Tips To Control Belly Fat
Tips To Control Belly Fat

Overview: बीमारियों की जड़ है बाहर निकली तोंद, इन आसान नुस्खों से करें चर्बी पर काबू

पेट की चर्बी केवल दिखावे की समस्या नहीं है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का न्यौता भी देती है। लेकिन यदि आप अपने खाने-पीने की आदतें सुधारें, व्यायाम और नींद पर ध्यान दें तथा तनाव को नियंत्रित रखें, तो तोंद पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। याद रखें—छोटे बदलाव बड़ी समस्याओं से बचाते हैं।

Tips To Control Belly Fat: आजकल भागदौड़ भरी ज़िंदगी, तनाव और गलत खान-पान के कारण पेट पर जमा चर्बी यानी “तोंद” आम समस्या बन गई है। यह केवल दिखने में भद्दी नहीं लगती, बल्कि डायबिटीज़, हार्ट डिज़ीज़ और हाई बीपी जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए 7 असरदार उपाय।

भोजन में संतुलन लाएँ

पेट की चर्बी का सबसे बड़ा कारण है अनियंत्रित खाना। तली-भुनी, जंक और ज्यादा तेल-मसालेदार भोजन की जगह सब्ज़ियाँ, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीनयुक्त चीजें शामिल करें।

शक्कर और मैदे से दूरी

cut down on sugar and refined flour
cut down on sugar and refined flour

मीठी चीजें, सॉफ्ट ड्रिंक और मैदे से बनी चीजें पेट की चर्बी को तेज़ी से बढ़ाती हैं। इनकी जगह गुड़, शहद, ओट्स और मल्टीग्रेन आटा इस्तेमाल करें।

नियमित व्यायाम करें

पेट की चर्बी कम करने के लिए रोज़ाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम ज़रूरी है। तेज़ चलना, योग, प्लैंक और क्रंचेस जैसे एक्सरसाइज़ पेट की चर्बी घटाने में मदद करते हैं।

पर्याप्त नींद लें

get enough sleep
get enough sleep

रात को देर तक जागना और नींद पूरी न लेना हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे वज़न और खासकर तोंद बढ़ती है। रोज़ाना कम से कम 7–8 घंटे की गहरी नींद लें।

पानी का सही सेवन

पानी शरीर से टॉक्सिन निकालता है और मेटाबॉलिज़्म तेज़ करता है। दिनभर में 8–10 गिलास पानी पिएं। मीठे ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएँ।

तनाव पर काबू

ज़्यादा तनाव से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे पेट पर फैट जमा होता है। ध्यान (Meditation), प्राणायाम और संगीत सुनना तनाव को कम कर सकते हैं।

समय पर खाना खाएँ

अनियमित समय पर खाना खाने से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और पेट की चर्बी बढ़ने लगती है। कोशिश करें कि दिन का अंतिम भोजन रात 8 बजे तक कर लें और देर रात स्नैकिंग से बचें।

मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...