भारत सरकार ने लोगों को सुझाव देते हुए कहा है कि अगर आप सभी एक कॉमन एरिया साझा कर रहे हैं तो आपका घर पर भी मास्क लगाना जरूरी है। साथ ही आपको किसी मेहमान को भी अपने घर में नहीं बुलाना चाहिए। नीति आयोग के सदस्य और सरकारी वैक्सिनेशन ग्रुप के हेड डॉक्टर वीके पॉल का कहना है की इस समय लोगों को घर के अंदर मास्क पहनना भी शुरू कर देना चाहिए। यह और भी ज्यादा जरूरी तब बन जाता है जब आपके घर में कोई कोविड पॉजिटिव है और उससे आपका इंफेक्शन होने का रिस्क बढ़ता है।
  • इन हालातों में मास्क लगाना बहुत आवश्यक है और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर बिल्कुल भी न निकलें और अपने परिवार के साथ ही रहें। और परिवार के साथ भी मास्क का प्रयोग अवश्य करें। हमसे जितना हो सकता है उतना हमें खुद को और अपने परिवार वालों को बचाना चाहिए।
  • सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि मास्क का ठीक से प्रयोग न करने से और उचित दूरी न बनाने से संक्रमण के रिस्क 90% बढ़ जाते हैं। अगर ठीक ठाक व्यक्ति सही ढंग से मास्क पहनता है और सामाजिक दूरी बना कर रखता है तो उसके संक्रमण के रिस्क 30% तक कम हो जाते है। 
  • स्टडीज के मुताबिक एक संक्रमित व्यक्ति यदि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करता है तो वह 30 दिनों के अंदर 407 लोगों में संक्रमण फैला सकता है। यदि वह व्यक्ति सामाजिक दूरी बना कर रखता है तो वह 30 दिनों में 2 से 3 लोगों को संक्रमित कर सकता है। सरकार के मुताबिक ऐसी स्थिति में जिस व्यक्ति को लक्षण दिख रहे हैं उसे पॉजिटिव की तरह ही ट्रीट करना चाहिए चाहे उसकी आरटी पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव हो या नेगेटिव।
  • भारत लगातार कुछ दिनों से 3 लाख से भी ऊपर केस रोजाना रिकॉर्ड कर रहा है जोकि बहुत गंभीर है। लक्षण सहित लोगों के बारे में जिनके टेस्ट नेगेटिव आ रहे हैं, पर एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि आरटी पीसीआर टेस्ट की सेंसिटिविटी 100% न हो। ऐसी स्थिति में अगर आपके लक्षण कोविड के हों, और आपके आसपास कोई पॉजिटिव केस हो तो आपको खुद को पॉजिटिव ही मानना चाहिए।
  • उन्होंने कहा कि अस्पतालों में अब एक कोविड सस्पेक्ट वार्ड बनना चालू हो गया है जिनकी रिपोर्ट तो नेगेटिव है लेकिन लक्षण उनके पॉजिटिव वाले ही हैं। देश की इस स्थिति को देखते हुए ऐसे लोगों को भी कोरोना पॉजिटिव की तरह ही ट्रीट करना चाहिए। सरकार के अनुसार देश में टेस्टिंग किट्स की कोई कमी नहीं है।
  • देश की ऐसी हालात के अनुसार कोविड की वैक्सिनेशन में गिरावट नहीं बल्कि वृद्धि होनी चाहिए। सरकार को ऐसी नीतियां लानी चाहिए जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि सही ढंग से सारे देश में सुचारू रूप से वैक्सिनेशन हो रही हो। सरकार को और अधिक वैक्सिनेशन का प्रबंध करना चाहिए जो हमें विश्वास है वह करेगी।

भारत सरकार बार-बार लोगों से अपील कर रही है कि बिना मास्क के घर से बाहर ना निकलें। अगर आप बिना मास्क के बाहर निकलते हैं तो भारत सरकार की तरफ से जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। यह गाइडलाइन आप की सुरक्षा के लिए बनाई गई है यह किसी के हित और अहित के लिए नहीं है बल्कि आपके जीवन की सुरक्षा के लिए है। सैनिटाइजर का प्रयोग करने के लिए भी राज्य सरकार की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है। कोरोना वायरस को मात देने के लिए हाथ को बराबर साबुन से धो लें। साथ में 2 गज की दूरी बनाए रखने की भारत सरकार के तहत लगातार जारी है। बशर्ते उसमें आमजन जनता सरकार का सहयोग दें। तो इस चेन को आसानी से तोड़ा जा सकता है। भारत में ऐसा कोई राज्य नहीं है जहां पर कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा ना मंडराया हो। सभी राज्य सरकारी अपनी-अपनी प्रयास से कोरोना पर नियंत्रण करने के लिए तैयार है। भारत सरकार की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइंस में साफ तौर पर कहा गया है कि जो भी व्यक्ति कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करता है उस पर सख्ती की जाए।

निष्कर्ष

हम सभी देश के वर्तमान और खराब हालातों को देख रहे हैं। ऐसी स्थिति को हमें बिलकुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए और पूरी तरह से सेफ्टी नियमों का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही अगर आपके घर में किसी व्यक्ति को कोविड के लक्षण दिख रहे हैं तो आपको घर में भी मास्क का प्रयोग अवश्य ही करना चाहिए। अपनी सुरक्षा आपके हाथ में है इसलिए सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें।

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