गर्मी के मौसम में मच्छर बुरा हाल कर देते हैं। खास कर बच्चों को इससे बहुत परेशानी होती है। घर की एक खिड़की या दरवाजा भी शाम के समय खुला रह जाए तो मच्छर बेशर्म की तरह घर में घुसे चले जाते हैं और फिर जाने का नाम नहीं लेते हैं। आम बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन के साथ ही इन मच्छरों के काटने से अन्य कई बीमारियां भी होती हैं, जिनमें से एक डेंगू भी है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम तुरंत इनके आने को रोकें। यूं तो बाजार में कई मॉस्क्विटो रेपेलेंट मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल अमूमन लोग करते हैं। इनमें से कुछ हर्बल भी है, लेकिन अगर आपको घर में बना नैचुरल मॉस्क्विटो रेपेलेंट मिल जाए तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता है। ऐसे ही कुछ होममेड मॉस्क्विटो रेपेलेंट की रेसिपी आपके लिए!

पेपरमिनट ऑयल 

पेपरमिनट ऑयल एक ऐसा ऐसेंशियल ऑयल है, जो मच्छरों को भगाने में अहम भूमिका निभाता है। इसे जब नारियल तेल के साथ मिलाया जाता है तो यह बढ़िया मॉस्क्विटो रेपेलेंट बन जाता है। इसे बॉडी पर लगा सकते हैं। या घर में छिड़क भी सकते हैं।

लेमन यूक्लिप्टस ऑयल

लेमन यूक्लिप्टस ऑयल के एक हिस्से को दो हिस्से के नारियल तेल या ऑलिव ऑयल के साथ मिलाइए। इसे उन जगहों पर लगाइए जहां मच्छरों ने काटा है। लेमन यूक्लिप्टस ऑयल में सिट्रोनेलल और पी- मीथेन 3,8- डायल होता है। ये दोनों मिलकर मच्छरों के खिलाफ़ बढ़िया सुरक्षा कवच तैयार करते हैं।

नीम ऑयल

जब नीम के तेल को नारियल के तेल के साथ मिलाया जाता है तो यह बेहतरीन मॉस्क्विटो रेपेलेंट के तौर पर काम करता है। स्टडीज भी बताती हैं कि जब नीम के तेल को नारियल तेल के साथ मिलाया जाता है तो यह विभिन्न तरह के मच्छरों के खिलाफ़ बढ़िया काम करता है।

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल में एंटी- बैक्टीरियल और एंटी- इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं। इसके एंटीसेप्टिक गुण चोट को भरने में मदद करते हैं। इसकी तेज गंध की वजह से भी मच्छर दूर भागते हैं। लेकिन यह बहुत स्ट्रॉंग होता है, तो इसे नारियल तेल जैसे किसी अच्छे कैरियर ऑयल के साथ मिला कर ही लगाना चाहिए।

एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर में एसिडिक पीएच होता है, जो मच्छरों को आपसे दूर भगाता है। इसे बनाने के लिए आप इसे और पानी की बराबर मात्र लीजिए। इसमें क्लोव, सिट्रोनेला या यूक्लिप्टस ऑयल की कुछ बूंदें मिलिए। अब इसे स्प्रे बॉटल में डाल कर इस्तेमाल में लाइए।

सिट्रोनेला ऑयल

सिट्रोनेला ऑयल लेमनग्रास पौधे की पत्तियों से निकलता है। इसमें सिट्रोनेलल, जेरानियोल, सिट्रल और लिमोनीं जैसे कई कम्पाउंड होते हैं, जिनमें मॉस्क्विटो रेपेलेंट के गुण पाए जाते हैं। जब इसे अल्कोहल के साथ मिलाया जाता है तो इसकी एफिशिएन्सी बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अल्कोहल में थियामिन की उपस्थिति होती है, जो मच्छरों को दूर भगाती है। सिट्रोनेला ऑयल और अल्कोहल को बराबर मात्रा में मिलाना पड़ता है।

सिनमन ऑयल

सिनमन में मच्छरों के खिलाफ़ लड़ने के गुण होते हैं। इसके 10 बूंद तेल को 30- 40 मिली पानी में मिला कर स्पे बॉटल में डाल कर रख लीजिए। इसे बॉडी के खुले एरिया में स्प्रे कर लीजिए।

 

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