मां को शिशु की साफ-सफाई को लेकर टेंशन होना लाजिमी है। अगर आपको भी अपने शिशु को नहलाने में परेशानी होती है तो आप इन टिप्स को जरूर अपनाएं-
एक मां के लिए अपने शिशु को नहलाना काफी मुश्किल भरा काम होता है। किसी दिन तो बच्चे बड़े आराम से नहा लेते हैं और किसी दिन नहाने के नाम पर रोना शुरू कर देते हैं। ऐसे में मां को शिशु की साफ-सफाई को
लेकर चिंतित होना लाजिमी है। हर मां चाहती है कि उसका शिशु हमेशा स्वच्छ रहे और प्यारा दिखे लेकिन वह इस बात का भी ध्यान रखती हैं कि वह नहाते समय चिड़चिड़ा महसूस न करे और नहाने का आनंद उठाए। अगर आपको भी अपने शिशु को नहलाने में परेशानी होती है तो आप इन टिप्स को जरूर अपनाएं-
बेबी प्रोडक्ट्स का चुनाव सावधानी से करें

एक नवजात शिशु की त्वचा किसी भी व्यस्क व्यक्ति की तुलना में 30 प्रतिशत* तक पतली होती है जिसके कारण वह ज्यादा संवेदनशील होती है। ऐसे में कठोर शैम्पू या क्लीन्जर का इस्तेमाल करने से उनकी त्वचा
में रेशेज हो सकते हैं और वह रूखी हो सकती है। इन सबसे शिशु चिड़चिड़ा हो सकता है। इसलिए आप इन प्रोडक्ट्स के चुनाव में सावधानी बरतें और माइल्ड प्रोडक्ट्स का ही चुनाव करें। प्रोडक्ट्स में नारियल युक्त क्लीन्जर्स एवं विटामिन ई जैसी सौम्य सामग्रियां होनी चाहिए, जो उनके शरीर की कोमलता से सफाई करे और त्वचा की नमी भी बनाए रखे।
नहलाते समय शिशु की आखों का रखें ध्यान
अगर नहलाते समय साबुन या शैंपू उनकी आंखों में चला जाता है तो वे रोना शुरू कर देते हैं और नहाने से डरते हैं। शिशु की आंखें नाजुक होती हैं और उनकी पलक झपकाने की क्षमता भी पूरी तरह से विकसित नहीं होती है, इसलिए क्लींजर में ‘नो मोर टीयर्स’ वाला फॉर्मूलेशन भी होना चाहिए। इससे उनकी आखें सुरक्षित रहेंगी और वह नहाने का पूरा आनंद ले पाएगा।
पानी का तापमान जांच लें
शिशु को नहलाते समय यह जरूर ध्यान रखें कि पानी का तापमान सही हो। अगर आप बहुत ज्यादा ठंडे पानी से शिशु को नहलाएंगी तो उन्हें ठंड लग सकती है और ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल करेंगी तो उनकी त्वचा रुखी हो सकती है। इसलिए शिशु को नहलाते समय पानी को गुनगुना रखें और पहले अपनी त्वचा पर पानी डाल कर देखें। यदि पानी आपको सामान्य लगे तभी शिशु को नहलाएं।
शिशु का बाथ टब
अक्सर बाथ टब में शिशु को काफी मजा आता है क्योंकि वह पानी के साथ खेलते हैं। इसलिए जब उन्हें टब में बैठकर नहलाया जाता है तो वह खुशी-खुशी नहाते हैं। इसलिए शिशु के लिए सही माप का टब जरूर खरीदें, जो ना तो ज्यादा बड़ा हो और ना ही ज्यादा छोटा, इसमें पानी भर कर शिशु को नहलाएं। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि टब में आप शिशु को बहुत देर तक ना रखें, वरना शिशु को ठंड भी लग सकती हैं और उसकी तबियत भी खराब हो सकती है।
नहलाते समय शिशु के साथ खेलें और बात करें
नहलाने के समय को मजेदार बनाने के लिए आप इस समय शिशु के साथ खेलें और बात करें और उनकी बातें सुनें। ऐसा करने से आप दोनों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव बनेगा और शिशु का पूरा ध्यान आपकी बातों पर रहेगा। इससे वह नहाने के दौरान व्यस्त रहेगा और रोएगा नहीं।
फोम और बबल्स का करें कमाल

शिशु को झाग (फोम बबल्स) से खेलना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि यह उन्हें आकर्षित करते हैं। फोम और बबल्स बनाने के लिए आप शिशु का क्लीन्जर या शैम्पू का इस्तेमाल कर सकते हैं। शिशु को नहाते हुए
आप फोम और बबल्स से उन्हें व्यस्त रख सकते हैं। जिससे शिशु नहाने से जल्दी ऊब महसूस नहीं करेगा और मां अच्छे तरीके से उसे नहला पायेगी।
स्पंज आर्ट और पानी का जादू
स्पंज के अलग-अलग शेप्स शिशु को दें और उन्हें पानी में भिगोकर निचोड़ने के लिए कहें। इससे उनकी ग्रिप मजबूत होगी और वे पानी से खेलते हुए खुद को साफ भी करेंगे। आप स्पंज से बाथरूम की टाइल्स पर आकृतियां बनाने के लिए भी इस्तेमाल सकते हैं।
नहाने के बाद शिशु को पुचकारें
नहाने के बाद बेबी को अच्छे से पोंछे और उनको एक नरम तौलिये में लपेटें। तौलिये में अच्छे से ढकने के बाद शिशु को गोद में लेकर थोड़े समय तक गले लगाएं। इससे शिशु को प्यार का अनुभव होगा। इस तरह आपका अपने शिशु के साथ भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा।
इन टिप्स को अपनाएं और माइल्ड प्रोडक्ट्स का चुनाव करें, जो शिशु की त्वचा को साफ रखने के साथ-साथ नमी भी बनाएं रखें ताकि आपके नवजात शिशु की नाजुक त्वचा पहले दिन से ही सुरक्षित रहे।
बाथ टॉय का करें चुनाव

शिशु को खिलौने काफी ज्यादा पसंद होते हैं, इसलिए उन्हें नहलाने के समय बाथ टॉय का इस्तेमाल करें।
रंगबिरंगे और आकर्षक बाथ टॉयज को देख कर बच्चे ना सिर्फ खेलते हैं, बल्कि नहाते समय रोते भी नहीं हैं।
बाथ टॉय से शिशु का मानसिक विकास अच्छे से होता है और वे कई नई अनुभूतियों का अनुभव भी कर पातें हैं।
बाथ टाइम के गाने और कहानियांं

अगर आपका शिशु नहाने से कतराता है, तो बाथ टाइम के दौरान कोई मजेदार गाना गाएं या छोटी कहानी सुनाएं। इससे उसका ध्यान नहाने के डर से हटेगा और वह आनंद लेने लगेगा।
प्रोडक्ट्स के चुनाव में सावधानी बरतें और माइल्ड प्रोडक्ट्स का चुनाव करें, जो बच्चे की त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ पोषण भी देने वाला हो।
