डायबिटीज के लिए ग्रॉसरी का सामान

जब डायबिटीज़ आप पर हमला करता है तो इसका मतलब है आपको तुरंत अपने ख़ानपान पर ध्यान देना चाहिए.इसमें अपनी डायट में शुगर को कम करना,प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की कटौती करना और अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को सीमित करना शामिल है.प्रस्तुत हैं कुछ सुझाव,जिन पर अमल करके,यदि आप अपनी ग्रोसरी शौप्पिंग में फेरबदल करके,अपनी डायट को बदलते हैं तो,किसी हद तक इस बीमारी पर नियंत्रण लाया जा सकता है-

1-आटा-डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को सही आटा चुनने के दौरान इस बात का ख़याल रखना चाहिए कि वो जिस आटे का चुनाव कर रहे हैं ,वो तेज़ी से हज़म होने के बदले धीरे धीरे हज़म हो.उसने फ़ाइबर की मात्रा अधिक और कार्बोहाईड्रेट्स कम होने चाहिएँ जिससे ब्लड शुगर लेवल के स्तर को बनाए रखने में मदद मिले

२-कुटट्टू-हाल के अध्ययनों में पाया गया है कि,कूटट्टू खाना मधुमेह के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद होता है.यह अनाज अच्छे फ़ाइटोन्यूट्रिएंट्स,फाइबर की आपूर्ति करके और बढ़ती इंसुलिन स्त्राव को कम करके जीर्ण शुगर की समस्या के प्रबंधन में बहुत मददगार हो सकता है.

3-क्विनोवा-प्रोटीन से भरपूर है और इसे अनाजों का राजा कहा जाता है,साथ ही इसका ग़्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम है,जिसका मतलब यह है कि यह ब्लड शुगर के स्तर में इज़ाफ़ा नहीं करेगा. क्विनोआ अमीनो ऐसिड़्स का पैकेज माना जाता है.इसलिए डायबिटीज़ के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद माना गया है

4-चिया सीड्ज़ या सब्ज़ा-फ़ाइबर से भरपूर होने के कारण चिया सीड्ज़ में,ओमेगा३ एस,कैलशियम और एंटीओक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं.चिया सीड्ज़,रक्त में गलूकोज़ की मात्रा को कान करके ,व्यक्ति की भूख को कम करते हैं.

5-पिसे हुए फलेक्स सीड्ज़- फलेक्ससीड्ज़ में पाये जानेवाले गोंद नुमा ( म्युसीलेज) फ़ाइबर को,डायबिटीज़ के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद माना गया है. म्युसीलेज पाचन की प्रक्रिया को धीमा करने और भोजन से मिलने वाले गलूकोज़ को पचाने में मदद करता है,साथ ही इसे रक्त में धीरे धीरे जारी करता है

6- बाज़रा-बाजरे में डाईट्री फ़ाईबर होने के चलते इसे डायबिटीज़ के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद माना गया है.

7- जौ-स्वीडन के लुँड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन में ये बात सामने आयी कि जौ के ज़रिए ग़ट हॉर्मोन को बढ़ाया जा सकता है जो मैटाबोलिज्म को बढ़ाता है,और भूख को स्थिर करने में मदद करता है.इसके अलावा अध्ययन से भी पता चलता है कि जौ खाने से दिल से जुड़ी बीमारी और मधुमेह से दूरी बनायी जा सकती है.

8-रागी -रागी की फ़सल ग्लूटेन फ़्री(लॉस-मुक्त)गुणों के लिए जानी जाती है.रागी में टोटल कोलेस्ट्रोल,एलडीएल कौलेस्ट्रोल,ट्राईग़्लिसराइड लेवल्ज़ को कम करने और एंटीबायटिक गुण मौजूद होते हैं-इसी से ये शुगर के मरीज़ केलि

9-रामदाना -एमरैंथ यानी चौलाई/रामदाना,डायबिटीज़ से लड़ने के गुणों और एंटीऔक्सीडेंटिव तत्वों के मौजूद होने के लिए जाना जाता है.प्रोटीन,खनिज,विटामिन B,लिपिड काफ़ी मात्रा में पाए जाने के कारण,इसे डायबिटीज़ जैसे विकार को रोकने और इसे कम करने में इस्तेमाल में लाया जाता है

10-काबुली चना-काबुली चना एक तरह का घुलनशील फाइबर है,जो न सिर्फ़ ब्लड कौलेस्टरौल लेवल को कम करता है,बल्कि हमारे ख़ून में शुगर के धीमे अवशोषण में भी मदद करता है.इसमें रीफाइंड कार्बोहायड्रेटस के बदले ,कौपलेक्स कार्बोहायड्रेट् पाया जाता है,जिससे हमारे शरीर की पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और शरीर ऊर्जा का इस्तेमाल ज़्यादा फ़ायदेमंद तरीक़े से करता है.साथ ही इसका ग़्लाईसेमिक लोड कम होने के चलते ये डायबिटीज को रिवर्स करने में भी सहायक सिद्ध होता है

11-साबुत मूँग स्प्राउट्स-बी वायटमिन,पोटेशियम,मैगनेशियम,फ़ोसफ़ोरस  जैसे कई पोशाक तत्वों के अच्छे स्त्रोत मूँग स्प्राउट्स,डायबिटीज़ के रोगियों के लिए सर्वोत्तम आहार हैं.इनका सेवन सलाद,और ढोकला के रूप में किया जा सकता है.

12-सोया बीन-शोधकर्ताओं के अनुसार सोयाबीन में सोया बायोएक्टिव कंपाउंड(यौगिकों)आइसोफ़्लेवोनेस नामक खाद्य पदार्थों के ज़रिए डायबिटीज और ह्रदय के ख़तरे को कम करने में मदद मिलती है.साथ ही डायबिटीज़ से ग्रसित लोगों के ग्लूकोज़ टोलरेंजस में भी सुधार देखा गया है,यानी शरीर में ग्लूकोज आसानी से हज़म हो जाता है और इंसुलिन थोड़ा बेहतर तरीक़े से काम करता है.

13-मल्टीग्रेन आटा-इन सब मापदंडों को देखते हुए बाज़ार में कई तरीक़े के डायबिटिक फ़्रेंड्ली आटे की क़िस्में देखने को मिलती हैं जिन्हें,ऑनलाइन shoping करके या सुपरमार्केट से मँगवा सकते हैं .जैसे “जीव डायबिटिक आटा” “पतांजलि आटा”,”आशीर्वाद मल्टीग्रेन आटा “

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