Posture
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‘पॉश्चर गड़बड़ होना मतलब दिनभर औए हमेशा की दिक्कत।’ सोनल आजकल अक्सर यही कह देती हैं। दरअसल लाख सुधारों के बाद भी बॉडी पॉश्चर ना सुधार पाना सोनल के लिए दुखदायी हो गया है। उन्होंने जरूर मेहनत की होगी पॉश्चर सुधारने की लेकिन कुछ खास चिकित्सीय सलाह के सहारे पॉश्चर में सुधार आसान हो जाता है। खास बात ये भी है कि पॉश्चर सुधारने के साथ कई सारी शारीरिक दिक्कतों में भी सुधार हो जाता है और जिंदगी आसान हो जाती है। लेकिन हां, ये भी याद रखा जाना चाहिए कि अगर बचपन से ही इस पर ध्यान दिया जाए तो बड़े होकर पॉश्चर से जुड़ी समस्या होगी ही नहीं। मगर ये हमेशा संभव नहीं है। संभव है तो सुधार, जो किसी भी उम्र में हो सकता है। चिकित्सीय सलाह के साथ कैसे सुधारा जा सकता है पॉश्चर आइए जानें-
कुर्सी पर बैठें तो-
आजकल लैपटॉप पर काम करना ही होता है और इसके लिए कुर्सी पर बैठना भी पड़ता है। जब कुर्सी में बैठें तो याद रखें कि गर्दन और पीठ का लेवल एक ही हो। साथ ही पीठ को कुर्सी से सटा कर भी रखना चाहिए। अगर ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठे रहना है तो पैर को किसी छोटे स्टूल पर रख लें या फिर टेबल के डंडे पर भी पैर रख सकते हैं। इस दौरान याद रखें कि घुटनों का स्तर कूल्हों से ऊपर हो। इसके साथ गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी एक सीध में होनी चाहिए। 
किचन में सुधार-
आजकल ज़्यादातर महिलाएं किचन में खड़े होकर ही काम करती हैं। जबकि इस दौरान सिर्फ खड़े रहने से अच्छा होगा कि एक पैर थोड़ा ऊपर रख लिया जाए। ऐसा करने से बॉडी पॉश्चर अच्छा रहेगा। 
कमर दर्द और ताकिया-
अगर आपको कमर दर्द की शिकायत है तो ध्यान दीजिए लेटते समय घुटनों के नीचे तकिया रख लीजिए। साथ ही कभी पेट के बल ना लेटें। 
बिस्तर पर लेटें ऐसे-
बिस्तर पर लेटने की प्रक्रिया का भी एक सही तरीका होता है। इसमें आपको पहले बिस्तर पर लेटना होता है। फिर एक हाथ और कोहनी के सहारे बिस्तर पर टेक लेनी होती है। फिर बिस्तर पर लेटना होता है। 
गद्दा कैसा हो-
ज्यादातर लोग मुलायम गद्दे की चुनते हैं जबकि एक्सपर्ट इसको गलत मानते हैं। उनके हिसाब से गद्दे हमेशा सख्त होने चाहिए। 
घुटने में दर्द और सीढ़ी-
घुटनों में दर्द हो तो ये जरूरी बिलकुल नहीं है कि आपको सीढ़ियां चढ़नी ही ना पड़े। इसलिए जब भी सीढ़ी चढ़ें तो दिक्कत वाले पैर को कभी भी पहले न रखें बल्कि सही पैर को पहले रखें। इसके साथ सीढ़ी उतरने की बारी आए तो दिक्कत वाले पैर को पहले रखना चाहिए। सही पैर को इसके बाद रखें, आपको आराम जरूर मिलेगा। 
(फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुब्रोतो भद्रा से बातचीत पर आधारित)

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