अगर आप फूलों की शौकीन हैं तो आपके लिए सर्दियों का मौसम सबसे उपयुक्त है जब आप रंग-बिरंगे फूलों से अपनी बगिया महका सकती हैं। खास बात यह है कि इस मौसम में आप अपना बगीचा ही नहीं छोटा सा टैरेस गार्डन भी महका सकती हैं। तो समय है अपनी बगिया या टैरेस में फूलों के पौधे लगाएं और फूलों की खुशबू से पूरा घर महकाएं।

सर्दियों के फूल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस मौसम में लगाए जाने वाले खास फूल हैं- मिमुलस, वाल फ्लॉावर, एलाइसम, कैंडीटफ, बिगोनिया, कारनेशन, डेजी, डायमोरफोतिका, गजेनिया, हेली क्राइसम, आइस प्लांट, ल्युपिन, ब्राचीकम, लाइनेरिया, निकोटियाना, नाइजेलिया, इम्पेशन्स, पैंजी, फ्लॉक्स, मैरीगोल्ड, जाफरी, डहेलिया, ऑरनामेंटल कैबेज, साइनेरिया, साल्विया। इसके अलावा सांध्य मालती, (पेटुनिया), रजनीगंधा (ट्यूबरोज), ग्लैडिओलस, कैलेन्डुला एन्टिरहिनम, एलिसम, डिमोरफोथेका, एसोलिझिया, गेरबेराएगोडेतिया, लाइनेरिया, मेसमब्राइन्थेमम, ब्रासिका, मेतुसेरिया, वेरबेना, विओलाए कारनेशन भी बेहतर विकल्प हैं।

 

रंग-बिरंगे विकल्प

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सर्दियों में खिलने वाले पौधों में सेवंती और गेंदे के ढेर सारे प्रकार बाजार में मौजूद हैं। इनके रंग- बिरंगे फूल बगिया को खुशबू से भर देते हैं। वहीं सर्दियों भर फूल देने वाले पौधों में भी अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। यदि आप फूल वाले पौधे लगाना चाहते हैं, तो पिटूनिया, सालविया, सिलोचिया, हॉलीहॉक, हेलोक्रायसम, वर्बिना, स्वीट विलियम, स्वीट एलाइसम, चायना मोट आदि चुन सकते हैं। सजीले पौधों से बगीचे को सजाना चाहते हैं, तो कोलियस और इम्बेशन लगाएं।

 

खास हैं गुलाब

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सबसे पहले बात फूलों के राजा गुलाब की। लाल, सफेद, गुलाबी और अब तो हरे और काले गुलाब भी खिला सकते हैं। कितने ही रंगों में खिलने वाला यह फूल अपने आप में खास है। खास खुशबू और खूबसूरती के कारण ही ये फूलों का राजा कहलाता है। इसकी लगभग 100 प्रजातियां पाई जाती हैं।

फूलों का राजा ट्य़ूलिप

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गुलाब तो हर मौसम में फूलों का राजा है पर ठंड के फूलों का राजा ट्यूलिप को कहा जाता है। ट्यूलिप काफी खूबसूरत और मनमोहक होता है। इसे देखकर ऐसा लगता है, मानो यह आर्टिफिशियल फूल है। ट्यूलिप 109 प्रजाति और लाल, गुलाबी, पीला, नीला, बैगनी रंगों में पाया जाता है।  

 

गुलदाउदी के घने फूल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गुलदाउदी के फूल खूब घने लगते हैं। पतली- पतली पत्तियां और इतनी सुंदर बनावट। गुलदाउदी संसार के सबसे प्रसिद्ध एवं शरद ऋतु में फूलने वाले पौधों में से एक है। यह लाल, गुलाबी, पीला, बैंगनी और मिले-जुले रंगों में पाया जाता है। यह बारहमासी सजावटी पौधा है। इसकी लगभग 30 प्रजातियां पाई जाती हैं।

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गुड़हल से सजे घर

 

इसे हिबिसकस या जवांकुसुम भी कहते हैं। यह विभिन्न रंगों में तो मिलते ही हैं, साथ ही इनका आकार भी कई तरह का होता है। इसकी करीब 200 से 220 प्रजातियां पाई जाती हैं। पूजा-पाठ में भी इसका उपयोग होता है। गुड़हल की कुछ प्रजातियों को उनके सुन्दर फूलों के लिये उगाया जाता है। यह फूल सर्दियों में खूब फलता है। इसे धूप की आवश्यकता कम ही होती है।
 

 

 

डहेलिया है खास

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ज्यादातर बगीचों के लिए यह सबसे जरूरी फूल है। डहेलिया बड़े आकार में अनेक रंगों और आकारों में पाया जाने वाला आकर्षक फूल है। इसकी 50,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके लिए खुली धूप वाली भूमि या गमला अच्छा रहता है। इसके फूल देखने में आकर्षक होते हैं। यह लाल, पीला, गुलाबी, बैंगनी और दोहरे रंगों में मिलता है। इसके फूल डाल पर कई दिनों तक रहते हैं और काफी बड़े होते हैं।

खूबसूरत पैंजी

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गुलाब-गुलदाउदी के फूल ज्यादातर लाल, पीले, गुलाबी रंगों के होते हैं पर अगर आप अपनी बगिया को और कलरफुल बनाना चाहती हैं तो पैंजी के नीले-पीले फूल से अपनी बगिया महकाइए। चार पत्तियों वाले इस फूल के पौधे के खिलने का प्रमुख समय ठंडा मौसम है पर थोड़ी सी देखभाल के साथ इसे पूरे साल उगाया जा सकता है। इन्हें ज्यादा धूप की जरूरत नहीं पड़ती। छाया में ये ज्यादा अच्छी तरह से बढ़ते हैं।

 

आगे पढ़िए पौधे लगाने का सही तरीका और उसकी देखभाल …..

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

फूल लगाने का तरीका 

 

यदि आप गमलों में फूल वाले पौधे लगाना चाहती हैं तो गमले में आधा हिस्सा पुरानी गोबर की खाद, आधा हिस्सा कोकोपीट, थोड़ी सी मिट्टी (पुराने गमले की) मिलाकर गमले को भर लें। फिर इसमें पौधा लगाएं। अगले पन्द्रह दिन तक पौधे में पानी के अलावा कुछ नहीं देना है। हालांकि पानी डालने से पहले ध्यान रखें कि पहले डाला गया पानी सूख गया हो। 

 

देखभाल भी जरूरी

 

पन्द्रह दिन बाद आप पौधों को 20-20-20 एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) मिश्रण को पानी में घोलकर स्प्रे कर सकती हैं या चाहें तो सूखा मिश्रण डालकर पानी दे दें। इस मिश्रण का प्रयोग एक माह तक हर सप्ताह करना है। अगर पौधों को और बढ़िया करना चाहती हैं अर्थात आप चाहती हैं कि आप की बगिया में खूब सारे फूल खिलें तो कैल्शियम व बोरान का भी उपयोग करें। इससे पौधे की बढ़त अच्छी होगी। 

 

पौधों की देखभाल

 

– जब तक नए पौधे अच्छी तरह जम न जाएं, तब तक किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद का इस्तेमाल न करें।

– सेवंती जैसे पौधों को सहारा देने के लिए बांस का डंडा जरूर लगाएं। पानी की सही निकासी का इंतजाम करना भी अहम होगा।

– गेंदा और सेवंती दोनों के नए पौधों को रोज पानी देने के बजाय 3-4 दिन के अंतराल में पानी दें।

– एक ही रंग के ढेर सारे पौधों को नजदीक लगाने के बजाय अलग-अलग रंगों के फूलों वाले पौधे लगाएं। इससे बगिया रंग-बिरंगी और खूबसूरत दिखेगी।

– विनका और पिटूनिया जैसे पौधे अधिक पानी के कारण गल जाते हैं, तो कुछ पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। चुनाव के दौरान ही पौधे की प्यास के बारे में ठीक से समझ लेना उचित रहता है।

 

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