बच्चेदानी में घाव बनने के कारण और लक्षण क्या हैं?: Cervical Ulcer Causes
Cervical Ulcer Causes

बच्चेदानी में घाव बनने के कारण और लक्षण क्या हैं?

Uterus wound Causes : बच्चेदानी में घाव बनना काफी गंभीर हो सकता है। आइए जानते हैं इसके क्या लक्षण और कारण हैं?

Cervical Ulcer Causes : बच्चेदानी में घाव (Cervical Ulcer) महिलाओं में होने वाली एक सामान्य समस्या है। यह स्थिति तब होती है जब गर्भाशय बच्चेदानीा की ऊपरी सतह की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या संक्रमण के कारण उनमें सूजन और घाव हो जाते हैं। यह समस्या हल्की हो सकती है, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह गंभीर हो सकती है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारणों और लक्षणों को विस्तार से समझते हैं।

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संक्रमण (Infections)

यौन संचारित रोग (STIs): क्लैमाइडिया, गोनोरिया, या ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) जैसे संक्रमण गर्भाशय बच्चेदानीा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बैक्टीरियल वेजिनोसिस और फंगल इंफेक्शन: ये संक्रमण बच्चेदानीा की सूजन और घाव का कारण बन सकते हैं।

एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से बच्चेदानीा कमजोर हो सकती है और संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है। लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग हार्मोनल बदलाव का कारण बन सकता है।
इसके साथ ही बार-बार गर्भधारण और प्रसव के दौरान बच्चेदानीा पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं।

Garbh Nirodhak
Garbh Nirodhak

गर्भनिरोधक उपकरण जैसे – कॉपर टी का अनुचित या लंबे समय तक उपयोग बच्चेदानी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा सर्जरी, मिसकैरिज या यौन संबंध के दौरान बच्चेदानी में किसी तरह का चोट लगना भी घाव का कारण बन सकता है। इसके अलावा निजी अंगों की अच्छे से सफाई न होने से संक्रमण और घाव की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, कई बार कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण संक्रमण जल्दी हो सकता है।

मासिक धर्म के बीच में रक्त आना या यौन संबंध के बाद रक्तस्राव होना।
योनि से दुर्गंधयुक्त सफेद या पीले रंग का डिस्चार्ज होना। यह संक्रमण का संकेत हो सकता है।
निचले पेट या पीठ में हल्का या तेज दर्द महसूस हो सकता है।
बार-बार पेशाब आना, पेशाब के दौरान जलन, या संक्रमण के लक्षण।
सेक्स के दौरान या उसके बाद दर्द और असुविधा महसूस होना।
संक्रमण और रक्तस्राव के कारण शरीर में कमजोरी या थकावट हो सकती है।

  • पैप स्मीयर टेस्ट: यह टेस्ट गर्भाशय बच्चेदानीा की कोशिकाओं में किसी असामान्यता का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • कोलपोस्कोपी: बच्चेदानीा की स्थिति की गहराई से जांच के लिए।
  • बायोप्सी: कैंसर की संभावना की जांच के लिए।
  • अल्ट्रासाउंड और अन्य टेस्ट: गर्भाशय और अंडाशय की स्थिति का पता लगाने के लिए।
Cervical Ulcer
Cervical Ulcer

इस परेशानी का इलाज करने के लिए डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल दवाओं से संक्रमण का इलाज किया जाता है। इसके साथ ही हार्मोनल थेरेपी यदि हार्मोनल असंतुलन के कारण घाव हो।

बच्चेदानी में घाव एक आम समस्या हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर निदान और उपचार से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को समझने और नियमित चिकित्सा परामर्श लेने की आवश्यकता है। स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छता अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...