Overview: कब हुआ था राम जी और सीता जी का विवाह
भगवान राम और माता सीता का विवाह मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था। इस तिथि का विशेष महत्व है।
Lord Ram and Sita Maa Marriage: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस दिन को लेकर देशभर के गली, मोहल्ले के कोने-कोने में लोगों का अलग ही उत्साह और उल्लास देखने को मिला। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में अलग ही धूम देखने को मिली। देश का कोना-कोना राममय हो गया था और हो भी क्यों ना इस दिन का लोगों को 500 साल से इंतजार था।
हालांकि, प्राण प्रतिष्ठा को हुए अब तीन दिन हो चुके हैं लेकिन लोगों का उत्साह अभी भी थम नहीं रहा है। इन सब के बीच भगवान श्री राम को लेकर ऐसे भी कई तथ्य है जिनके बारे में शायद बहुत कम लोग ही जानते होंगे। क्या आप जानते हैं कि भगवान राम और माता सीता का विवाह आखिर किस जगह हुआ था? अगर नहीं तो आज हम आपको इस लेख के द्वारा विस्तार में बताएंगे, तो चलिए जानते हैं।
कब हुआ था राम जी और सीता जी का विवाह

भगवान राम और माता सीता का विवाह मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था। इस तिथि का विशेष महत्व है। दरअसल, एक बार माता सीता ने शिव जी का धनुष उठा लिया था, जो कि सिर्फ भगवान परशुराम के अलावा कोई और नहीं उठा पता था। तब माता सीता के पिता यानी राजा जनक ने यह निर्णय लिया कि जो भी राजा, शिवाजी का धनुष उठा पाएगा उसी से सीता का विवाह किया जाएगा।
ऐसे में सीता स्वयंवर के दिन भारी संख्या में अलग-अलग राज्य के राजा, राजा जनक के दरबार में उपस्थित थे। सभी ने एक-एक कर धनुष उठाने की कोशिश की लेकिन कोई धनुष को हिला भी नहीं पाया। फिर गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान राम ने सीता स्वयंवर में शिव धनुष को उठाकर उसके दो टुकड़े कर दिए। दरबार में उपस्थित बड़े-बड़े वीर यह देखकर चौंक गए। इसके बाद माता सीता का भगवान श्री राम के साथ विवाह हुआ।
किस स्थान पर हुआ था विवाह
वाल्मीकि रामायण के अनुसार देखा जाए तो माता सीता का जन्म जनकपुर में हुआ था। आपको अधिक जानकारी के लिए बता दें, जनकपुर का प्राचीन नाम मिथिला तथा विदेहनगरी नगर था। जनकपुर के पास ही एक रानी बाजार नाम की जगह है जहां पर मणिमंडप नाम का स्थान है। डॉ. रामावतार के अनुसार यह वह स्थान है जहां माता सीता और भगवान श्री राम का विवाह हुआ था।
