मौसी की खोल दी पोल-जब मैं छोटा बच्चा था
Mausi ki Khol di Pol


Hindi Short Story: हम 20 दिन से नानी के घर ही थे। तब मेरी उम्र 6 साल की थी। मेरी मौसी की शादी की बात चल रही थी। जो लड़का मौसी को देखने आने वाला था, उनका खुद का स्कूल था। स्कूल प्रिंसिपल थे तो अनुशासन उनके लिए बहुत मायने रखता था। अब पूरा परिवार हमारे घर आया और फिर जब लड़का-लड़की के अकेले में बात करने की बारी आई तो मैं भी मौसी के साथ चल पड़ी। मौसी ने भी मुझे जाने को नहीं कहा और अपने पास बैठा लिया। उन दोनों के बीच बातें शुरू हुई। लड़के ने पूछा कि आप सुबह कितनी बजे उठते हो। तो मेरी मौसी ने कहा 6 बजे उठती हूं। मुझे हंसी आ गई और मैंने तुरंत बोल दिया, ‘मौसी, आप तो 10 बजे उठती हो ना। आप झूठ क्यों बोल रही हो।’ अब क्या था मेरी मौसी झेंप गई और शर्म से उनकी आंखें नीचे हो गई। लड़का समझ तो गया था कि बच्ची क्यों झूठ बोलेगी। ये ज़रूर 10 बजे उठती होगी। बस जैसे-तैसे बातें हुई और उनका परिवार चला भी गया। तीन दिन बाद नाना ने उनके घर वालों से बात की तो लड़के ने कहा कि वो महारानी तो 10 बजे उठती है। यह नहीं जम पाएगा।

हालांकि नाना ने लड़के से बात की और स्पष्ट किया कि बच्ची ने ऐसे ही बोल दिया था। हां, सुबह के 8 कभी कभी बज जाती हैं लेकिन जब काम होता है तो वह सुबह 4 बजे भी उठ जाती है।

वैसे अब वो लड़का मेरे मौसा ही हैं और आज भी यह सब बातें करके सब बहुत हंसते हैं और मुझे चिढ़ाते भी हैं।

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