Summary: खांसी-जुकाम कब लें हल्के में, कब नहीं?
अगर खांसी-जुकाम 3 हफ्ते से ज्यादा चले, बच्चा सुस्त हो या सांस में दिक्कत हो तो डॉक्टर से मिलें।
Frequent Cold and Cough in Kids: बच्चों में खांसी-जुकाम को लेकर अक्सर माता-पिता चिंतित हो जाते हैं। ज्यादातर माता-पिता का डॉक्टर से सवाल होता है, हमारे बच्चों को बार-बार खांसी-जुकाम क्यों हो जाता है, क्या यह चिंता की बात है, कितने समय तक बच्चों में खांसी-जुकाम सामान्य है। बच्चों में खांसी-जुकाम का होना मौसमी बदलाव है। बच्चों के रोगप्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कारण बच्चे आसानी से इसका शिकार हो जाते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं बच्चों के अंदर खांसी-जुकाम कब चिंता की बात है।
बार-बार खांसी-जुकाम के सामान्य कारण

5 साल तक बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं होता है, जिस कारण वह संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। यही वजह है कि 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों को जुखाम, खांसी, बुखार के संक्रमण आसानी से अपनी चपेट में ले लेते हैं। 6 महीने से 5 साल तक के बच्चे साल में काम से कम 5 से 6 बार इस संक्रमण के शिकार हो सकते हैं जो की सामान्य रूप से बच्चों में खांसी-जुकाम के रूप में सामने आता है।
खांसी-जुकाम के सामान्य कारण: बच्चों के अंदर खांसी-जुखाम के सामान्य कारण मौसम में बदलाव, कमजोर रोगप्रतिरोधक क्षमता, गंदे हाथों को मुंह में लेना या अपने आंखों को छूना, दूसरों के संपर्क में आने से संक्रमित होना या धूल, धुआं या पालतू जानवरों से एलर्जी होना हो सकता है।
खांसी-जुकाम का रहना कितने दिन सामान्य है: बच्चों के अंदर हम बात करें सामान्य खांसी-जुकाम की तो वह 7 से 10 दिन तक नजर आता है। वायरल खांसी होने पर यह दो से तीन हफ्ते तक चल सकता है। इसके अलावा पोस्ट वायरस कफ का असर 3 से 6 हफ्ते तक देखा जा सकता है। इस दौरान अगर बच्चा एक्टिव रहता है, बच्चे का वजन सामान्य बना रहता है और बच्चा खाने-पीने में रुचि दिखाता है तो चिंता की बात नहीं है।
कब मिलना चाहिए डॉक्टर से
अगर आपके बच्चे में खांसी की अवधि तीन हफ्ते से ज्यादा है, बच्चे को खांसी के साथ बुखार है और बच्चे में बुखार 3 दिन से ज्यादा बना हुआ है तो बिना देरी डॉक्टर के पास जाए।
खांसी के दौरान बच्चे की सांसे तेज चले या सीने में घरघराहट की आवाज आए या बच्चे की त्वचा का रंग नीला या पीला पड़ने लगे तो बिना देरी डॉक्टर से मिले। बच्चे का रंग नीला या पीला पड़ना बच्चे को सांस लेने में परेशानी का संकेत है।
खांसी जुकाम के दौरान अगर बच्चा खाना पीना छोड़ दे, बहुत सुस्त और चिड़चिड़ा रहे या बच्चों के बलगम में खून आए, बलगम का रंग पीला या हारा लगे, बच्चों को खांसी के साथ उल्टी, दस्त लग जाए तो डॉक्टर से जल्दी मिले।
बच्चों को खांसी-जुकाम से बचाने के उपाय
बच्चों को समय-समय पर हाथ धुलवाए खासतौर पर खाने से पहले और खेलने के बाद।
बच्चों को धूल-धुएं और भीड़भाड़ वाले जगह से दूर रखें।
बच्चों के खाने में विटामिन C, D और प्रोटीन को शामिल करें जो बच्चों के इम्यूनिटी को बढ़ाने में मददगार है। इसके अलावा बच्चों को भरपूर मात्रा में पानी दें।
मौसम के बदलाव पर बच्चों का विशेष ध्यान रखें। सर्दियों में ठंडी हवा और ठंडे पदार्थों से बचाए। गर्मियों में भी उन्हें बहुत ठंडा फ्रिज का पानी यह आइसक्रीम्स ना दे।
