1. ठंडा मौसम आपको बीमार करता है।
यह कथन बिल्कुल झूठ है क्योंकि कीटाणु आपको बीमार करते हैं न कि मौसम। यदि आप गीले बालों के साथ भी कहीं ठंडी जगह पर जाते हैं और वहां कीटाणु नहीं है तो आप बिल्कुल भी बीमार नहीं पड़ेंगे। परंतु इन दोनों तथ्यों के बीच एक सम्बन्ध है। बीमार करने वाले कीटाणु कम तापमान में ही पनपते हैं।
2. ज्यादा मीठा खाने से आपको डायबिटीज हो सकती है।
यह झूठ है। कुछ भी मीठा खाना तुरन्त आपके ब्लड सुगर के लेवल को नहीं बढ़ाता है। पर यह मोटापा बढ़ा सकता है जो डायबिटीज का एक कारण बन सकता है। इसलिए आप अपनी डाइट को हेल्दी ही रखें।
3. आप जले हुए पर बर्फ नहीं लगा सकते।
यह कथन एक दम सही है क्योंकि जले हुए पर बर्फ लगाने से बर्फ आपकी स्किन की सेल्स को नुक़सान पहुंचा सकती हैं और हालत को और भी बिगाड़ सकती है। इसकी बजाय आप ठन्डे पानी का प्रयोग के सकते हैं। 5 मिनट तक ठन्डे पानी में अपना जला हुआ अंग रखे और उसके बाद उसे साबुन से धोकर एक एंटीबायोटिक क्रीम लगा लें।
4. एंटी परस्पिरएंट्स से कैंसर होती है।
यह एक झूठ है। एंटी परस्पिरांट्स ज्यादा पसीने आने से रोकते हैं। कई एक्सपर्ट्स का मानना है की इनकी वजह से ट्यूमर का खतरा हो सकता है पर एंटी परस्पिरंट्स और कैंसर के बीच का कोई सम्बन्ध आज तक रिसर्च के द्वारा पता नहीं लगाया गया है।
5. सीपीआर में माउथ तो माउथ ब्रीदिंग की जरूरत नहीं होती।
यह कथन बिल्कुल सत्य है। 2017 में की गई रिसर्च के मुताबिक कार्डिएक अटैक में यदि किसी को माउथ तो माउथ ब्रीदिंग दी जाती है तो उसके बचने के चांस बहुत ही कम हो जाते हैं। इसकी बजाय हमें उसके सासो को बिना किसी रोक टोक के जैसे चल रहे हैं वैसे चलने देना चाहिए ।
6. ज्यादा वजन आपके जीवन काल को कम करता है।
यह एक झूठ है। रिसर्चर इसको ओवरवेट पैराडॉक्स की बजाए ओबेसिटी पैराडॉक्स कहते हैं। ओबेसिटी यानी कि मोटापा आपके स्वास्थ्य रोगों से जुड़ी हुई समस्या है, उसमें आपका जीवन काल कम होने के चांस हैं परन्तु ओवरवेट और ओबेसिटी दो अलग अलग चीजे हैं। एक रिसर्च के मुताबिक 1 लाख 90 हजार लोगो में से ओवरवेट लोगो का जीवन काल भी उतना ही है जितना की नॉर्मल लोगो का।
7. किसी चोटिल व्यक्ति को सीधे सोने न जाने दें।
यह सत्य है कि यदि किसी को कोई चोट लग जाती है तो आपको उनको थोड़ी देर के बाद नींद से उठाकर उनकी चोट के लक्षणों को देखना चाहिए न कि सीधे उनको कई घंटो तक सोने दे। इसके बाद वे रात में पूरी नींद ले सकते हैं।
8. नकसीर आने पर अपने सिर को थोड़ा पीछे की ओर टेढ़ा करें।
यह एक मिथ्या है। सिर टेढ़ा करने से आपको सोजन आजाती है जिसकी वजह से पेट में कुछ दिक्कत हो सकती हैं और आपको उल्टियां भी हो सकती हैं। इसकी बजाए नकसीर आने पर अपने सिर को सीधा रखे और नाक को 10 मिनट के लिए बन्द रखें।
9. आपको एक बार ज्यादा खाना खाने की बजाए थोड़ा थोड़ा खाना कई बार खाना चाहिए।
यह एक झूठ है। कुछ लोग थोड़ी मात्रा में ही खाना खाते हैं तो कुछ लोगो के लिए कम भोजन पर्याप्त नहीं रहता। यदि आपको ज्यादा भूख लगती है और आप थोड़ी मात्रा में खाना शुरू कर देंगे तो यह आपको उल्टा असर दिखा सकता है। आपको अपने खाने को विभाजित करने की बजाए उस से मिलने वाले पोषण पर ध्यान देना चाहिए।
10. दौरा पड़ने के दौरान जीभ सुजने का खतरा रहता है।
यह एक मिथ्या है। पुराने समय की तरह मुंह के अंदर चम्मच रखने से जीभ की सुजन को नहीं रोका जा सकता बल्कि इससे जीभ व दांतो को नुक़सान पहुंच सकता है। इसकी बजाए आप उस इंसान को ऐसे लेटाए जिससे इसको उल्टियां ना आए और उसके सिर के नीचे एक तकिया भी लगादे।
11. गाजर से आपकी दृष्टि बढ़ती है।
यह कथन झूठ है। गाजर में दृष्टि बढ़ाने वाला तत्त्व बेटा कैरोटीन होता है जिससे उसका रंग ऑरेंज होता है। बेटा कैरोटीन विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है जिसकी वजह से हमारी देखने की क्षमता मजबूत होती है। पर ज्यादा मात्रा में गाजर खाने से बेटा कैरोटीन विटामिन ए में परिवर्तित होना बन्द होजाता है। दृष्टि मजबूत करने के लिए हरी सब्जियां खाएं।
12. स्ट्रेस से आपको फोड़े होते हैं।
यह झूठ है। पेट में फोड़े होने के 2 मुख्य कारण है: एस्पिरिन व बैक्टीरिया से होने वाला इंफेक्शन। स्ट्रेस पहले से ही हुए फोडो को और ज्यादा गम्भीर बना सकती है। पर सटीक तौर से यह नहीं कहा जा सकता कि अल्सर होने का सीधा कारण स्ट्रेस है।
13. आपको हार्ट अटैक के बाद भी वर्क आउट करना चाहिए।
यह सत्य है। हार्ट अटैक के मरीज वर्क आउट न करने का बहाना हार्ट अटैक रोग को बना लेते है। बल्कि यह जो आपको करना चाहिए उससे उल्टा है। आपको रोजाना 20 से 30 मिनट तक वर्क आउट करना चाहिए। आप अपने वर्क आउट रूटीन के बारे में डॉक्टर से भी सलाह के सकते हैं।
14. डिम लाइट में पढ़ने से आपकी आंखों को नुक़सान पहुंच सकता है।
यह कथन झूठ है। डिम लाइट में पढ़ने से आपकी आंखों को थका सकता है परन्तु इसके द्वारा आंखों को कोई नुक़सान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है। लाइट सीधी आपके स्टडी टेबल पर पड़नी चाहिए न कि आपके शरीर के किसी हिस्से जैसे कंधे आदि पर। इससे लाइट टेबल तक नहीं पहुंच पाती।
15. ज्यादा खांसने से आपको उल्टी हो सकती है।
यह बिल्कुल सच है। छोटे बच्चो को ज्यादा देर तक खासी होने पर उनको उल्टी हो सकती है क्योंकि बच्चे ज्यादा सेंसिटिव होते हैं परन्तु यह कभी कभार बच्चो के साथ साथ बड़ों में भी हो जाती हैं । यह ज्यादा सीरियस समस्या नहीं है पर यदि आप चाहे तो डॉक्टर को दिखा सकते है।
16. अपनी उंगलियां चटकाने से आपको गठिया हो सकता है।
यह झूठ है। रिसर्च में यह कही भी नहीं पाया गया है कि जोड़ो के चटकने से गठिया को समस्या हो सकती है। परंतु यदि आप अपनी उंगलियों के पोरों को चटकाते है तो आपके कुछ मुलायम टिश्यू टूट सकते है।
17. साबुन जर्म्स से लिपटे रहते हैं।
यह झूठ है। हालांकि यह सच है कि साबुन से जर्म्स एक इंसान से दूसरे इंसान में ट्रांसफर हो सकते हैं परंतु वह ज्यादा देर तक नहीं टिकते। स्टडीज ने साबित किया है कि ये ट्रांसफर होने वाले कीटाणु एक से दो मिनट में में जाते है और इनसे कोई बीमारी फैलने का डर नहीं होता।
18. आपको हर रोज 8 गिलास पानी पीने की जरूरत नहीं है।
यह सत्य है। किसी भी शोध में यह सिद्ध नहीं हुआ है कि आपको 8 गिलास पानी की ही आवश्कता होती है। आपको 8 से ज्यादा या कम पानी की जरूरत भी हो सकती है। यह आपके शरीर व क्लाइमेट पर निर्भर करता है। परंतु आपको पूरे दिन पानी पीना चाहिए।
19. सीधे बैठने से आपकी कमर को नुक़सान पहुंच सकता है।
यह कथन बिल्कुल सत्य है। बहुत देर तक एक ही जगह पर बैठना आपकी कमर के लिए अच्छा नहीं होता। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी को भी नुक़सान पहुंच सकता हैं इसलिए यदि आपको कई देर तक बैठना पड़ता है तो अपने पैरो को घुटनों पर चढ़ा कर न बैठें व थोड़ी देर के गैप के बाद थोड़ा सा घूम फिर लें।
20. सांवली त्वचा वाले लोगो को कैंसर नहीं होती।
यह एक झूठ है। डार्क स्किन जलती नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यूवी जैसी हानिकारक किरणों से गहरे रंग की त्वचा पर कोई नुक़सान नहीं होगा। सभी तरह की स्किन टोन को सनस्क्रीन लगाने की जरूरत होती है।
21. जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी कम नींद की जरूरत है।
यह एक झूठ है। बड़ी उम्र वाले व्यक्तयों को अपनी दवाइयों व स्थिति के कारण कम नींद आती है पर इसका यह मतलब नहीं है कि उनको कम नींद की जरूरत है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए बुजुर्गो को कम से कम 7 घंटों की नींद लेनी चाहिए हालांकि नींद की पर्याप्त मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकती है।
22. छींक को रोकना अनहैल्थी है।
यह बात सच है। जब आपकी बॉडी छीकने को तैयार होती है तो आपको फेफड़ों में एक तरह का प्रेशर बनता है। जब आप छींकने की कोशिश करते है तो उस हवा को बाहर जाने का रास्ता चाहिए होता है लेकिन अगर आप अपने नाक व मुंह को बन्द कर लेते है तो वह कानों की तरफ जाने लगती है जोकि खतरनाक हो सकता है।
23. आपको एक सीजन में एक से अधिक बार फ्लू हो सकता है।
यह एक सत्य है। एक बार बीमार होना आपको दूसरी बार बीमार होने से नहीं बचा सकता। इसलिए बीमारियों के मौसम में आपको अपना बचाव करना चाहिए जैसे आपको अपने मुंह व नाक को एक टिश्यू से ढक लेना चाहिए। हाथो को बार बार साबुन से धोना चाहिए।
24. अंडे आपके हृदय के लिए खतरनाक हैं।
यह एक झूठ है। लोगो की ऐसी सोच है कि खाने में मौजूद कोलेस्ट्रॉल आपको ब्लड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है जो की हृदय रोग से जुड़ा रिस्क है। पर हाल ही में कि गई रिसर्च के मुताबिक 4 लाख लोगों में जो रोज अंडा खाते है उनका कोलेस्ट्रॉल लेवल अच्छा होता है और उनमें हृदय रोग होने की सम्भावना भी 18 प्रतिशत कम होती है।
25. लक्षण खत्म होने के बाद आपको एंटी बायोटिक लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
यह एक झूठ है। यदि आप बिल्कुल स्वस्थ है तो भी आपको डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई खानी चाहिएं। लक्षण बीमारी के जाने से पहले भी खत्म हो जाते हैं। मतलब आप दुबारा भी बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए लक्षण जाने के बाद भी एंटी बायोटिक लेना जारी रखें।
26. आपको ब्रश करने के बाद अपने मुंह से टूथब्रश को उतार लेना चाहिए।
यह एक झूठ है। जब आप टूथब्रश करने के बाद जब पानी या माउथ वाश से कुल्ला करते हैं तो जो टूथपेस्ट का फ्ल्यूड आपको टूथ डीके या अन्य बीमारियों से बचाता है वह धुल जाता है। यदि आपको फिर भी कुल्ला करने की आवश्कता है तो डिएंटिस्ट सुझाते हैं कि आपको हल्के से पानी का प्रयोग करना चाहिए।
27. भागना आपके घुटनों के लिए अच्छा नहीं है।
यह एक झूठ है। रिसर्च के मुताबिक रनर्स को किसी भी तरह के घुटनों में गठिया या अन्य हड्डियों से जुड़ी कोई समस्या के कोई खतरा नहीं रहता है। इसकी बजाए रनिंग से आपकी मसल्स मजबूत होती है जिनसे आपके घुटने स्टेबल रहते है तथा इससे आपको गठिया या अन्य रोग भी नहीं होते।
28. कैफ़ीन हृदय के लिए अच्छी है।
यह सत्य है। ऐसा माना जाता है कि कैफ़ीन से आपके हृदय को नुक़सान पहुंचता है लेकिन असल में इसका उल्टा है। एक दिन में 3 कप कॉफी पीने से आपको हृदय रोगों का खतरा बहुत कम होगा। कैफ़ीन में जो एंटीऑक्सिडेंट्स विद्यमान होते हैं वो हृदय के लिए लाभदायक होते हैं।
29. एक वर्क आउट पूरा दिन बैठने से होने वाली हानियों को कम नहीं कर सकता।
यह बिल्कुल सच है। यदि आपकी जॉब ऐसे है जहां आपको पूरा दिन बैठ के काम करना पड़ता है या आप घर में भी पूरा दिन बैठे रहते हैं तो आपके डैथ रिस्क ज्यादा हैं चाहे बेशक आप वर्क आउट करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वर्कआउट करना बेकार है बल्कि आपको बैठने के दौरान कुछ देर के लिए घूम फिर भी लेना चाहिए।
30. टीवी के बहुत नजदीक बैठने से आपकी आंखों को नुक़सान पहुंचता है।
यह झूठ है। पुराने जमाने के टीवी में टीवी से आपने वाली किरणों कि मात्रा बहुत अधिक होती थी इसलिए जब आंखों को रिस्क होता था लेकिन मॉडर्न टीवी में ऐसा रिस्क नही है। आप यदि नजदीक से भी टीवी देखते हैं तो आपकी आंखों को कोई नुक़सान नहीं पहुंचता है।
31. प्रो बायोटिक से डायरिया ठीक हो सकता है।
यह सच है। प्रो बायोटिक में मौजूद बैक्टीरिया व यीस्ट आप को डायरिया से लडने में मदद करते हैं। कुछ एंटी बायोटिक्स खाने से डायरिया के लक्षण भी विलुप्त हो जाते हैं। इन बायोटिक्स के कुछ और लाभ जैसे वजन कम होना, सर्दी जुखाम से बचाना आदि भी हैं।
32. Sugar से कैंसर होती है।
यह एक झूठ है। हालंकि कैंसर की कोशिकाएं बढ़ने के लिए मीठे का सहारा लेती हैं पर इसका यह मतलब नहीं है कि कम मीठा खाने से आप कैंसर से सुरक्षित हैं। जब आप कम मीठा खाते हैं तो शरीर अपना ग्लूकोज स्वयं बना लेता है जिससे कैंसर होने का खतरा कम होता है। हालाकि मोटापे से कैंसर हो सकता है इसलिए आपको मोटापा कम करने के लिए कम मीठा खाना चाहिए।
33. फार्ट को रोक रखने से आपके जठ रांत्र को नुक़सान पहुंचता है।
यह झूठ है। यदि आप अपनी गैस को रोक रखते हैं तो उससे वह वहीं रहती है जहां वह पहले है इससे आपके शरीर को कोई नुक़सान नहीं पहुंचता है। इसका खतरा केवल तब होता है जब आपका कोलोन ब्लॉक हो रखा हो और प्रेशर से वह फट भी सकता है लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।
34. डिप्रेशन का कोई इलाज नहीं है।
यह एक झूठ है। डिप्रेशन को ठीक किया जा सकता है। जब किसी डिप्रेस्ड व्यक्ति को वह सहायता मिल जाती है जो उसे चाहिए होती है तो वह ठीक हो सकता है। जब आपको दवा के साथ साथ अपने परिवार का मानसिक तौर से सहारा मिल जाता है तो आप बहुत जल्दी रिकवर हो सकते हैं।
35. ठंड में शराब पीने से आप को गर्मी मिलती है।
यह एक झूठ है। शराब पीने से आप को थोडी बहुत गर्मी जरुर मिलेगी क्योंकि शराब पीने से आप का गर्म खून स्किन में आने लग जाता है। परंतु कुछ देर बाद आप का तापमान वापस से कम ओ जाता है। अतः यह एक झूठ है।
यह भी पढ़ें-
