Summary: कंधों को स्लिम और टोन करने के लिए करें ये 8 असरदार योगासन
अगर स्लीवलेस आउटफिट में आपके कंधे भारी दिखते हैं, तो ये योगासन उन्हें मजबूत और सुडौल बनाने में मदद कर सकते हैं।
हाई प्लैंक से लेकर व्हील पोज़ तक, ये आसन कंधों की चर्बी घटाकर बॉडी को टोन और फिट बनाते हैं।
Yoga for Toned Shoulders: अगर आपको स्लीवलेस ब्लाउज या स्लीवलेस कुर्ती पहनने का शौक है लेकिन आपको ऐसा लगता है कि इसमें आपके कंधे मोटे दिखते हैं तो इस लेख को पढ़ें। आज इस लेख में हम आपको उन योग आसनों के बारे में बताने जा रहे हैं, आपके कंधों को सुडौल और मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इन योग आसनों में हाई प्लैंक, साइड प्लैंक, व्हील पोज़ जैसे आसन शामिल हैं। आइए जानते हैं।
फलकासन

फलकासन को हाई प्लैंक पोज़ भी कहा जाता है। यह कंधों, पैरों, कलाई, ट्राइसेप्स और बाइसेप्स के एंजबूती और सुडौल लुक पाने में मदद करता है। यह कोर एंड्यूरेन्स बनाने में भी मदद करता है। इसमें शरीर को हाथों और पैरों की उंगलियों पर एक सीधी लाइन में रखकर किया जाता है।
अधोमुख श्वानासन

इसे डाउनवर्ड फेसिंग डॉग भी कहा जाता है, जो शरीर के ऊपरी हिस्से, हाथ, कंधे, पेट और पैरों सहित पूरे शरीर को मजबूत बनाने के लिए है। यह पीठ, टखनों, पिंडलियों, हैमस्ट्रिंग और रीढ़ की हड्डी को भी स्ट्रेच करता है। इसे करने के लिए जमीन पर घुटनों के बल आएं और हथेलियों को सामने की ओर फैलाकर रखें। अब शरीर को ऊपर उठाते हुए पैरों के पंजों के बल खड़े हो जाएं, लेकिन ध्यान रखें कि आपके हाथ जमीन पर ही होने चाहिए। अपनी नाभि की ओर देखिए।
चतुरंग दंडासन

चतुरंग दंडासन को लो प्लैंक पोज़ कहा जाता है, जिसमें आपका शरीर फर्श के बराबर होता है और आपके पैर की उंगलियां और हथेलियां इसे सपोर्ट करती हैं। यह कंधों, बाहों और पैरों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह आपके शरीर के ऊपरी हिस्से और कोर को भी मजबूत करता है।
अर्ध पिन्च मयूरासन

इसे डॉल्फिन पोज़ कहा जाता है, जो पैरों के आर्च को एक्टिव करने के साथ कंधों, भुजाओं, ऊपरी शरीर और पैरों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह आपको हेडस्टैंड और फोरआर्म बैलेंस जैसे आसनों के लिए भी तैयार करता है। इसके अलावा, यह एंजायटी, सिर दर्द, इनसोमनिया और थकान को दूर करके शरीर और मस्तिष्क दोनों को रिलैक्स करता है।
भुजंगासन

इसे कोबरा पोज़ कहा जाता है, जिसके लिए आप अपने पेट के बल लेटते हैं और अपने कंधों को ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं, साथ ही आपकी बाहें आपके ऊपरी शरीर को सहारा देती हैं। यह पीठ को स्ट्रेच करने के साथ चेस्ट को भी खोलता है। यह कमर की चर्बी को दूर करने और पेट के मोटापा को कम करने में भी फायदेमंद है।
वशिष्ठासन

वशिष्ठासन को अंग्रेजी में साइड प्लैंक कहा जाता है, जो आपके कंधों और कोर को स्थिर करने में मदद करता है। यह आपके पोस्चर को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है, साथ ही शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत करने में इसका अहम योगदान है। इससे संतुलन पाने में भी मदद मिलती है।
चक्रासन
इसे चक्रासन या व्हील पोज़ भी कहा जाता है, जो आपके चेस्ट को खोलने और आपके कंधे को मजबूत करने में मदद करता है। यह हिप्स को भी खोलता है और कंधों की जकड़न को कम करता है। यह मांसपेशियों को टोन करने के साथ ही फ्लेक्सिबल भी बनाता है।
भरमानासन

इसे टेबल टॉप पोज़ कहा जाता है, जो आगे की ओर झुकने वाला आसन है। इसमें आपको अपने हाथों और पैरों को एक सीध में रखना होता है। यह आपकी भुजाओं, कंधों, कलाइयों, कूल्हों, कोर, जांघों, घुटनों और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाना के साथ फ्लेक्सिब्ल भी करता है।
