आपसी मतभेद में तलाक हो जाना अब आम हो चुका है। कई बार अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट को ध्यान रखते हुए लड़कियां तलाक का सहारा लेती हैं। पर इसके बाद जाएं कहां? ये सवाल तब और परेशान करता है, जब आप आत्मनिर्भर न हों। जिंदगी भर सिर्फ दूसरों के सहारे रह कर तलाक के बाद तो चलता नहीं है। इसलिए जरूरत होती है कि तलाक लेने वाली महिला अपने पैरों पर खड़े होने के बारे में सोचें जरूर। लेकिन इस काम में मदद कौन करेगा? भाभी। जी हां, भाभी एक ऐसी इंसान होती है, जो पूरे घर के लिए दिल का काम करती है। यही दिल तलाक लेकर घर आई ननद के लिए सहारा बन सकता है। भाभी ननद को बता सकती है कि पैरों पर खड़े होना कई सारी सामाजिक दिक्कतों को कम कर देता है। यकीन मानिए परिवार टूटने के गम को भूल पैरों पर खड़े होने का साहस ननद आसानी से दिखा लेगी। तलाक लेकर मायके आ गई ननद के लिए आत्मनिर्भर बनने की यात्रा भाभी कैसे बना सकती है आसान, जान लीजिए-

क्यों जरूरी है आत्मनिर्भर होना?-

इस दुनिया में हर एक इंसान को हक है कि वो आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बने। दरअसल आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होना, आपको अपने निर्णय खुद लेने की आजादी देता है। और जब महिलाएं तलाक के काल में समाती हैं तो बहुत आपसी सगे-संबंधी भी खुद को उनसे सिर्फ इसलिए अलग कर लेते हैं कि तलाकशुदा महिला का खर्चा कैसे चलाएंगे। ऐसे में ये जरूरी है कि तलाकशुदा महिला खुद को आर्थिक आत्मनिर्भर जरूर बना लें। 

समझाना होगा कठिन

आर्थिक आत्मनिर्भरता क्यों जरूरी है? ये तो आपने जान लिया लेकिन अब ये भी जान लीजिए कि ननद को ये बात आप समझाएंगी कैसे? समझाना इस वक्त कठिन इसलिए होगा क्योंकि तलाकशुदा महिला स्वभाव से बेहद सेंसिटिव होती है। उसके मन पर अपना परिवार टूटने का दबाव इस कदर होता है कि उसे अपने दुख के आगे कुछ समझ नहीं आ रहा होता है। ऐसे में उसका मन आत्मनिर्भरता की ओर मोड़ना आसान बिलकुल नहीं होता है। ठीक इस वक्त अगर आप उन्हें समझाने की कोशिश करेंगी तो आपके लिए ये सब कठिन भी होगा ही। 

समझाएं ऐसे

समझाना भले ही कठिन हो लेकिन इस वक्त ये काम बेहद जरूरी होगा। इसलिए ये काम आपको करना तो होगा ही। इसलिए इस वक्त सबसे पहले ननद से बात करें। बात की शुरुआत उसके दिल के गुबार से करें। उससे कहें कि आप उनकी दोस्त हैं और वो आपसे सबकुछ कह सकती हैं। वो आपसे हो सकता है कि सारे दुख-दर्द कह दें। फिर उन्हें इन दुखों को भूलने का जरिया समझाइए। उन्हें बताइए कि अपने पैरों पर खड़े होकर आप अपनी इस स्थिति से आसानी से निकल सकती हैं। अगर आप काम करने लगेंगी तो कम से कम इसका मानसिक असर तो नहीं होगा।  

प्रतिभा को पहचानें

अब मौका है कि आपकी ननद अपनी प्रतिभा को पहचानें। इसके लिए भी भाभी होने के नाते आपको आगे आना होगा। उन्हें समझाइए कि हर इंसान में कुछ न कुछ खासियत तो होती ही है। ये खासियत उनमें भी जरूर है, जो सोचते हैं, उन्हें कुछ नहीं आता है। इसलिए आपकी ननद को कुछ तो जरूर आता होगा, जिन्हें पहचान कर वो उससे आत्मनिर्भर बन सकें। इसलिए आप खुद भी देखिए और  उनसे भी कहिए कि खुद की प्रतिभा को पहचानें। इसके लिए आप उन्हें उनकी ख़ासियतें ध्यान दिला सकती हैं। जैसे आपने एक बार साड़ी पेंट की थी। ऐसे ही किया कीजिए, आप इससे पैसे कमा सकती हैं। 

रुकावटें आएंगी

इस दौरान भाभी होने के नाते आपको बताना होगा कि कोई काम शुरू करने पर कई रुकावटें आती रहती हैं। हो सकता है आपको भी इनका सामना करना पड़े। उस वक्त घबराइएगा नहीं। मैं आपका साथ हमेशा देती रहूंगी। 

ननदभाभी का कड़वा रिश्ता

हमेशा से ननद भाभी के रिश्ते को कड़वा ही माना गया है। लेकिन जब ननद तलाक वाले दौर से गुजर रही हो तो उसके सामने ये रिश्ता कड़वा तो जाना तो बिलकुल भी इंसानियत वाला काम नहीं होगा। इसलिए इस वक्त आपको रिश्ते में कड़वाहट बिलकुल नहीं आने देनी होगी। बल्कि दोस्ती का एक अनोखा रिश्ता अपनी ननद के सामने हमेशा ही रखना है। ये हो सकता है कि ननद आपसे ऐसा रिश्ता रखें। वो आपके प्यार भरे कदम को चालाकी से भरा कदम मान लें। ऐसे में आपको इसको नजरअंदाज कर्ण ही होगा और अपने कदमों को वैसे ही जारी रखना होगा। ऐसे तब तक तो करिए ही जब तक ननद खुद आपको सख्ती से ऐसा करने के लिए मना न कर दें। 

 

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