Summary: नवरात्रि स्पेशल: घर पर बनाएं कुरकुरी और स्वादिष्ट साबूदाना टिक्की
नवरात्रि के व्रत में स्वाद और ऊर्जा दोनों देने वाली साबूदाना टिक्की एक बेहतरीन फलाहारी स्नैक है। यह बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है, जिसे घर पर बहुत आसानी से बनाया जा सकता है।
Sabudana Tikki: नवरात्रि का पावन समय एक बार फिर आ गया है, और इसके साथ ही आती है व्रत रखने और विशेष फलाहारी व्यंजनों का आनंद लेने की परंपरा। इन नौ दिनों में, जब हम देवी दुर्गा की भक्ति में लीन होते हैं, तो अक्सर कुछ ऐसा खाने का मन करता है जो न केवल पेट भरने वाला हो, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब हो और हमें ऊर्जा प्रदान करे। ऐसे में साबूदाना टिक्की एक बेहतरीन विकल्प है। यह बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है, और इसे बनाना भी बहुत आसान है।
आज हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं साबूदाना टिक्की बनाने की एक ऐसी रेसिपी, जो आपके व्रत के खाने को और भी मजेदार बना देगी। यह इतनी स्वादिष्ट बनती है कि व्रत न रखने वाले भी इसे चट कर जाएंगे! यह न सिर्फ बनाने में सरल है, बल्कि उन सामग्रियों से बनती है जो भारत के हर घर में आसानी से उपलब्ध होती हैं।

Sabudana Tikki recipe
Ingredients
Method
- सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है साबूदाने को ठीक से भिगोना। 1 कप मध्यम आकार का साबूदाना लें और उसे 2-3 बार पानी से अच्छी तरह धो लें। यह अतिरिक्त स्टार्च को हटाने में मदद करेगा और टिक्की को चिपचिपा होने से बचाएगा। धोने के बाद, साबूदाने को एक चौड़े बर्तन में फैला लें। अब इसमें उतना ही पानी डालें जिससे साबूदाना बस थोड़ा सा डूब जाए (पानी का स्तर साबूदाने के स्तर से लगभग ½ इंच ऊपर होना चाहिए)। इसे 4-5 घंटे या रात भर के लिए भिगो दें।

- जब साबूदाना अच्छी तरह से फूल जाए, तो उसे एक बड़े कटोरे में निकाल लें। सुनिश्चित करें कि उसमें अतिरिक्त पानी न हो; यदि है तो उसे हल्के हाथ से निचोड़ लें। अब इसमें 2 मध्यम आकार के उबले और मैश किए हुए आलू डालें। इसके साथ ही ¼ कप दरदरी पिसी हुई भुनी हुई मूंगफली का पाउडर, 2-3 बारीक कटी हुई हरी मिर्च, 1 इंच कद्दूकस किया हुआ अदरक, और 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें। अंत में, स्वादानुसार सेंधा नमक और ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर डालें। सभी सामग्री को एक जगह इकट्ठा करने से बनाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

- अब सारी सामग्री को अपने हाथों से अच्छी तरह मिलाना शुरू करें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी मसाले और सामग्री साबूदाने और आलू के साथ अच्छी तरह से मिल जाएं। मिश्रण को तब तक मसलते और मिलाते रहें जब तक यह एक नरम आटे जैसा न बन जाए। यह थोड़ा चिपचिपा हो सकता है, लेकिन चिंता न करें, यह सामान्य है। यदि मिश्रण बहुत अधिक चिपचिपा लगता है, तो आप 1-2 बड़े चम्मच सिंघाड़े का आटा या राजगीरे का आटा मिला सकते ।

- अब अपनी हथेलियों को हल्का सा तेल या घी लगाकर चिकना कर लें ताकि मिश्रण चिपके नहीं। तैयार मिश्रण में से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लें और उसे अपनी हथेलियों के बीच दबाकर गोल आकार दें। फिर इसे थोड़ा चपटा करके टिक्की का आकार दें। आप अपनी पसंद के अनुसार छोटी या बड़ी टिक्की बना सकते हैं। सुनिश्चित करें कि टिक्की के किनारे चिकने हों और उसमें कोई दरार न हो, क्योंकि दरारें होने पर टिक्की तलते समय टूट सकती है। सारी टिक्की इसी तरह तैयार करके एक प्लेट में रखते जाएं। यह टिक्की बनाने का सबसे मजेदार हिस्सा है, जहां आप अपनी रचनात्मकता दिखा सकते हैं!

- एक भारी तले वाली कड़ाही या नॉन-स्टिक पैन में पर्याप्त तेल या घी गरम करें ताकि टिक्की डीप फ्राई या शैलो फ्राई हो सके। तेल को मध्यम आंच पर गरम होने दें। जब तेल पर्याप्त गरम हो जाए (आप तेल में एक छोटा सा टुकड़ा डालकर जांच सकते हैं, अगर वह तुरंत ऊपर आ जाए और बुलबुले बनने लगें तो तेल तैयार है), तो एक-एक करके टिक्की को गरम तेल में सावधानी से डालें।
- कड़ाही को बहुत ज्यादा टिक्की से न भरें, क्योंकि इससे तापमान गिर जाएगा और टिक्की कुरकुरी नहीं बनेगी। टिक्की को सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक तलें। बीच-बीच में उन्हें पलटते रहें ताकि वे दोनों तरफ से समान रूप से पकें। इसमें प्रति बैच लगभग 4-6 मिनट लग सकते हैं। जब टिक्की सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, तो उन्हें तेल से निकालकर एक अब्सॉर्बेंट पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।

- आपकी स्वादिष्ट और कुरकुरी साबूदाना टिक्की अब परोसने के लिए तैयार है! इसे हरी धनिया और दही की चटनी (व्रत वाली) या पुदीने की चटनी के साथ गरमागरम परोसें। कुछ लोग इसे मीठी चटनी के साथ भी पसंद करते हैं। आप चाहें तो ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस भी निचोड़ सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा। यह टिक्की इतनी मजेदार होती है कि इसे किसी भी चटनी के बिना भी खाया जा सकता है। यह नवरात्रि के व्रत में आपकी भूख को शांत करने और आपको ऊर्जा देने का एक शानदार तरीका है। तो लीजिए, आपकी मेहनत रंग लाई और आपने एक लाजवाब फलाहारी व्यंजन तैयार कर लिया है!

Notes
- साबूदाने को भिगोने का तरीका: साबूदाने को भिगोते समय पानी की मात्रा बहुत महत्वपूर्ण होती है। बहुत अधिक पानी साबूदाने को चिपचिपा बना देगा, और बहुत कम पानी उसे सख्त छोड़ देगा। हमेशा इतना पानी डालें कि साबूदाना बस थोड़ा सा डूब जाए। यदि साबूदाने को ठीक से नहीं भिगोया गया है, तो टिक्की कुरकुरी नहीं बनेगी और अंदर से कच्ची रह सकती है। आप रात भर भिगोने के बाद, सुबह अतिरिक्त पानी को निचोड़ कर हटा सकते हैं।
- आलू का चयन और उबालना: टिक्की के लिए सही आलू का चयन भी महत्वपूर्ण है। स्टार्च वाले आलू जैसे कि ज्योति या चिप्सोना (भारत में आसानी से उपलब्ध) सबसे अच्छे होते हैं, क्योंकि वे मिश्रण को अच्छी तरह बांधते हैं। आलू को बहुत ज्यादा न उबालें, क्योंकि वे पानी सोख लेंगे और मिश्रण को चिपचिपा बना देंगे। आलू को बस इतना उबालें कि वे नरम हो जाएं और आसानी से मैश हो सकें। उबले हुए आलू को पूरी तरह से ठंडा होने दें, फिर छीलकर मैश करें। गर्म आलू मिलाने से भी मिश्रण चिपचिपा हो सकता है।
- मूंगफली का जादू: भुनी हुई और दरदरी पिसी हुई मूंगफली टिक्की में एक अद्भुत स्वाद और कुरकुरापन जोड़ती है। मूंगफली को भूनकर ठंडा कर लें, फिर मिक्सर में दरदरा पीस लें। इसे बहुत बारीक पाउडर न बनाएं, क्योंकि दरदरापन टिक्की को बेहतर बनावट देता है। यह टिक्की को बांधने में भी मदद करता है और अखरोट जैसा स्वाद प्रदान करता है।
- तेल का तापमान: टिक्की तलते समय तेल का तापमान बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर तेल बहुत ठंडा होगा, तो टिक्की बहुत अधिक तेल सोख लेगी और नरम हो जाएगी। अगर तेल बहुत गर्म होगा, तो टिक्की बाहर से जल जाएगी और अंदर से कच्ची रह जाएगी। मध्यम गर्म तेल में टिक्की तलें और आंच को मध्यम बनाए रखें। इससे टिक्की अंदर तक पक जाएगी और बाहर से सुनहरी और कुरकुरी बनेगी।
- रिफ्रेशिंग फ्लेवर के लिए: आप टिक्की के मिश्रण में कुछ और चीजें जोड़कर स्वाद को बढ़ा सकते हैं। जैसे कि, 1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर, थोड़ी सी लाल मिर्च पाउडर (यदि आप तीखा पसंद करते हैं), या कद्दूकस किया हुआ गाजर (व्रत में कुछ लोग खाते हैं)। धनिया पत्ती के साथ पुदीने की पत्तियां भी मिलाई जा सकती हैं, जो एक ताजगी भरा स्वाद देंगी। नींबू का रस अंत में मिलाने से टिक्की में एक खट्टापन आता है जो उसके स्वाद को और उभारता है।






