बात बेटी की आती है, तो माता-पिता थोड़ा ज्यादा सजग हो जाते हैं, ताकि आगे चलकर उनकी बेटी का भविष्य बेहतर हो सके। लेकिन कई बार माता-पिता की परवरिश में कुछ कमी रह जाती है, जिसकी वजह से आगे चलकर बेटियों को दिक्कत आ सकती है। इसलिए अगर आप एक बेटी के माता-पिता हैं, तो उन्हें लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दें। आइए जानते हैं बेटी की परवरिश करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
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बेटी को दूसरों की हीन भावनाओं से बचाएं

हमारा देश भले ही आज के समय में काफी विकास कर रहा है, लेकिन जब बात बेटियों की आती है तो लोग नाम सुनते ही नाक सिकोड़ लेते हैं। खासतौर पर अगर किसी के घर में लड़की होती है, तो उन्हें सांत्वना दी जाती है। ऐसे में अगर आपकी बेटी के सामने बार-बार बेटी को लेकर सांत्वना दी जाती है, तो उनके मेंटल हेल्थ पर इसका गहरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से वे कॉन्फिडेंट नहीं हो पाती है। इसलिए अगर आपको बेटी के सामने कोई बेटी होने को लेकर सांत्वना दे, तो उन्हें सही जबाव दें ताकि आपकी बेटी का कॉन्फिडेंट लेवल न गिरे।
बेटी को बनाए आर्थिक रूप से मजबूत

बेटी के मन में कभी ये बात न डालें कि आगे चलकर उन्हें रोटी ही पकानी है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी बेटी आगे चलकर लोगों के सामने मिशाल बने, तो उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश करें। इसके लिए उन्हें अच्छे से बढ़ाएं और उन्हें घर के कामकाजों में लगाने के बजाय बाहर की चीजों को समझाएं, ताकि वे अपने पैरों पर अच्छे से खड़ी हो सकें।
बेटी को चुप रहने के लिए न बोलें
कई बार जब घर की बेटी ऊंची आवाज में बात करती है, तो माता-पिता या अन्य सदस्य उसे चुप होने के लिए बोल देते हैं कि तुम बेटी हो तो तुम रहा करो, लड़की को कम बोलना चाहिए, इत्यादि बातें उन्हें सुनने के लिए मिलती है। इस तरह की बातों से उनका कॉन्फिडेंट लेवल कम होता है, जिसकी वजह से वे बाहर में भी अपने लिए आवाज नहीं उठा पाती हैं। इसलिए अगर आपके घर में बेटी है, तो उसे चुप होने के लिए न कहें।
बेटी की बात पर करें भरोसा

कई बार माता-पिता बेटी की बात को सुने वगैर फैसला ले लेते हैं और उन्हें जज करने लग जाते हैं। ऐसे में उनके मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। इसलिए दूसरों की बातों को सुनने के बजाय आप अपनी बेटी की बात सुनें और उसपर भरोसा करें।
बेटी की परवरिश करते समय अगर आप उनकी इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हैं, तो आगे चलकर वे काफी सफल हो सकती हैं। इसलिए बेटी पर दबाव डालने के बजाय उनके दोस्त बनकर उन्हें समझने की कोशिश करें।
