हाथ मलते रह जाना: मुहावरे 
Hath Malte Rah Jana

Hindi Idioms Story: जब आपके पास मौका होता है, तो आप उसे गंवा देते हैं। उसके बाद पछतावे के सिवा कुछ नहीं मिलता। इसे ही कहते हैं हाथ मलते रह जाना। आज की कहानी में सुरेखा के साथ कुछ ऐसा ही हुआ।

सुरेखा की शादी को 5 साल हो गए थे। पति विजय एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन का काम करता था। सुरेखा भी कामकाजी थी और एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थी। वास्तव में सुरेखा का प्रमोशन शादी के दो साल बाद हुआ था। मैनेजर बनने के बाद उसे पति विजय का काम कमतर लगने लगा। उसे लगता कि वह तो मैनेजर है और पति सेल्समैन। सुरेखा के सास और ससुर उसे बहुत सपोर्ट करते थे। लेकिन पिछले दो-तीन सालों से सुरेखा का रवैया बदल गया। वह अब घरवालों को पूछती ही नहीं। उन्हें ताना देना भी शुरू कर दिया। विजय को भी कोसती रहती कि काश! किसी अच्छे पद वाले से उसकी शादी होती। सुरेखा पर प्रमोशन का नशा ऐसा चढ़ा कि वह मायके आकर बैठ गई और तलाक की योजना बना ली। विजय ने बहुत समझाया। घरवाले उसे मनाने में जुटे रहे पर वह नहीं मानी। थक-हार कर विजय ने सोचा कि जब वह उसके साथ खुश नहीं है, तो उसे उसकी जिंदगी जीने देना सही है। समय बीत गया। तलाक की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो ही गई थी, बस आखिरी तारीख बची थी। इस बीच विजय जिस कंपनी में काम कर रहा था, वहां उसकी ईमानदारी, निष्ठा और सेल्स-फिगर देखते हुए प्रमोशन मिला और उसे सेल्स और मार्केटिंग हेड बना दिया गया। इस पद रह कर भी उसने बहुत मेहनत की और उसके काम को देखते हुए कंपनी ने उसे बड़ा ऑफर देते हुए उन्हीं की नई कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया। विजय का पद और सैलरी पैकेज के बारे में सुरेखा को पता चला तो वह विजय के वापस करीब आने की कोशिश करने लगी और तलाक का ख्याल दिल से निकालने की बात कहने लगी। लेकिन विजय समझ गया था कि वह उससे नहीं, उसके पद और पैसे के कारण उसके पास आ रही था। विजय ने साफ इनकार कर दिया और तलाक पर टिका रहा। सुरेखा ने हर संभव प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। उसे अपने किए पर पछतावा हुआ। पति के साथ एक अच्छे जीवन जीने का मौका गंवा बैठी और हाथ मलते रह गई। 

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