लोगों से मिलना जुलना है पसंद
परिवार का अपना स्कूल था जो जमशेदपुर में काफी जाना पहचाना था और यही वजह थी कि परिवार में स्वेता के पापा और दादा जी, दोनों की ही सोशल लाइफ वहुत अच्छी थी और स्वेता मानती हैं कि ये उनके व्यक्तित्व में बहुत गुण उनके पिता और दादा जी के हैं।
 
समाज सेवा से भी जुड़ी हैं
स्वेता मानती हैं कि उन्हें ही नहीं हर इंसान को अपना थोड़ा समय किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए निकालना चाहिए। वो कहती हैं, जरूरी नहीं कि आप पैसों से ही लोगों की मदद करें। किसी को पढ़ाई के साधन मुहैया करा दें, किसी को अस्पताल ले जाएं जैसे छोटे-छोटे काम भी सेवा में शामिल होती हैं। 
 
ये है खुशी मेरी नज़र में
स्वेता कहती हैं, ‘ मैं सबसे ज्यादा खुश तब होती हूं जब मेरी फैमिली और मेरे बच्चे खुश होते हैं।’ 
 
मेरा जीवन मंत्रा
स्वेता कहती हैं, ‘ हर दिन नया है और हर दिन का स्वागत नए और सकारात्मक अंदाज में करें। जो अपने पास है उसी में खुश रहने की कोशिश करें।
 
ये है मेरा पेरेन्टिंग मंत्रा
बच्चों से हर तरह की बात करें और उनकी बातों को दिलचस्पी लेकर सुनें ताकि जब कभी वो आपसे अपने मन की बात करना चाहें, बेझिझक आपके पास आएं।
 
 

अगर आपको भी बनना है  ‘गृहलक्ष्मी ऑफ़ द डे’

यदि आप भी ‘गृहलक्ष्मी ऑफ़ द डे’ बनना चाहती हैं, तो हमें अपनी एंट्री भेंजें या किसी को नॉमिनेट करें और गृहलक्ष्मी के फेसबुक पेज पर सभी पोस्ट को लाइक व शेयर करें । फिर देर किस बात की, आज ही भेजें अपनी एंट्री। साथ में अपने बारे में ये जानकारियां भी लिख भेजें-

 

पसंद-

जिंदगी का मंत्र –

एक शब्द में आप-

आइडियल –

आपका सपना-

आपकी उपलब्धियां-

 

ये जवाब लिखकर भेजें अपने फ़ोन नंबर और ईमेल आई डी और फोटो के साथ।अपनी फोटो हमारे फेसबुक मेसेज बॉक्स में या वेबसाइट पेज पर नीचे लॉगिन कर कमेंट बॉक्स में या फिर grehlakshmihindi@gmail.com पर भेजे।

 

 ये भी पढ़े-

 निखिल आडवानी पूछ रहे हैं कौन हैं युद्ध के असली बंदी? 

 आपके काम की है अमिताभ बच्चन की ये सलाह

 तस्वीरों में देखिए गृहलक्ष्मी के 8वें किटी पार्टी की झलकियां 

 आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।