बुराई पर अच्छाई की जीत के स्वरूप विजयादशमी का त्यौहार 8 अक्टूबर को मनाया जाना है। जैसी कि मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण का वध किया था और देवी दुर्गा ने 9 नौ रात्रि और दस दिनों के युद्ध के बाद महिषासुर को वध किया था। ऐसे में ये दिन हर साल ‘असत्य पर सत्य के विजय’ के रूप में मनाया जाता है। इस बार भी देश के कोने-कोने में रावण का पुतला दहन कर विजयादशमी का त्यौहार मनाया जाना है और इसके लिए गांवों से लेकर शहरों और कस्बों में छोटे-बड़े कई आकार के रावण के पुतले तैयार किए गए हैं। लेकिन इन सभी के बीच सुर्खियां बटोर रहा है, चंडीगढ़ में बनाया गया देश का सबसे ऊंचा रावण।
ये है खासियत

जी हां, चंडीगढ़ में देश का सबसे ऊंचा रावण बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 221 फीट और वजन 70 क्विंटल है। बताया जा रहा है इसे 40 कारीगरों ने 6 महीने कड़ी मेहनत कर बनाया है, जिसके लिए 3 हजार मीटर कपड़े समेत ढाई हजार मीटर जूट का इस्तेमाल किया गया है। वहीं इसकी लागत 30 लाख रुपए बताई जा रही है।
रिमोट कंट्रोल के जरिये होगा दहन

ऐसे में इसे खड़ा करने में भी काफी मशक्त लगी है। दो क्रेन, दो जेसीबी और 150 लोगों की मदद से इसे खड़ा करने में लगभग 12 घंटे लगे हैं। वहीं इस विशालकाय रावण को जलाने के लिए तकरीबन दो लाख हजार वर्ग फीट की जगह रिजर्व की गई है। वैसे इस रावण का दहन रिमोट कंट्रोल के जरिये किया जाना है। अगर आप भी चंडीगढ़, पंजाब या दिल्ली के करीब रहते हैं, तो आप भी इस विशालकाय रावण के दहना का लुत्फ उठा सकते हैं।
