बर्नआउट (शारीरिक एवं मानसिक थकान) को बहुत अधिक काम या लंबे समय के तनाव के कारण पैदा होने वाली शारीरिक एवं मानसिक थकान के रूप में परिभाषित किया गया है। यह आमतौर पर अतिरिक्त एंग्जाइटी, हताशा की भावना, प्रेरणा की कमी और थकावट के रूप में प्रकट होता है। शरीर की रोग प्रतिरक्षा क्षमता में कमी और आमाशय की कमजोरी के कारण बार-बार तबीयत खराब होती है। बर्नआउट को अपने ऊपर हावी होने नहीं दें। अपने आपको तरोताजा और चुस्त-दुरूस्त रखने के लिए हर दिन कुछ स्मार्ट दिशानिर्देशों का पालन करें। इनमें से कुछ दिशानिर्देश इस प्रकार हैं-

समझदारी से आहार का चुनाव करें 

अधिक प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार का सेवन करें। शुगर और रिफाइंड खाद्य पदार्थों से परहेज करें क्योंकि ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाते हैं, इंफ्लामेशन बढ़ाते हैं, रक्त शर्करा में तेजी से बढ़ोतरी करते हैं और इसके बाद हाईपोग्लेसिमिया की गंभीर स्थिति पैदा होती है जिसके परिणामस्वरूप थकान और चिंता पैदा होती है।

नाश्ता जरूर करें

नाश्ता (या कोई भी भोजन) नहीं करना थकान को बुलावा देना है। भोजन ही आपके शरीर के लिए ईंधन, उर्जा है- यह आपके रक्त शर्करा को एक सामान्य सीमा में रखता है और सुस्ती की भावना को रोकता है, जिससे रक्त शर्करा में गिरावट होती है। लेकिन केवल खाना खा लेना ही काफी नहीं है, सही खाना भी जरूरी है। अपने नाश्ते में प्रोटीन (जैसे अंडा) और जटिल कार्बोहाइड्रेट (जई, गेहूं की रोटी) को जरूर शामिल करें।

भोजन में बेहतर वसा को शामिल करें

अत्यधिक वसा का सेवन अथवा वसा से पूरी तरह परहेज करना दोनों हानिकारक है क्योंकि थकान से लड़ने के लिए आहार में कुछ वसा की मौजूदगी आवश्यक है। इसलिए सही किस्म के वसा का चुनाव करें। मुफा (मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड) और (नट्स, सीड्स) ओमेगा 3 (मछली, फ्लैक्स सीड्स) का चुनाव करें जबकि ट्रांस फैट्स के सभी स्रोतों से परहेज करें। 

पर्याप्त पानी लेें 

बर्नआउट या थकान महसूस होने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन है। यहां तक कि हल्का डिहाइड्रेशन भी रक्त को गाढ़ा बनाता है और इसके कारण रक्त को कोशिकाओं एवं अंगों में भेजने के लिए हमारे हृदय को अधिक काम करना पड़ता है और इसके कारण थकान होती है। इसलिए पर्याप्त पानी लेते रहें। 

एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाएं

अपने आहार में एंटी-ऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाएं और हर दिन सब्जियों एवं फल (अनार और आंवला और हरी सब्जियां) की पांच से 6 सॄवग्स लें। 

प्रोबायोटिक्स पर ध्यान दें

सही पाचन से ही स्वस्थ ऊर्जा उत्पादन और बेहतर मनोदशा का आरंभ होता है। नियमिततौर पर प्रोबायोटिक्स का सेवन करें, क्योंकि ये आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को पनपने देते हैं और इससे बेहतर पाचन होता है और पोषक तत्वों को आत्मसात करने में आसानी होती है और इस तरह से बेहतर मूड बनता है और शरीर को अधिक उर्जा मिलती है। विटामिन बी ग्रहण करें क्योंकि यह भोजन से कोशिकाओं को उर्जा को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं।

अंकुरित अनाज लेें 

अगर आप चाहते हैं कि आपको निश्चित तौर पर ऊर्जा मिलती रहे तो अपने खाने की प्लेट पर कुछ स्प्राउट्स रखें। अनाज के अंकुरित होने की प्रक्रिया में एंजाइम बहुत सक्रिय हो जाते हैं। यह साबित हो चुका है कि एंजाइम की अनुपस्थिति से थकान और हताशा की भावना पैदा होती है।

कैफीन का सेवन कम करें 

बहुत अधिक कॉफी आपको फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान करती है। इसमें मौजूद कैफीन आपको अस्थायी तौर पर उर्जा देती है लेकिन इसके बाद आपको सुस्ती होती है और इसकी परिणति एंग्जाइटी के रूप में होती है। इसके अलावा यह मूत्रवर्धक है और शरीर को डिहाइड्रेट करता है, इस प्रकार ऊर्जा के भंडार को खाली कर देती है। इसलिए इसका सेवन कम से कम करें। 

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