चाणक्य प्राचीन भारत के महान विद्वान और राजनीतिज्ञ थें, जिन्होने अपनी नीतियों के जरिए राजा से लेकर आम जनता का मार्गदर्शन किया। चाणक्य की ये नीतियां आज के समय में भी पुरूष और महिला दोनों के लिए बेहद उपयोगी है, अगर इनका पालन किया जाए तो दुनियादारी की समस्याओं से बच सकते हैं। आज हम आपके लिए चाणक्य की ऐसी ही बेहद उपयोगी नीति लेकर आए हैं। दरअसल, चाणक्य ने व्यक्ति के दैनिक जीवन से लेकर उसके आचार-विचार हर चीज के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। जैसे कि चाणक्य ने कहा है कि व्यक्ति को मित्रता बेहद सोच समझकर करनी चाहिए। चाणक्य के अनुसार खासकर अगर किसी व्यक्ति में विशेष दुर्गुण हो तो उससे दूर रहने में ही भलाई है। चाणक्य की माने तो निम्न दुर्गुणों वालें व्यक्ति से मित्रता भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। 

दोहरे चरित्र वाला व्यक्ति

चाणक्य के अनुसार कभी भी दोहरे चरित्र वाले व्यक्ति से दोस्ती जैसा सम्बंध नहीं रखना चाहिए। क्योंकि ये कब पलट जाए कोई भरोसा नहीं है, ऐसे में आप इन पर विश्वास नहीं कर सकते हैं। इसलिए ऐसे व्यक्ति से दूर ही नहीं रहना चाहिए। 

गलत व्यवहार रखने वाले

चाणक्य के अनुसार, गलत व्यवहार रखने वाले व्यक्ति से कभी भी मित्रता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आप भी कहीं न कहीं उसके गलत कर्मों के भागीदार बन जाते हैं। इसलिए जो व्यक्ति गलत कर्म करें उसे दोस्ती न करने में ही भलाई है।

मूर्ख व्यक्ति से 

वहीं चाणक्य ने मूर्ख व्यक्ति से भी दोस्ती न करने की सलाह दी है। चाणक्य का कहना है कि मूर्ख व्यक्ति जाने अंजाने में आपकी ही अहित कर सकता है, ऐसे में इनसे शत्रुता और मित्रता दोनो न रखने में ही भलाई है। 

संवेदनहीन व्यक्ति से

वहीं चाणक्य की माने तो कभी ऐसे व्यक्ति से दोस्ती नहीं करनी चाहिए, जिसमें दूसरे के प्रति संवेदना  न हो । चाणक्य का कहना है कि संवेदनहीन व्यक्ति अच्छा मित्र नहीं बन सकता।