बच्चे के गलत व्यवहार पर माता पिता ले शांत दिमाग से काम

अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन और अच्छे संस्कार न मिले, तो वे गलत आदतों और व्यवहार की तरफ रुख कर लेते हैं।

Parenting Tips: आजकल के बच्चों में खराब व्यवहार की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिसे हर माता-पिता को सुलझाने की आवश्यकता है। बच्चों का व्यवहार उनके जीवन के शुरुआती वर्षों में ही आकार लेता है, और इस दौरान उनका मानसिक विकास बहुत प्रभावित होता है। अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन और अच्छे संस्कार न मिले, तो वे गलत आदतों और व्यवहार की तरफ रुख कर लेते हैं। माता-पिता का कर्तव्य है कि वो अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें और साथ ही ये भी समझाएं की उन्हें अपना व्यवहार मधुर बनाए रखना है। इस तरह बच्चे समाज में मिलजुल कर रह पाएंगे और सकारात्मक योगदान दे सकेंगे ।

बच्चों को अपने आस-पास के माहौल में अच्छे उदाहरण देखने को मिलेंगे, तो वो अपने आप उसी राह पर चल पड़ेंगे।

बच्चों पर सबसे पहला और बड़ा प्रभाव उनके परिवार से पड़ता है। अगर घर में माता-पिता एक-दूसरे से गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बात करते हैं या किसी से गलत भाषा का प्रयोग करते हैं, तो बच्चे भी इसे आसानी से अपनाते हैं। घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखें।

बच्चों को अकसर स्कूल में पढ़ाई, प्रतियोगिता और परीक्षा की वजह से मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। इस दबाव को सहन करने में असमर्थ बच्चे गुस्से में आकर गलत और बेकार शब्दों का इस्तेमाल करने लगते हैं। माता पिता को बच्चे के ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं बनाना चाहिए। उन्हें समझाने के लिए अच्छे शब्दों का इस्तेमाल करें।

सबसे पहले माता-पिता को घर का माहौल सकारात्मक और शांतिपूर्ण बनाना होगा। उन्हें एक-दूसरे से प्यार और सम्मान से पेश आना चाहिए। बच्चों को यह दिखाना चाहिए कि अच्छे शब्दों और सकारात्मक भाषा का उपयोग कैसे करना है।

माता-पिता और अन्य परिवार के सदस्य बच्चों के लिए आदर्श होते हैं। बच्चों को अच्छे व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह जरूरी है कि माता-पिता खुद अच्छे व्यवहार और भाषा का पालन करें।

अगर बच्चा गलत शब्दों का इस्तेमाल करता है या खराब व्यवहार दिखाता है, तो माता-पिता को उसे डांटने के बजाय उसके साथ शांति से बात करनी चाहिए। उन्हें बच्चे को यह समझाना चाहिए कि गलत शब्दों का इस्तेमाल और बुरा व्यवहार दूसरों को ठेस पहुंचाता है।

बच्चों को समय देना और उनकी भावनाओं को समझना बहुत जरुरी है। बच्चे को किसी तरह का मानसिक दबाव है या वह किसी समस्या से जूझ रहा है, तो माता-पिता को उसे सही तरीके से मदद करनी चाहिए। बच्चों को यह महसूस कराना चाहिए कि उनके माता पिता के पास उनकी हर समस्या का समाधान है।

बच्चों को अच्छी बातें सिखाने के लिए सजा जैसे शब्दों या व्यवहार का प्रयोग ना करें। जब बच्चा अच्छे व्यवहार को अपनाता है तो उसे प्रोत्साहित करें, और जब वह बुरा व्यवहार करता है तो उसे शांत दिमाग से समझाएं, उसका ऐसा व्यवहार क्यों गलत है और इसकी वजह से उसे क्या नुकसान हो सकता है।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...