Chaitra Amavasya 2023: हिंदू धर्म में प्रत्येक तिथि का अपना महत्व होता है। इसी तरह अमावस्या तिथि का भी विशेष महत्व होता है। लेकिन, पौराणिक शास्त्रों में चैत्र अमावस्या का विशेष स्थान बताया गया है। चैत्र अमावस्या पितरों की शांति के लिए महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इस साल चैत्र अमावस्या 21 मार्च को मनाई जाएगी।
गरूड़ पुराण के अनुसार, प्रत्येक चैत्र अमावस्या को पितृ अपने वंशजों के पास आकर शांति की कामना करते हैं। इस दिन पितरों के नाम से दान धर्म, पुण्य करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। यदि आपकी कुंडली में पितृदोष है, तो आपको चैत्र अमावस्या के दिन कुछ ज्योतिष उपाय जरूर अपनाने चाहिए। ऐसे में आज पंडित इंद्रमणि घनस्याल से जानेंगे पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए चैत्र अमावस्या पर किये जाने वाले उपायों के बारे में।
गंगा नदी में स्नान करना

चैत्र अमावस्या के दिन गंगा नदी या अन्य किसी पवित्र नदी में स्नान करके आपको अपने पापों से मुक्ति मिलती है। इससे आपके पितृदोष भी समाप्त हो जाते हैं। यदि आप नदी में स्नान करने में असमर्थ होते हैं, तो प्रातः जल्दी उठकर नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करें। इसके बाद अपने पितरों का नाम लेते हुए उस पानी से नहाए, इससे पितरों को शांति मिलेगी।
गाय को रोटी खिलाएं

पित्र दोष से मुक्ति पाने के लिए यदि आप चैत्र अमावस्या के दिन गाय को हरा घास और रोटी खिलाते हैं तो इससे आपके पितृ संतुष्ट होते हैं। गाय को रोटी खिलाते समय अपने पितरों का नाम लेना चाहिए। इससे गाय को रोटी खिलाने का पुण्य आपके पितरों को मिलता है, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है।
पितरों के लिए तर्पण करना

चैत्र अमावस्या पितरों की शांति हेतु महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि, इस दिन पितरों की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान इत्यादि किए जाते हैं। पितरों की आत्मा की शांति के लिए दक्षिण दिशा में पितृ तर्पण करना चाहिए। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए चैत्र अमावस्या के दिन चावल, काले तिल और जौ लेकर पितरों के लिए तर्पण करना चाहिए। इससे पितृ प्रसन्न होकर आपको आशीर्वाद देते हैं।
गरीबों को भोजन कराना
पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए चैत्र अमावस्या के दिन में आपको गरीबों को भोजन कराना चाहिए। तथा उनके जरूरत अनुसार भेंट देनी चाहिए। यदि संभव हो तो चैत्र अमावस्या के दिन ब्रह्मभोज का आयोजन करना चाहिए। ब्राह्मणों को भोजन कराएं और यथाशक्ति दान करें।
पीपल की पूजा करें

पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए चैत्र अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। इस दिन पीपल के पेड़ में पानी अर्पित करना चाहिए। तथा सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। इन उपायों को करने से आपको अपने समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा पितृदोष दूर होते हैं और आपके परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है।
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