baby walk tips

Baby Walk Tips: घर में बच्चा लाखों खुशियां लेकर आता है। बच्चे के आने के बाद घर में चहल पहल के साथ साथ सबके चेहरे पर मुस्कान भी रहती है। लेकिन बच्चे के जन्म के बाद माता पिता के लिए उसका हर एक पल और नई चीज़े सिखने की शुरुआत खास होता है। हर माता पिता अपने बच्चे के इन पलों को संजोकर रखना चाहते है और बच्चे के हर स्टेप और सिखने का समय भी सही हो इसकी भी चिंता माता पिता में बनी रहती है। बच्चा जब पहली बार कुछ बोलना सीखे, बैठना सीखे या फिर चलना माता पिता के लिए हर पल ख़ास होता है। आज हम आपको बच्चें के चलना सीखते हुए माता पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके बारे में बताने जा रहे है। बच्चा जब चलना शुरू करता है तो पेरेंट्स को इन टिप्स को जरुर फॉलो करना चाहिए।

बच्चा चलने की शुरुआत अपने घुटनों पर चलने से शुरू करता है। जिसके बाद धीरे धीरे खड़ा होना सीखता है और फिर चलना इस तरह से एक साल की उम्र में बच्चा चलना सीख जाता है। लेकिन पेरेंट्स को इन टिप्स का ध्यान रखना चाहिए जब उनका बच्चा चलने की शुरुआत करता है।

baby walk tips
Baby walk tips

जब आपका बच्चा पहला कदम चल रहा हो तो उसका कॉन्फिडेंट बढ़ाने के लिए खुश होकर तालियों के साथ उसको और अधिक उत्साहित करें। जिससे बच्चें में कॉन्फिडेंस आता है और वो खुद कोशिश करता है।

जब आपका बच्चा चलने की कोशिश कर रहा होता है तो उस दौरान पेरेंट्स को बच्चें के चलने में सपोर्ट करना चाहिए। इससे बच्चे को मोटिवेशन मिलती है। इसके लिए बच्चे को खड़ा करके थोड़ी दूर चले जाए और उसे खुद चलकर आने के लिए मोटीवेट करें। आप चाहे तो उसके मनपसंद खिलौने को भी दूर रखकर उस तक पहुँचने के लिए मोटिवेट कर सकते है।   

जब बच्चा चलना सीखता है तो बार बार गिरता भी है। ऐसे में उसे आस पास रखें सामान से गहरी चोट न लगें इसके लिए आस पास की चीजों को हटा दें या फिर उसे खुले स्पेस में चलाने का प्रयास करें। ऐसे में वो अच्छें से चलने का आभास कर पाएगा।

जब आपका बच्चा चलने की कोशिश कर रहा है तो ऐसे में उसके हाथ को बिजी रखने के लिए खिलौना पकड़ा दें। ऐसे में वो बिना किसी सपोर्ट के चलने की कोशिश ज्यादा करेगा।

ज्यादातर लोग ये गलती कर बैठते है लेकिन अगर आपका बच्चा चलना शरू कर रहा है तो आप ये गलती बिल्कुल भी न करना। अक्सर जब बच्चा चलना शुरू करता है तो पेरेंट्स उसका हाथ पकड़कर चलाने की कोशिश करते है। ऐसे में बच्चा थोड़ा भी लड़खड़ाता है तो पूरा प्रेशर उसके हाथों पर पड़ता है और नरम हड्डियाँ होने की वजह से बच्चों की बाजुओं में फ्रैक्चर होने का खतरा हो जाता है। ऐसे में जब भी बच्चें को आप चलने का प्रयास करा रहे है तो उसके पसलियों से पकड़कर चलायें।

बच्चा जब शुरुआत में चलना सीखता है तो उसे जूतों की जरूरत नहीं होती है। नंगे पैर चलने से वो ग्रिप बनाने की कोशिश आसानी से कर पाता है इसलिए जब आपका बच्चा चलना सीखे तो उसे नंगे पैर ही चलने दें।                     

गायत्री वर्मा को मीडिया क्षेत्र में 7 वर्षों का अनुभव है। वे पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी के साथ बतौर डिजिटल कंटेंट राइटर फ्रीलांस रूप में जुड़ी हुई हैं। विभिन्न विषयों पर प्रभावशाली लेखन की दक्षता रखने वाली गायत्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स...