जैविक खाद की ख़ास बात
यदि आपको भी बाग़वानी का शौक है तो अपने घर के किचन और गार्डन से निकलने वाले कचरे को उपयोग में लाकर आप बहुत ही आसानी से पौधों के लिए पोषक खाद बना सकते हैं।
Organic Manure Process: इन दिनों हर घर में बागवानी का चलन है। ऐसे में खाद की ज़रूरत को भला कहाँ नज़रंदाज़ किया जा सकता है। यदि आपको भी बाग़वानी का शौक है तो अपने घर के किचन और गार्डन से निकलने वाले कचरे को उपयोग में लाकर आप बहुत ही आसानी से पौधों के लिए पोषक खाद बना सकते हैं। यह न केवल आपके पौधों की सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण को भी साफ रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं 4 आसान और प्रभावी तरीके, जिनसे आप अपने घर पर ही प्राकृतिक खाद बना सकते हैं।
वर्मीकम्पोस्ट
वर्मीकम्पोस्टिंग एक प्राकृतिक तरीका है जिसमें केंचुए जैविक कचरे को विघटित करके उच्च गुणवत्ता वाली खाद में बदल देते हैं। इसे बनाने के लिए एक बड़ा कंटेनर या गड्ढा लें और उसमें छेद कर दें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे। इसमें किचन वेस्ट जैसे सब्जियों के छिलके, फलों के टुकड़े, चायपत्ती, सूखी पत्तियाँ और अंडे के छिलके डालें। केंचुओं को इस कचरे में डालें और इसे नम बनाए रखें।लगभग 3-4 हफ्तों में यह कचरा गहरे भूरे रंग की पोषक खाद में बदल जाएगा, जिसे आप अपने गमलों और बगीचे में डाल सकते हैं।
किचन स्क्रैप कम्पोस्ट
रोज़मर्रा के भोजन से निकलने वाले जैविक कचरे को सड़ाकर आप समृद्ध खाद बना सकते हैं। यह खाद पूरी तरह से जैविक होने के साथ पोशाक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसे बनाने के लिए एक कम्पोस्टिंग बिन लें और उसमें गीला और सूखा कचरा डालें। गीले कचरे में बचा हुआ खाना, फल-सब्जियों के छिलके, चायपत्ती आदि आते हैं।
सूखे कचरे में पत्तियाँ, अख़बार, लकड़ी के बुरादे आदि आते हैं। इन दोनों को सही अनुपात में मिलाकर कुछ दिनों तक छोड़ दें और बीच-बीच में हिलाते रहें। लगभग 6-8 हफ्तों में आपकी खाद तैयार हो जाएगी।
केले की खाद
केले के छिलके पोटैशियम और फास्फोरस से भरपूर होते हैं, जो पौधों की जड़ों और फूलों के विकास में मदद करते हैं। इसे बनाने के लिए केले के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन्हें मिट्टी में मिलाएं या पानी में भिगोकर इसका घोल पौधों में डालें। यह खाद खासतौर पर टमाटर, मिर्च और फूलों के पौधों के लिए फायदेमंद होती है। यह पौधों को स्वस्थ्य और हरा भरा रखती है।
छाछ की खाद
छाछ एक प्राकृतिक जैविक टॉनिक है, जो मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा देता है। जिसकी वजह से इससे लोग जैविक खाद बनाना पसंद करते हैं। इसे बनाने के लिए आधा लीटर छाछ को 5 लीटर गुनगुने पानी में मिलाएं। इसे 24 घंटे तक छोड़ दें ताकि इसमें लाभकारी बैक्टीरिया सक्रिय हो सकें। इस घोल को पौधों की जड़ों में डालें या पत्तियों पर स्प्रे करें।
प्राकृतिक खाद न केवल पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देती है बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखती है। ऊपर बताए गए 4 आसान तरीकों से आप अपने घर पर ही जैविक खाद तैयार कर सकते हैं और अपने गार्डन को हरा-भरा बना सकते हैं। यह खाद पौधों और प्राकृतिक वातावरण के लिए हर तरह से लाभदायक है।
