आलू कृशिका को बहुत पसंद है लेकिन उसकी मम्मी किशोरी उसे ज्यादा आलू खाने नहीं देतीं। किशोरी का मानना है कि आलू खाना सेहत के लिए सही नहीं है। इसलिए किशोरी ने सब्जियों की खरीद के साथ आलू की खरीदारी बंद कर दी है। किशोरी जैसे आप में से भी कई महिलायें होंगी, जो यह सोचती और मानती होंगी कि आलू सेहत के लिए सही नहीं है और इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए। जबकि सच तो यह है कि आलू में भी कई ऐसे फायदे हैं, जो इसे खाने लायक बनाते हैं। स्वाद की बात तो अलग ही है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आलू लाइफ स्टाइल से संबंधित कई जोखिम को कम करके हेल्थ बेनेफिट्स को बढ़ाते हैं। आम लोगों की सोच के ठीक विपरीत यह एक लो फैट सब्जी है, जिसे मैदे की तरह परिष्कृत माना जाना गलत है। सबसे कमाल की बात तो यह है कि इसके सेवन से मन और पेट दोनों संतुष्ट हो जाता है

आलू का दम

आलू, नाम में इतना दम है कि कोई इसे खाए बिना नहीं रह पाता है। आलू- मटर हो या आलू- गाजर, या फिर दम आलू ही सही, आलू के बिना न को कोई भोज तैयार होता है और न ही स्नैक्स। साल भर मिलने वाले आलू को आसानी से उगाया जा सकता है। ये न केवल पेट के साथ मन को भी संतुष्टि प्रदान करते हैं बल्कि पौष्टिकता से भरपूर भी होते हैं। पढ़ने में यह भले ही अजीब लग रहा होगा लेकिन है सौ फीसद सच। दिल्ली स्थित न्यूट्रिशनिस्ट कविता देवगन कहती हैं, इसमें मौजूद फाइबर, तमाम तरह के विटामिन, जिंक, पोटैशियम, आयरन और फॉस्फोरस इसे हमारे लिए सेहतमंद और स्वास्थ्यवर्धक बनाते हैं। इसमें विटामिन बी6 भी है, जो कम सब्जियों में ही मिलता है। इसे तल कर खाने से यह नुकसान ही करेगा, वरना आप इसे सुबह के नाश्ते के साथ दोपहर और रात के भोजन में खा सकते हैं। अन्य सब्जी एवं फलों की तरह इसे भी सही मात्रा और सही तरीके से खाने से स्वास्थ्य को अनेक लाभ मिलते हैं और यह जीवनशैली से संबंधित कई बीमारियों के जोखिम को कम भी करता है।

आलू में हैं कई जरूरी चीजें

आलू में मौजूद आयरन, फॉस्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक शरीर के निर्माण और हड्डियों की बनावट एवं मजबूती में मदद करता है। कोलैजन के उत्पादन और उसे बनाए रखने में आयरन और जिंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फॉस्फोरस और कैलिश्यम दोनों हड्डियों की संरचना के लिए जरूरी हैं। कोलैजन त्वचा की सहायक प्रणाली भी है। बतौर एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करके विटामिन सी धूप, प्रदूषण और धुएं के कारण होने वाली क्षति से हमारी त्वचा को बचाता है। झुर्रियों को कम करने और संपूर्ण त्वचा की बनावट को सुधारने में विटामिन सी कोलैजन की मदद भी करता है।

नो फैट सब्जी है आलू

न्यूट्रिशनिस्ट कविता देवगन बताती हैं, आलू एक नो फैट सब्जी है, जिसमें कोकोअमाइन्स नामक खास चीज होती है। यह रक्तचाप को कम करने में सहायक है। इसके अलावा, आलू में उपस्थित पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्राकृतिक तरीके से रक्तचाप को कम करते हैं। आलू को मैदे की तरह परिष्कृत माना जाना गलत है। आलू में निहित फाइबर, पोटैशियम, विटामिन सी और विटामिन बी6 ह्मदय को स्वस्थ रखने में महत्वपर्ण भूमिका निभाते हैं।

हृदय रोग के जोखिम को कम करता है आलू

फाइबर रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में मदद करता है और इस तरह से हृदय संबंधित रोग का जोखिम कम हो जाता है। फाइबर कब्ज से हमारा बचाव करता है और स्वस्थ पाचन तंत्र की नियमितता को बनाए रखता है।

वजन कम करने वाले भी खा सकते हैं आलू

वजन कम करने वालों को कहा जाता है कि वे आलू न खाएं, जबकि यह एक मिथक है। हां, आप आलू को मैश करके उसमें मक्खन डालकर खाएंगे तो यह जरूर वजन बढ़ाएगा। अन्यथा आलू में मौजूद फाइबर वजन के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है। ये बल्किंग एजेंट के तौर पर काम करते हैं, इनका सेवन हमारी भूख और मन को संतुष्टि प्रदान करता है। इस तरह से व्यक्ति लंबे समय तक भरा पेट महसूस करता है और अधिक कैलोरी का सेवन नहीं करता है।

हाई एनर्जी सब्जी आलू

आलू एक हाई एनर्जी सब्जी है, जो एनर्जी मेटाबोलिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को ग्लूकोज एवं एमीनो एसिड में तोड़ देता है। इन छोटे यौगिकों का प्रयोग शरीर के भीतर आसानी से अधिक ऊर्जा के लिए किया जा सकता है। आलू में कॉलिन की उपस्थिति मांसपेशियों, मूड, सीखने और याददाश्त को पुष्ट करने में मददगार है। कॉलिन एक बहुमुखी पोषक तत्व है। यह मस्तिष्क के जल्दी विकसित होने में भी मददगार है। साथ ही सेल्यूलर मेम्ब्रेन की संरचना का प्रबंधन भी करता है।

कैंसर से बचाता है आलू

आलू में फोलेट मौजूद है, जो डीएनए सिंथेसिस और इसकी मरम्मत में भूमिका निभाता है। इस तरह से यह कई तरह की कैंसर कोशिकाओं को बनने से रोकता है। आलू में उपस्थिति विटामिन सी भी एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करते हैं और फ्री रैडिकल्स से होने वाले खतरे से कोशिकाओं की सुरक्षा करते हैं।

मिथक है कि मधुमेह के रोगी नहीं खा सकते हैं आलू

यह एक मिथक है कि आलू को मधुमेह के रोगी नहीं खा सकते हैं। मधुमेह के रोगियों को कार्बोहाइड्रेट को सीमित करना होता है। इसलिए कम मात्रा में और उबालकर आलू खाए जा सकते हैं। कई अमेरिकी शोध भी कहते हैं कि किडनी रोगी भी आलू का सेवन काटने के बाद उबालकर कर सकते हैं लेकिन सीमित मात्रा में।

 

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