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Devshayani Ekadashi 2022
Devshayani Ekadashi 2022

Devshayani Ekadashi 2022: हिन्दू धर्म में कई तरह के व्रत का पालन किया जाता है और सभी व्रतों का अपना अलग धार्मिक महत्व है क्योंकि हर किसी व्रत के पीछे कोई न कोई पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। इन्हीं में से एक व्रत है एकादशी। आषाढ़ महीने में शुक्ल पक्ष की एकादश तिथि जिसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस एकादशी से आने वाले चार महीनों तक कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान भगवान विष्णु निद्रा की अवस्था में चले जाते हैं। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा की जाती है और उन्हें प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय किये जाते हैं।

आखिर क्यों भगवान विष्णु चार महीने के लिए निद्रा में जाते हैं?

हिन्दू धर्म से जुड़ी पौराणिक कथाएं कहती हैं कि यह समय श्री हरि के विश्राम का होता है क्योंकि देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु ने शंखासुर नामक दैत्य का संहार किया था। इस संहार के पश्चात विष्णु जी काफी थकान महसूस करते हैं और अपनी थकान मिटाने के लिए क्षीरसागर में चार महीने तक विश्राम करने चले जाते हैं।

Devshayani Ekadashi 2022
This is the time of rest for Shri Hari

वहीं दूसरी तरफ कुछ मान्यताएं ऐसी भी हैं जिनके अनुसार चातुर्मास का यह समय बरसात का होता है। सम्पूर्ण सृष्टि वर्षा से जूझ रही होती है, कहीं-कहीं पर प्रलय तक आ जाती है। इसी के साथ सूर्य अपनी दिशा बदलते हुए दक्षिण की ओर जाकर कर्क राशि में प्रवेश करता है। कर्क राशि का केकड़ा सूर्य को निगल जाता है और इससे दिन छोटे होने लगते हैं और संसार में अंधेरा छा जाता है। इन सभी को संभालते हुए भगवान विष्णु थक जाते हैं और यह कार्य अपने अवतारों को सौंपते हुए स्वयं निद्रा में चले जाते हैं।

क्यों नहीं होते चातुर्मास में शुभ कार्य?

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि यह समय वर्षा का समय होता है जिस वजह से पूजा-पाठ करना और भ्रमण करना मुश्किल हो जाता है। बरसात के कारण कई तरह के रोग और समस्याएं होने लगती है। इतना ही नहीं वातावरण में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव भी बढ़ जाता है। इतनी सारी परेशानियों के कारण व्यक्ति का पूजा-पाठ में मन नहीं लगता और ध्यान लगाना भी असंभव हो जाता है। यही वजह है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं।

देवशयनी एकादशी शुभ मुहूर्त :

रविवार, जुलाई 10, 2022

तिथि प्रारम्भ – जुलाई 09, 2022 को शाम 4:39 मिनट पर
तिथि समाप्त – जुलाई 10, 2022 को शाम 2:13 मिनट पर
पारण तिथि – 11 जुलाई, सुबह 5:56 मिनट से 8:36 मिनट

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