आजकल मौसम चल रहा है गर्मी का। नकसीर का रोग इन दिनों में ज्यादा होता है। चिलचिलाती धूप में अक्सर कुछ लोगों को नाक से खून बहने की शिकायत होती है। इसे नकसीर भी कहा जाता है। नकसीर फूटना या नकसीर बहना कोई व्याधि या बीमारी नहीं है। यह मौसम के अनुसार शरीर में अधिक गर्मी बढ़ने से भी हो सकता है और कुछ लोगों को अधिक गर्म पदार्थ का सेवन करने से भी। नकसीर फूटने के तमाम कारण हो सकते हैं। जैसे नाक के पिछले भाग की ग्रंथि में शोध (सूजन) हो जाना, प्लेथोरा अथवा काया के खून कोशों में खून ज्यादा होने की वजह हैमाफिलिया या परपुरा, जिसमें त्वचा के नीचे खून फूट पड़ता है। रक्तचाप में वृद्धि, स्कर्वी, व्याधियों में मसूढ़ों का फूल जाना भी नकसीर के कारण हैं। इसका प्राकृतिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार करना संभव है।

कारण

  • संक्रमण,
  • उच्च रक्तचाप,
  • रक्त को पतला करने की औषधि का सेवन करना,
  • मदिरापान,
  • नाक में हल्की सी चोट,
  • नाक को जोर लगाकर साफ करना,
  • सर्दी-जुकाम या फ्लू,
  • कोकेन का अधिक मात्रा में प्रयोग करना,
  • साइनस संक्रमण वगैरह।

लक्षण

  • एक या दोनों नथुनियों से रक्त स्राव,
  • उनींदापन,
  • नकसीर के कारण सदमा या असमंजस।

करें ये घरलूे उपचार

  • प्याज को काटकर नाक के पास रखें और सूंघें।
  • काली मिट्टी पर पानी छिड़ककर इसकी खुशबू सूंघें।
  • नकसीर बहने पर अरहर के चार दाने पीसकर जल में घोलकर नाक में टपकाने से खून बहना शीघ्र बंद हो जाएगा।
  • अंगूर के रस का नाक द्वारा नस्य लेने से नकसीर से बहने वाला रक्त जल्दी रुक जाता है।
  • रुई के फाए को सफेद सिरका में भिगोकर उस नथुने में रखें, जिससे खून बह रहा हो।
  • जब नाक से खून बह रहा हो तो कुर्सी पर बिना टेक लिए बैठ जाएं, नाक की बजाय मुंह से सांस लें।
  • सिर को आगे की ओर झुकाएं न कि पीछे की ओर।
  • आंवला के जल को पिलाने या आंवला को जल में पीसकर मस्तक तालू तथा नाक पर लेप करते रहने से नकसीर से रक्त बहना शीघ्र बंद हो जाता है।
  • नाक से खून आने पर पका हुआ केला शक्कर मिले हुए दूध के साथ आठ दिन खाने से लाभ मिलता है।
  • एक ग्राम फिटकरी पीसकर जल में घोलकर उस जल से नाक में पिचकारी दें या फि टकरी के महीन चूर्ण को नाक में फूंक दें, तो नकसीर का बहना बंद हो जाता है।
  • नासिका से रक्तस्राव होने पर घी में भुने हुए आंवले का सिर पर लेप करने से उक्त रोग शांत होता है।
  • बताशे में छोटी इलायची के अर्क की दो बूंदें टपकाकर तीन-तीन घंटे के अंतराल पर खाइये। इस उपाय से नाक से खून गिरना बंद हो जाता है।
  • यदि खून का बहाव ज्यादा हो, तो मरीज को शीतल स्थान पर ठीक तरह से लेटाकर एवं गर्दन से पीछे की ओर झुका दिया जाए। तत्पश्चात गर्दन के पिछले हिस्से के नीचे शीतल जल की पट्टी या बर्फ की थैली रखनी चाहिए एवं हाथ-पैर में शुष्क-ऊष्ण पट्टी बांधनी चाहिए। मिट्टी की पट्टी रखने से भी आराम मिलता है।
  • खट्टे-मीठे अनार दाने का रस 125 मिली. में 25 ग्रा. मिश्री मिलाकर प्रतिदिन दोपहर को पीने से गर्मी के दिनों मेें नाक से होने वाला खून का बहाव रुक जाता है। केवल अनार के फूलों का रस सुंघाने से भी लाभ मिलता है।
  • खीरे के बीज, दूध और मिश्री की खीर बनाकर रात्रि में खाने से नाक से खून गिरने की शिकायत दूर हो जाती है। ऐसे लोगों को दिन में कोमल खीरे का सेवन पर्याह्रश्वत रूप से करना चाहिए।
  • श्वेत चंदन तथा थोड़ा से कपूर जल में पीसकर माथे पर लेप करें। नकसीर फूटने पर राहत मिलती है।
  • ठंडे पानी में भीगे हुए रुई के फाए को नाक पर रखें। रुई के छोटे-छोटे फायों को पानी में भिगोकर फ्रीजर में रख लें। इनसे सिकाई करें।
  • साफ हरे धनिए की पत्तियों के रस की कुछ बूंदें नाक में डाल लें।

 

नकसीर के आयुर्वेदिक उपचार

  • थोड़ा सा कपूर, धनिये के पत्तों के रस में मिला दें और इस मिश्रण को नाक में डालें। इस मिश्रण को नाक में डालने से नाक से खून बहना जल्दी बंद हो जाता है।
  • 20 ग्राम आंवले को पूरी रात पानी में सोख कर रखें और सुबह उस पानी को छानकर पी लें और आंवला की लेई को अपने माथे और नाक के आसपास मल दें। इससे भी नाक का ख़ून रुकने में आपको काफी मदद मिलेगी।
  • लाल चन्दन, मुलेठी और नाग केसर को समान मात्रा में मिलाकर चूरा बना लें और उसमें से 3 ग्राम चूरा दूध के साथ लेने से भी आपको नकसीर में लाभ मिलेगा।
  • अनार के सूखे पत्तों का चूरा बनाकर सूंघने से भी नाक से रक्त का बहना काफी हद तक रुक सकता है।
  • आम की गुठली के रस को सूंघने से भी नकसीर में लाभ मिलता है।
  • 2 ग्राम केले के पेड़ के पत्ते, 20 ग्राम क्रिस्टल शुगर और 1-1/2 लीटर पानी का मिश्रण दिन में एक बार पीने से गंभीर से गम्भीर नकसीर में भी लाभ मिलता है।
  • एक ग्लास पानी में एक चुटकी नमक डाल दें और इस पानी को नाक में स्प्रे करें। ऐसा करने से नाक में से रक्तस्राव कम हो जाता है।
  • जब नकसीर होता है तब यह पक्का कर लें कि आस-पास का वातावरण शुष्क तो नहीं है। अगर है तो वातावरण को नम रखें, जिससे आपके नाक की कार्यशीलता हल्की हो जायेगी और नाक से रक्तस्राव नहीं होगा।
  • गीला तौलिया अपने सिर पर रखने से भी नकसीर में लाभ मिलता है।

नकसीर के अन्य उपचार

  • आइस पैक या आइस क्यूब नाक पर लगाने से भी रक्तस्राव को रोकने में सहायता मिलती है।
  • अगर आप धूम्रपान के आदी हैं, तो उसे तुरंत रोक दें।
  • शुष्क वातावारण में रहने से बचें। एयर कंडीशनर और एयर कूलर उत्तम होते हैं क्योंकि वे हवा में नमी को बनाये रखते हैं।
  • गर्भनिरोधक गोलियों के प्रयोग में सावधानी बरतें, क्योंकि गलत गोलियों के प्रयोग से नाक से रक्तस्राव शुरू हो सकता है।

(साभार – शशिकांत सदैव, साधना पथ)

 

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