कोरोना वायरस का दिन प्रतिदिन खतरा बढ़ रहा है और उसके बढ़ते मरीजों की संख्या भी इस कारण बहुत सी गलत जानकारियां भी लोगों तक पहुंच रही है।इससे बच्चे भी अछूते नहीं और यह गलत जानकारियां बच्चों को डरा रही हैं। तरह तरह की सनसनी खबरें रोज टीवी और सोशल मीडिया पर आने से बच्चे घबरा रहे हैं।कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं डरा हुआ इन खबरों से। बच्चे को सही जानकारी दें। उसका डर दूर करें। आइए जानते हैं कैसे? 

एक समय ऐसा था जब सड़कों पर लोग ही लोग नजर आया करते थे, दौड़ भाग भरी ज़िंदगी, ऑफिस जाते लोग, बस में भरकर स्कूल जाते बच्चे जिनके पास लौटते समय दिनभर के लिए कई कहानियां इकठ्ठा हो जाया करती थीं। लेकिन अचानक सब रुक सा गया। कोविड-19 के कहर से दुनिया रुक सी गई और हम सब अपने घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए। ऐसा स्थिति बड़े बुजुर्गों और वयस्कों ने अपने जीवन में कभी नहीं देखी तो बच्चों के लिए सोचिए यह समय क्या उधेड़ बुन लेकर आया होगा। उनके मन में इस मौजूदा स्थिति को लेकर कई सवाल हैं जिसके सवाल वह चाहते हैं। 

लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारेंटाइन जैसे शब्द हमारी डेली लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं ।तो बच्चों के मन में भी यह सवाल उभर रहे हैं कि ऐसा क्या है जो उन्हें घर के बाहर निकलने से रोक रहा है?ऐसे समय में बच्चों का स्ट्रेस लेवल वयस्कों की तरह ही बढ़ रहा है ।क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्या हो रहा है। इस गंभीर स्थिति में बच्चों की दिनचर्या की जिज्ञासाएं कैसे शांत करें और ऐसा करें कि वह स्ट्रेस में ना आएं। 

उन्हें सुनना ज़रूरी

बच्चों का मन शांत नहीं रहता। उनके मन में बहुत सारे सवाल उमड़ते हैं जिनके जवाब उन्हें देना ज़रूरी है। ऐसे में अगर आप पेरेंट हैं तो कोशिश करें कि बच्चे की बातों को जितना अधिक सुन सकते हैं सुनें। लॉकडाउन को लेकर वह कैसा महसूस कर रहे हैं, उनके लिए लॉकडाउन क्या है? कोविड-19 के बारे में वह कितना जानते हैं? इन विषयों पर वह जो भी कहें उसे सुनें और जो सही बातें हों उन्हें ज़रूर बताएं। इससे बच्चे का ज्ञान तो बढ़ेगा ही उसमें ऐसे विषयों को और समझने की जागरूकता आएगी। 

बुक रीडिंग हैबिट डिवेलप करें
यह बेस्ट टाइम है बच्चों में रीडिंग हैबिट डिवेलप करवाने का बच्चों को पढ़ने के लिए कुछ अच्छी किताबें दें या ऑनलाइन उपलब्ध ई बुक्स पढ़वायें। साथ ही खाली समय में बच्चों को मैथ्स साइंस जैसे विषयों पर कोई न कोई टिप्स बतायें। हां बस इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे असमय स्कूल बंद होने की वजह से पढ़ाई से पीछे ना हो, इसलिए दिन के 2 घंटे स्कूल स्टडीज के लिए भी सेट करें।यह समय उनमें रीडिंग हैबिट डालने का सबसे सही समय है। इससे बच्चे के मन का विकास तेजी से होगा। अगर आपके बच्चे को किताब वगैरह पढ़ने में रूचि न हो तो आप उसे खुद कुछ पढ़कर सुनाएं। इससे उसकी इमेजिनेशन पॉवर बढ़ेगी।

यादें बनाएं

पता नहीं, इतना खाली समय ज़िंदगी में दोबारा मिलेगा या नहीं, इसलिए बच्चे के साथ मिले इस वक्त को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ें। उसके साथ कुकिंग में हाथ आजमाएं, पौधे लगाएं, कपड़े धोएं, घर के छोटे-मोटे कामों को उसके साथ करें, मूवी देखें या उसका कोई पसंदीदा शो देखें। इन पलों को तस्वीरों या वीडियो में कैप्चर करें ताकि जब ज़िंदगी में पीछे मुड़कर देखें तो बच्चे और आपके लिए यह ना भूलने वाला दौर साबित हो। उसके साथ पेंटिंग, डांसिंग, सिंगिंग की ऑनलाइन क्लासेस लें जिससे उसके स्किल्स तो सुधरेंगे ही, साथ में आपकी बॉन्डिंग भी मजबूत होगी।

बच्चे की पसंद की एक्टिविटी
यदि आपके बच्चे को ड्राइंग पेंटिंग डांस सिंगिंग या इंस्ट्रूमेंट पसंद है तो अप्रिशिएट करें और उसके साथ आप भी इंटरेस्ट लें। असमय में स्कूल,आफिस बंद होने का सदुपयोग करें ।यह बेस्ट टाइम होगा आप लोगों की बॉन्डिंग स्ट्रांग बनाने के लिए।