आप सभी ने ईश्वर की आराधना करते हुए कभी न कभी दीया जरूर जलाया होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे आखिर क्या मान्यता है या फिर इसका क्या महत्त्व है ? आइए आपको बताते हैं इसके पीछे के कुछ वैज्ञानिक कारणों के बारे में और दीया जलाने के महत्त्व के बारे में –
धर्म से जुड़े कारण
दीये से निकलने वाली रौशनी को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यह धरा को प्रकाशित तो करता ही है और सबके मन में उजाले का संचार भी करता है। ऐसा माना जाता है कि दीपक मनुष्य जीवन के सभी कष्टों को दूर करता है और जीवन में प्रकाश भरता है। यह चरों दिशाओं में प्रकाश के साथ ज्ञान भी फैलाता है। यही कारण है कि दीप प्रज्ज्वलित करना देव पूजन का एक अभिन्न अंग माना जाता है। यह संपूर्ण विश्व को कलह और क्लेश से दूर करता है। दीप प्रज्ज्वलित करने की इस प्रक्रिया से देवता प्रसन्न होते हैं अतः इसे अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें। सुबह शाम घर में दीया जरूर जलाएं।
क्या है वैज्ञानिक कारण
कहा जाता है कि दीपक में इस्तेमाल होने वाले गाय के घी में सभी रोगाणुओं को भगाने की क्षमता होती है और जब ये अग्नि के संपर्क में आता है तो वातावरण को शुद्ध बना देता है। इससे प्रदूषण दूर होता है क्योंकि इससे निकलने वाली लौ में प्रदूषण कम करने वाले तत्त्व मौजूद होते हैं। यह सभी रोगों का नाश करता है इसके अलावा ऐसा माना जाता है कि घी या सरसों के तेल से बने दीये का इस्तेमाल यदि आंखों का काजल बनाने में किया जाए तो अति शुद्ध काजल बनता है जो नेत्र संबंधी रोगों को भी दूर करता है।
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